Rakesh Tikait Mansa Visit की खबर ने झोटा हत्याकांड के इंसाफ आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई ताकत दे दी है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत 24 अक्तूबर को मानसा में चल रहे धरने में शामिल होंगे।
दिलचस्प बात यह है कि यह मोर्चा अब सिर्फ एक स्थानीय आंदोलन नहीं रहा, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर के किसान नेताओं का भी समर्थन मिलने लगा है।
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पिता की भावुक अपील के बाद टिकैत का फैसला
भारतीय किसान यूनियन (लक्खोवाल टिकैत) के राज्य महासचिव सरूप सिंह रामा ने इसकी औपचारिक पुष्टि करते हुए बताया कि राकेश टिकैत पीड़ित परिवार से दुख साझा करने और इंसाफ की आवाज बुलंद करने के लिए खास तौर पर मानसा पहुंच रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें झोटा के पिता बेहद भावुक होते हुए कह रहे थे कि वे इंसाफ की इस लड़ाई में राकेश टिकैत का इंतजार कर रहे हैं। इसी अपील के बाद टिकैत ने मानसा आने का फैसला किया।
मानसा में लगातार भड़कता जा रहा है आंदोलन
झोटा की बेरहमी से हुई हत्या के बाद मानसा में इंसाफ की मांग को लेकर शुरू हुआ मोर्चा दिन-ब-दिन और तेज होता जा रहा है। स्थानीय लोग, नशा विरोधी फ्रंट और किसान जथेबंदियां लगातार कातिलों की जल्द गिरफ्तारी और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
इससे साफ होता है कि अब यह मुद्दा सिर्फ मानसा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे पंजाब और किसान संगठनों की सामूहिक चिंता बन चुका है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Rakesh Tikait Mansa Visit 24 अक्तूबर को होगी, वे झोटा के धरने में शामिल होंगे।
- झोटा के पिता की भावुक अपील वायरल होने के बाद टिकैत ने फैसला लिया।
- मानसा में नशा विरोधी फ्रंट और किसान संगठन कातिलों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
- यह आंदोलन अब स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर का बनता जा रहा है।











