चंडीगढ़, 4 नवंबर (The News Air) पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (‘आप’) के वरिष्ठ नेता एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा स्वर्गीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सरदार बूटा सिंह के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए इस घटना को सिर्फ एक “गलती” नहीं बल्कि “जातिवादी अहंकार से उपजा अपराध” बताया। उन्होंने राजा वड़िंग द्वारा लोगों के विरोध के बाद मांगी गई माफ़ी को “मामले को दफन करने की कोशिश” करार देते हुए सिरे से खारिज किया।
आज पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ज़ोर देकर कहा कि राजा वड़िंग का राजनीतिक अनुभव — जिसमें वे ऑल इंडिया यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रधान, तीन बार विधायक, कैबिनेट मंत्री और वर्तमान सांसद रहे हैं — यह दर्शाता है कि उन्हें ऐसे बयानों से बचने की पूरी समझ होनी चाहिए। चीमा ने कहा कि इतना अनुभव रखने वाले व्यक्ति द्वारा किसी प्रमुख राजनीतिक शख़्सियत को उसकी जाति के आधार पर निशाना बनाना कोई भूल नहीं, बल्कि “जातिवादी अहंकार से प्रेरित अपराध है, जिसने असंख्य लोगों की भावनाओं को गहराई से आहत किया है और जो कानूनन दंडनीय है।”
वित्त मंत्री ने स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे कोई सामान्य व्यक्ति नहीं थे, बल्कि एम.ए., पी.एच.डी. धारक, अत्यंत शिक्षित व्यक्ति और स्वयं कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं में से एक थे। उन्होंने कहा कि सरदार बूटा सिंह ने एक अध्यापक और पत्रकार के रूप में कार्य करने के बाद भारत के शक्तिशाली केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में प्रतिष्ठा अर्जित की। चीमा ने इस घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि इतनी महान हस्ती को उनकी ही पार्टी के एक जातिवादी और अहंकारी नेता द्वारा अपमानित किया गया।
उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब कांग्रेस नेताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान से मिले अधिकारों के बल पर ऊँचे पदों तक पहुँचे दलित वर्ग के लोगों के प्रति अपमानजनक रवैया दिखाया हो। उन्होंने कांग्रेस नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और सुनील जाखड़ के पुराने जातिवादी बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मौके पर टिप्पणी की गई थी कि “अगर पंजाब में टट्टू की जगह अरबी घोड़े पर दाँव लगाया गया होता, तो नतीजे अलग होते।”
चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के ऐसे बयान पार्टी में व्याप्त जातिगत अहंकार को उजागर करते हैं।
वित्त मंत्री ने माँग की कि कांग्रेस पार्टी तुरंत अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पार्टी से निष्कासित करे, अन्यथा यह उनकी लंबे समय से चली आ रही दलित-विरोधी मानसिकता की पुष्टि होगी। उन्होंने कहा कि गुरुओं और पीरों के संदेशों से प्रेरित पंजाब की धरती किसी भी व्यक्ति का जाति के नाम पर अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
वित्त मंत्री ने कांग्रेस की इन हरकतों के विपरीत पंजाब में ‘आप’ सरकार के समानता के प्रयासों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार इस समय श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस समारोहों के दौरान उनके दिए मानव समानता के संदेश का प्रसार कर रही है। साथ ही सरकार बाबा जीवन सिंह (भाई जैता जी), जिन्हें दसवें गुरु साहिब द्वारा ‘रंगरेटा गुरु का बेटा’ कहा गया था, जैसी विभूतियों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में सक्रिय है।
चीमा ने कांग्रेस नेताओं के आचरण को “पार्टी की असली मानसिकता” बताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब ‘आप’ सरकार बाबा जीवन सिंह जैसे महापुरुषों के वंशजों का सम्मान कर रही है, कांग्रेस नेता ऐसे आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राजा वड़िंग को अनुसूचित जाति आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जा चुका है और ‘आप’ की लीगल सेल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई करने के लिए मामले का अध्ययन कर रही है।
अपने वक्तव्य के अंत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी अपने गुरुओं की शिक्षाओं, शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सिद्धांतों और डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों से प्रेरित होकर सामाजिक एकता और कल्याण की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वचनबद्धता का प्रमाण पार्टी के हर कार्य में दिखता है — जहाँ भी ‘आप’ सरकार बनाती है, वहाँ सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री की तस्वीर की जगह शहीद भगत सिंह और डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र लगाए जाते हैं।








