INDIA Alliance Meeting Delhi Controversial Hoardings का मामला बुधवार को राजनीतिक गलियारों में खूब गरमाया जब INDIA गठजोड़ की अहम बैठक से ठीक पहले सेंट्रल दिल्ली में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाते हुए कई विवादित होर्डिंग्स लगाए गए। इन होर्डिंग्स पर विपक्ष की एकता और उनके नेताओं पर तीखा तंज कसा गया है। वहीं दूसरी तरफ, INDIA गठजोड़ ने यह बैठक वोटर सूचियों की विशेष सुधाई (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के विवादित फैसलों के खिलाफ रणनीति तय करने के लिए बुलाई है।
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होर्डिंग्स पर क्या-क्या लिखा गया
अगर गौर करें तो इन होर्डिंग्स का कंटेंट काफी तीखा और सोचा-समझा है। एक होर्डिंग पर “जीते तो ECI को ताली, हारे तो ECI को गाली” जैसा संदेश लिखा गया। दूसरे पर “INDI Alliance का दोगलापन” और “Hypocrisy at its peak” जैसी पंचलाइन दी गईं। कुछ होर्डिंग्स को दो हिस्सों में बांटा गया था: “जब जीतते हैं” और “जब हारते हैं” के नाम से, जिसमें विपक्षी नेताओं के अलग-अलग बयान दिखाकर उन्हें दोहरे मापदंड वाला बताने की कोशिश की गई।
समझने वाली बात यह है कि ये होर्डिंग्स ठीक बैठक वाले दिन लगाए गए, जो साफ इशारा करता है कि इनका मकसद विपक्ष की एकता पर सवाल खड़े करना था।
बैठक में कौन-कौन शामिल हो रहा है
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में INDIA गठजोड़ के तकरीबन सभी बड़े चेहरे जुट रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद रहेंगे। तृणमूल कांग्रेस से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी आएंगे।
RJD से तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी शिरकत करेंगे। दिलचस्प बात यह है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (JMM) और शिव सेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे।
और भी बड़े नाम हैं इस लिस्ट में
इसके अलावा NCP (SP) से सुप्रिया सुले, CPM के एम.ए. बेबी, CPI के डी. राजा, CPI (ML) के दीपांकर भट्टाचार्य, RSP के एन.के. प्रेमचंद्रन, IUML के सादिक थंगल, VCK प्रमुख थिरुमावलवन, MDMK नेता डी. वाइको और आजाद राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल भी इस रणनीतिक बैठक का हिस्सा बनेंगे।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर विपक्षी नेताओं का एक जगह जुटना इस बात का संकेत है कि विपक्ष चुनाव आयोग के मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रहा है।
बैठक का असली एजेंडा: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
INDIA Alliance Meeting Delhi Controversial Hoardings के बीच इस बैठक का मुख्य एजेंडा CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की रणनीति तय करना है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग ने वोटर सूचियों की विशेष सुधाई (SIR) प्रक्रिया को एक “हथियार” की तरह इस्तेमाल करके लाखों वोटरों को लिस्ट से बाहर किया है, खासकर उन समुदायों से जो विपक्ष के समर्थक माने जाते हैं।
इससे साफ होता है कि विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में अविश्वास प्रस्ताव या CEC को हटाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर रहा है। AAP और DMK जैसी पार्टियों ने पहले ही इस कदम का समर्थन करने की बात कही है।
चुनाव आयोग के अंदर भी चल रहा विरोध
हैरान करने वाली बात यह है कि विपक्ष ही नहीं, खुद चुनाव आयोग के अंदर भी CEC के फैसलों पर असहमति दर्ज हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में कम से कम 14 बार SIR प्रक्रिया से जुड़े एकतरफा फैसलों पर आपत्ति दर्ज कराई। इसमें Form 6 (वोटर रजिस्ट्रेशन) में बदलाव और चुनावी डेटा के केंद्रीकृत प्रबंधन जैसे मसले शामिल थे।
यह दर्शाता है कि मामला सिर्फ राजनीतिक विरोध का नहीं है: अगर आयोग के अंदर ही 14 बार आपत्ति दर्ज हुई, तो स्थिति वाकई में गंभीर है।
BJP ने भी कसा पलटवार
वहीं BJP ने INDIA गठजोड़ की इस बैठक पर जमकर पलटवार किया है। BJP मीडिया विभाग के राष्ट्रीय संयोजक आशीष उषा अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर विपक्ष की एकता का मजाक उड़ाते हुए कहा कि “बैठक शुरू होने से पहले ही विपक्षी दल एक-दूसरे से किनारा करने लगे हैं।” BJP का कहना है कि विपक्ष चुनावी हार का बहाना ढूंढ रहा है।
आम मतदाता पर क्या पड़ेगा असर
उम्मीद की किरण यह है कि अगर विपक्ष का SIR प्रक्रिया पर दबाव कामयाब होता है, तो वोटर लिस्ट में पारदर्शिता बढ़ेगी। लेकिन अगर यह मामला सिर्फ राजनीतिक दांव-पेंच तक सीमित रह गया, तो आम मतदाता का भरोसा चुनावी प्रक्रिया से और कम होगा।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
INDIA गठजोड़ पिछले कई महीनों से चुनाव आयोग पर निशाना साध रहा है। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के जरिए कुछ खास समुदायों के वोटर लिस्ट से नाम हटाए गए। इसी मुद्दे पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन भी हो चुके हैं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR एक नियमित प्रक्रिया है जो वोटर लिस्ट की सटीकता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- INDIA गठजोड़ की बैठक से पहले सेंट्रल दिल्ली में विपक्षी नेताओं पर तंज कसते Controversial Hoardings लगाए गए
- बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव समेत 20 से ज्यादा बड़े नेता शामिल हो रहे हैं
- मुख्य एजेंडा CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की रणनीति और SIR वोटर सूची विवाद पर संयुक्त रणनीति तय करना है
- चुनाव आयोग के अंदर भी दो आयुक्तों ने CEC के एकतरफा फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज कराई
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