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The News Air - Breaking News - Sejjil vs BrahMos: ईरान की ‘डांसिंग मिसाइल’ कितनी खतरनाक, जानें तुलना

Sejjil vs BrahMos: ईरान की ‘डांसिंग मिसाइल’ कितनी खतरनाक, जानें तुलना

ईरान ने इजरायल पर दागी Sejjil Missile जो 7 मिनट में तेल अवीव पहुंच सकती है, Iron Dome भी फेल: जानें भारत की BrahMos से कैसे अलग है यह मिसाइल

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 17 मार्च 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
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Sejjil vs BrahMos
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Sejjil vs BrahMos की चर्चा इस वक्त पूरी दुनिया में तेजी से हो रही है। मिडिल ईस्ट में भड़के युद्ध के बीच ईरान ने अपनी सबसे खतरनाक मानी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल Sejjil से इजरायल पर हमला कर दिया है। इस मिसाइल को “डांसिंग मिसाइल” कहा जाता है क्योंकि यह उड़ान के दौरान लगातार अपनी दिशा बदलती रहती है, जिससे इजरायल के Iron Dome जैसे शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी इसे रोकना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इस हमले के बाद से ही दुनियाभर में Sejjil की तुलना भारत की ताकतवर ब्रह्मोस मिसाइल से की जा रही है।

Sejjil Missile क्या है और इसे ‘डांसिंग मिसाइल’ क्यों कहते हैं?

Sejjil vs BrahMos की तुलना को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर Sejjil Missile इतनी खतरनाक क्यों मानी जाती है। ईरान ने इस मिसाइल को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है। यह एक मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अधिक ऊंचाई पर उड़ते समय यह लगातार अपनी दिशा बदल सकती है।

इसी खूबी की वजह से इसे “डांसिंग मिसाइल” का नाम दिया गया है। जब कोई मिसाइल हवा में लगातार अपना रास्ता बदलती रहे तो दुश्मन के रडार सिस्टम और एयर डिफेंस के लिए उसे ट्रैक करना और हवा में ही नष्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इजरायल का Iron Dome जिसे दुनिया के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है, वह भी इस मिसाइल के सामने कमजोर साबित हो रहा है।

सिर्फ 7 मिनट में तेल अवीव तक पहुंच सकती है Sejjil

Sejjil Missile की रफ्तार इतनी खतरनाक है कि यह ईरान से लॉन्च होने के बाद महज 7 मिनट के अंदर इजरायल की आर्थिक राजधानी तेल अवीव तक पहुंच सकती है। इसकी स्पिड 12,000 से 17,000 किलोमीटर प्रति घंटे की है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज मिसाइलों में से एक बनाती है।

सामान्य मिसाइलें तरल ईंधन से चलती हैं जिन्हें लॉन्च करने से पहले ईंधन भरने में काफी समय लगता है। लेकिन Sejjil Missile पूरी तरह सॉलिड फ्यूल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसका फायदा यह है कि इसे बहुत कम समय में लॉन्च किया जा सकता है, जिससे दुश्मन को संभलने या जवाबी कार्रवाई करने का मौका ही नहीं मिलता। यही बात इसे युद्ध के मैदान में और भी घातक बना देती है।

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Sejjil vs BrahMos: दो अलग मिसाइलें, दो अलग मकसद

Sejjil vs BrahMos की तुलना इसलिए हो रही है क्योंकि दोनों ही अपने-अपने देश की सबसे ताकतवर मिसाइलों में गिनी जाती हैं। लेकिन असल में दोनों मिसाइलें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं और इनका मकसद भी अलग है।

ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस की संयुक्त तकनीक से बनी एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। यह समुद्र की सतह को छूते हुए या जमीन के ऊपर बहुत कम ऊंचाई पर उड़ती है, जिसे “सी स्कीमिंग” कहा जाता है। इस वजह से दुश्मन के रडार इसे समय रहते पकड़ नहीं पाते। ब्रह्मोस लगभग 3,400 से 4,300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ती है और इसकी रेंज 400 से 900 किलोमीटर तक की है।

वहीं Sejjil एक भारी और ज्यादा दूरी तय करने वाली मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी रेंज 2,000 से 2,500 किलोमीटर तक है, यानी यह मिडिल ईस्ट के एक बड़े हिस्से को आसानी से कवर कर सकती है।

वॉरहेड, स्पीड और विनाशकारी ताकत की तुलना

Sejjil vs BrahMos में अगर वॉरहेड की बात करें तो ब्रह्मोस का वॉरहेड 200 से 300 किलोग्राम का है, जबकि Sejjil का वॉरहेड 500 से 1,000 किलोग्राम का है। इसका मतलब Sejjil में विस्फोटक क्षमता ब्रह्मोस से कहीं ज्यादा है, जो इसे बड़े पैमाने पर तबाही मचाने में सक्षम बनाती है।

ब्रह्मोस की सबसे बड़ी ताकत उसकी सटीकता है। यह जिस लक्ष्य पर दागी जाती है, उसे लगभग 100 प्रतिशत सटीकता से भेद सकती है। इसकी ट्रेजेक्टरी लो एल्टीट्यूड, सी स्कीमिंग और हाई टेरेन की होती है, जिससे दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस के लिए इसे इंटरसेप्ट करना बेहद कठिन हो जाता है।

