LIVE | ...
शनिवार, 27 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Punjab Urea Scam: करोड़ों का घोटाला बेनकाब, किसानों की सब्सिडी वाली यूरिया मिल्कफेड-मार्कफेड प्लांट्स में पहुंची

Punjab Urea Scam: करोड़ों का घोटाला बेनकाब, किसानों की सब्सिडी वाली यूरिया मिल्कफेड-मार्कफेड प्लांट्स में पहुंची

पंजाब में खेती सेक्टर की सब्सिडी वाली यूरिया खाद कैटल फीड प्लांट्स में इस्तेमाल होने का करोड़ों रुपये का घोटाला उजागर

Ajay Kumar by Ajay Kumar
शनिवार, 27 जून 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब
A A
0
Punjab Urea Scam
104
SHARES
692
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Punjab Urea Scam: पंजाब में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। किसानों के लिए भेजी जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया खाद को प्राइवेट कंपनियों ने नए लेबल लगाकर मार्कफेड और मिल्कफेड के कैटल फीड प्लांट्स को सप्लाई कर दिया। खेती विभाग की जांच में यह करोड़ों रुपये का स्कैंडल पकड़ा गया है।

देखा जाए तो यह मामला सिर्फ एक घोटाला भर नहीं, बल्कि किसानों के साथ सीधा धोखा है। जब खेती विभाग को किसान नेताओं की शिकायतें मिलीं और उन्होंने मार्कफेड तथा मिल्कफेड के चार कैटल फीड प्लांट्स से यूरिया के नमूने लिए, तो पुष्टि हुई कि गैर-खेती उपयोग वाली यूरिया की जगह किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया इस्तेमाल की जा रही थी। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे खेल में प्राइवेट फर्मों के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका है।

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Voter List Update 2026: 24,453 BLOs ने शुरू की घर-घर गणना, CEO अनिंदिता मित्रा ने खुद भरा फॉर्म

क्या है पूरा मामला

हैरान करने वाली बात यह है कि कैटल फीड इंडस्ट्री में टेक्निकल ग्रेड यूरिया का इस्तेमाल होता है, जिस पर नीम के तेल की परत नहीं चढ़ी होती और इसकी पैकिंग सफेद रंग के थैलों में होती है। टेक्निकल ग्रेड यूरिया की कीमत करीब 61 रुपये प्रति किलो है और इस पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती। वहीं किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया पर नीम के तेल की परत चढ़ाई जाती है और यह पीले रंग के थैलों में सप्लाई होती है। समझने वाली बात यह है कि सब्सिडी वाली यूरिया की कीमत सिर्फ 5.91 रुपये प्रति किलो है।

अब सवाल यह उठता है कि सब्सिडी वाली यूरिया इन कंपनियों ने कहां से हासिल की? यह अपने आप में एक बड़ा रहस्य है। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी जिसमें करोड़ों की चपत लगाने की साजिश का पता चला।

🔍 यह भी पढ़ें- Punjab SC Commission से Ravneet Bittu ने मांगी लिखित माफी, धार्मिक स्थलों पर जाने का हुक्म

किन कंपनियों ने की सप्लाई

पंजाबी ट्रिब्यून की पड़ताल के अनुसार, मिल्कफेड और मार्कफेड के कैटल फीड प्लांट्स को गिद्दड़बाहा की मैसर्ज इंडो ऑर्गेनिक और मैसर्ज मनीषा ट्रेडिंग कंपनी, नई दिल्ली ने यूरिया की सप्लाई दी। मिल्कफेड और मार्कफेड के टेंडर्स के अनुसार इन फर्मों को टेक्निकल ग्रेड यूरिया (गैर-सब्सिडी वाला) सप्लाई करना था, लेकिन खेती विभाग को चेकिंग के दौरान प्लांट्स से जो यूरिया मिला, वह नीम की परत वाला और सब्सिडी वाला निकला।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि शक किया जा रहा है कि इन कंपनियों ने सब्सिडी वाली यूरिया को नए थैलों में भरकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इस घोटाले में मिल्कफेड और मार्कफेड के अधिकारियों की मिलीभगत भी बताई जा रही है।

💡 यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है ₹75 लाख का HBA!

चार प्लांट्स की जांच में क्या मिला

खेती विभाग ने मिल्कफेड की खन्ना स्थित कैटल फीड फैक्ट्री की चेकिंग की, जहां से 1340 बैग टेक्निकल ग्रेड यूरिया के मिले। इस खाद का सप्लाई रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर तो मौजूद था, लेकिन टेंडर की कॉपी, सप्लायर कंपनियों के लाइसेंस आदि पेश नहीं किए गए। जब खेती टीम ने खाद के तीन नमूने भरकर खाद परख लेबोरेट्री लुधियाना से जांच करवाई, तो यह सब्सिडी वाली यूरिया निकली। इन नमूनों में नीम तेल वाली यूरिया पाई गई जिसका इस्तेमाल किसान खेती के लिए करते हैं।

इसी तरह खेती विभाग ने मिल्कफेड की कैटल फीड फैक्ट्री बटाला की 22 जून को चेकिंग की, जिसमें 1740 बैग टेक्निकल ग्रेड यूरिया के मिले। इन बैगों पर किसी निर्माता कंपनी के बैच नंबर आदि नहीं थे। जब इस खाद के चार नमूनों की जांच करवाई गई, तो नीम तेल की परत वाली खाद की पुष्टि हो गई।

इसी प्रकार खेती विभाग की टीम ने मार्कफेड की कपूरथला कैटल फीड फैक्ट्री की 17 जून को चेकिंग की और इस फैक्ट्री से 300 बैग टेक्निकल ग्रेड यूरिया मिला। यहां से भरे एक नमूने की रिपोर्ट में इसके सब्सिडी वाली यूरिया होने की पुष्टि हो गई।

राजपुरा और गिद्दड़बाहा में भी छापे

राजपुरा में तीन फर्मों पर 17 जून को पुलिस केस भी दर्ज हुआ है, जिनके गोदाम से सब्सिडी वाली यूरिया मिली जो फैक्ट्री के लिए इस्तेमाल की जानी थी। मुक्तसर खेती विभाग की टीम ने जब मार्कफेड गिद्दड़बाहा स्थित कैटल फीड फैक्ट्री पर छापा मारा, तो वहां से टेक्निकल ग्रेड यूरिया के 380 बैग मिले। इन बैगों पर न तो निर्माता कंपनी का नाम था और न ही कोई अन्य विवरण मौजूद था। जिसके बाद खाद के 3 नमूने लिए गए।

किसानों के साथ धोखा

अगर गौर करें तो यह पूरा मामला किसानों के साथ सीधा धोखा है। एक तरफ किसानों को खेती के लिए सब्सिडी वाली यूरिया की कमी का सामना करना पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ उनकी सब्सिडी वाली खाद को प्राइवेट कंपनियां नए लेबल लगाकर मोटा मुनाफा कमा रही हैं। राहत की बात यह है कि खेती विभाग ने इस घोटाले को पकड़ लिया और संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

खेती मंत्री का सख्त रुख

खेती मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डीयां ने कहा कि जैसे ही उनके ध्यान में यह मामला आया, उन्होंने तुरंत विभाग की टीमें भेजीं। उन्होंने बताया कि चेकिंग के दौरान कैटल फीड प्लांट्स में यूरिया खाद के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं और संबंधित फर्मों पर केस दर्ज करवाए जा रहे हैं। खुड्डीयां ने कहा कि किसानी हितों के मामले पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह भी पढे़ं 👇

Strait of Hormuz Ship Attack

Strait of Hormuz Attack: सिंगापुर शिप पर हमला, US ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार, इवैक्यूएशन रोका

शनिवार, 27 जून 2026
Faridabad Police Scandal

Faridabad Police Scandal: पुलिस थाने से 32 लाइसेंसी हथियार गायब, ASI पर केस दर्ज

शनिवार, 27 जून 2026
Khan Sir

Khan Sir Arrest: फायरिंग मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर रोक 30 जून तक बढ़ी

शनिवार, 27 जून 2026
Pandoh Dam

Pandoh Dam Water Release: पंडोह डैम से 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा, बियास किनारे रहने वालों को अलर्ट

शनिवार, 27 जून 2026

यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। खेती विभाग ने इस घोटाले का पता लगते ही जिला पुलिस कप्तानों को प्राइवेट कंपनियों पर केस दर्ज करने के लिए पत्र लिख दिए हैं।

विवरणटेक्निकल ग्रेड यूरियासब्सिडी वाली यूरिया (किसानों के लिए)
कीमत61 रुपये प्रति किलो5.91 रुपये प्रति किलो
नीम तेल की परतनहींहां
थैले का रंगसफेदपीला
सब्सिडीनहींहां
उपयोगकैटल फीड इंडस्ट्रीखेती के लिए
अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका

चिंता का विषय यह है कि इस पूरे घोटाले में मिल्कफेड और मार्कफेड के अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। बिना अधिकारियों की जानकारी के यह सब कैसे संभव हो सकता है? यह सवाल उठना लाजमी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या सरकारी अधिकारियों ने इस घोटाले में कोई भूमिका निभाई है।