Sejjil की सटीकता ब्रह्मोस जैसी नहीं है, लेकिन इसका मुख्य काम ही अलग है। यह लंबी दूरी पर बड़े पैमाने पर विस्फोट करने और भारी तबाही मचाने के लिए बनाई गई है। सीधे शब्दों में कहें तो ब्रह्मोस एक तेज, स्मार्ट और सटीक हमले के लिए जानी जाती है, जबकि Sejjil एक दूरबीन वाली भारी तोपखाने जैसी है जो बहुत दूर की जगह पर भारी तबाही मचा सकती है।

लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म में भी बड़ा फर्क

Sejjil vs BrahMos में लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म के मामले में ब्रह्मोस का पलड़ा भारी है। ब्रह्मोस मिसाइल जमीन, जहाज, पनडुब्बी और सुखोई जैसे फाइटर जेट से भी लॉन्च हो सकती है। इसकी यह बहुमुखी क्षमता इसे दुनिया की सबसे versatile मिसाइलों में से एक बनाती है।

वहीं Sejjil को ट्रक जैसे मोबाइल लॉन्चर वाहन पर रखा जाता है, जिससे इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर सेना इसे छुपा भी सकती है, जो युद्ध के दौरान एक बड़ा फायदा देता है। दुश्मन को पता ही नहीं चलता कि मिसाइल कहां से दागी जाएगी।

28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में अब तक 2,000 से ज्यादा मौतें

Sejjil Missile के इस्तेमाल ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को और भी खतरनाक मोड़ पर ला दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ यह सशस्त्र संघर्ष अब बेहद घातक रूप ले चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस युद्ध में अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश ईरान के नागरिक हैं।

अमेरिका ने अब तक ईरान के 15,000 से अधिक सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। दूसरी तरफ ईरान ने भी अमेरिका के सामने झुकने से साफ इनकार कर दिया है और अपनी खतरनाक मिसाइलों से इजरायल और अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

कुछ दिन पहले ही ईरान ने पानी के अंदर से दागी जाने वाली मिसाइल का जिक्र कर अमेरिका को खुली चेतावनी दी थी। अब Sejjil Missile के लॉन्च से तनाव और बढ़ गया है।

क्या यह युद्ध अब और खतरनाक मोड़ पर जाएगा?

Sejjil vs BrahMos की तुलना और Sejjil Missile के इस्तेमाल ने एक बात साफ कर दी है कि ईरान के पास वह तकनीकी ताकत मौजूद है जो दुनिया के सबसे उन्नत डिफेंस सिस्टम को भी चुनौती दे सकती है। ईरान का यह कदम बताता है कि वह इस युद्ध में पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

आम लोगों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। जब दो बड़ी ताकतें इस तरह की विनाशकारी मिसाइलों का इस्तेमाल करने लगें तो नागरिकों की जान का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 2,000 से ज्यादा मौतों के बाद भी अगर यह संघर्ष रुकने की बजाय और तेज हो रहा है, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह युद्ध रुकेगा या और विनाशकारी मोड़ लेगा।

‘मुख्य बातें (Key Points)’
  • ईरान ने अपनी सबसे खतरनाक Sejjil “डांसिंग मिसाइल” से इजरायल पर हमला किया, जो सिर्फ 7 मिनट में तेल अवीव पहुंच सकती है और Iron Dome भी इसे रोकने में नाकाम है।
  • Sejjil vs BrahMos तुलना में Sejjil की रेंज 2,000-2,500 किमी और वॉरहेड 500-1,000 किलोग्राम है, जबकि ब्रह्मोस की रेंज 400-900 किमी और वॉरहेड 200-300 किलोग्राम है।
  • ब्रह्मोस सटीक हमले (Precision Strike) के लिए बनाई गई है जबकि Sejjil बड़े पैमाने पर विनाश (Strategic Blast) के लिए डिजाइन की गई है।
  • 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 2,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और अमेरिका ने ईरान के 15,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

A: Sejjil Missile उड़ान के दौरान लगातार अपनी दिशा बदल सकती है, जिससे दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना और हवा में नष्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसी खूबी की वजह से इसे “डांसिंग मिसाइल” कहा जाता है।

Q2: Sejjil और BrahMos Missile में क्या अंतर है?

A: Sejjil एक मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी रेंज 2,000-2,500 किमी और स्पीड 12,000-17,000 किमी/घंटा है, जबकि BrahMos एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसकी रेंज 400-900 किमी और स्पीड 3,400-4,300 किमी/घंटा है। ब्रह्मोस सटीक हमले के लिए है, Sejjil बड़े पैमाने पर तबाही के लिए।

Q3: क्या इजरायल का Iron Dome Sejjil Missile को रोक सकता है?

A: Sejjil Missile हवा में लगातार अपनी दिशा बदलती रहती है और इसकी स्पीड 12,000-17,000 किमी/घंटा है, जिसकी वजह से इजरायल के Iron Dome जैसे एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना और इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

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