आम जनता पर असर

इस घोटाले का सीधा असर किसानों पर पड़ता है। किसानों को समय पर सब्सिडी वाली यूरिया नहीं मिल पाती और उन्हें मजबूरन महंगी यूरिया खरीदनी पड़ती है। इससे उनकी खेती की लागत बढ़ जाती है और मुनाफा कम हो जाता है। दूसरी ओर, प्राइवेट कंपनियां सस्ती सब्सिडी वाली यूरिया को महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रही हैं।

आगे की कार्रवाई

इस मामले में खेती विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी संदिग्ध कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस भी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही सभी दोषियों को पकड़ा जाएगा और उन्हें कानून के अनुसार सजा मिलेगी।

इस घोटाले से यह साफ होता है कि सरकारी योजनाओं में खामियां हैं जिनका फायदा बेईमान कंपनियां और अधिकारी उठा रहे हैं। सरकार को इस तरह के घोटालों को रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करनी होगी।


मुख्य बातें (Key Points)

• पंजाब में किसानों की सब्सिडी वाली यूरिया को प्राइवेट कंपनियों ने कैटल फीड प्लांट्स को सप्लाई किया

• मार्कफेड और मिल्कफेड के चार प्लांट्स से सब्सिडी वाली यूरिया मिली

• सब्सिडी वाली यूरिया 5.91 रुपये प्रति किलो जबकि टेक्निकल ग्रेड यूरिया 61 रुपये प्रति किलो

• गिद्दड़बाहा की मैसर्ज इंडो ऑर्गेनिक और मैसर्ज मनीषा ट्रेडिंग कंपनी पर आरोप

• खेती मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डीयां ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए

• राजपुरा में तीन फर्मों पर पुलिस केस दर्ज


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: पंजाब यूरिया स्कैंडल क्या है?

उत्तर: पंजाब में प्राइवेट कंपनियों ने किसानों के लिए भेजी जाने वाली सब्सिडी वाली यूरिया को नए लेबल लगाकर मार्कफेड और मिल्कफेड के कैटल फीड प्लांट्स को सप्लाई कर दिया। यह करोड़ों रुपये का घोटाला है।

प्रश्न 2: सब्सिडी वाली यूरिया और टेक्निकल ग्रेड यूरिया में क्या अंतर है?

उत्तर: सब्सिडी वाली यूरिया 5.91 रुपये प्रति किलो होती है, जिस पर नीम तेल की परत होती है और यह पीले थैलों में आती है। टेक्निकल ग्रेड यूरिया 61 रुपये प्रति किलो होती है, बिना नीम तेल की परत और सफेद थैलों में आती है।

प्रश्न 3: इस घोटाले में किन कंपनियों का नाम है?

उत्तर: गिद्दड़बाहा की मैसर्ज इंडो ऑर्गेनिक और मैसर्ज मनीषा ट्रेडिंग कंपनी, नई दिल्ली का नाम इस घोटाले में सामने आया है।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

27 June in History: जब पहली बार हवा में हुई थी Aerial Refueling, जानें आज के दिन की खास घटनाएं

Next Post

Jagman Samra Viral Video: स्वाती मालीवाल के साथ शेयर किया था डेटा, नया दावा

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Strait of Hormuz Ship Attack

Strait of Hormuz Attack: सिंगापुर शिप पर हमला, US ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार, इवैक्यूएशन रोका

शनिवार, 27 जून 2026
Faridabad Police Scandal

Faridabad Police Scandal: पुलिस थाने से 32 लाइसेंसी हथियार गायब, ASI पर केस दर्ज

शनिवार, 27 जून 2026
Khan Sir

Khan Sir Arrest: फायरिंग मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर रोक 30 जून तक बढ़ी

शनिवार, 27 जून 2026
Pandoh Dam

Pandoh Dam Water Release: पंडोह डैम से 2000 क्यूसेक पानी छोड़ा, बियास किनारे रहने वालों को अलर्ट

शनिवार, 27 जून 2026
Rajpura Electricity Cut

Rajpura Service Center: बिल न भरने पर सेवा केंद्र की बिजली काटी, जनता परेशान

शनिवार, 27 जून 2026
Jathedar Giani Kuldeep Singh Gargajj

Uttarakhand Nihang Clash: 84 दोहराने की धमकी वालों के खिलाफ कार्रवाई करे SGPC, जत्थेदार का आदेश

शनिवार, 27 जून 2026
Next Post
Jagman Samra

Jagman Samra Viral Video: स्वाती मालीवाल के साथ शेयर किया था डेटा, नया दावा

Jathedar Giani Kuldeep Singh Gargajj

Uttarakhand Nihang Clash: 84 दोहराने की धमकी वालों के खिलाफ कार्रवाई करे SGPC, जत्थेदार का आदेश

Rajpura Electricity Cut

Rajpura Service Center: बिल न भरने पर सेवा केंद्र की बिजली काटी, जनता परेशान

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।