मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश को पूरा करने के लिए Food and Drugs Administration (FDA) पंजाब ने एक व्यापक दो दिवसीय राज्यव्यापी दूध सैंपलिंग अभियान चलाया। यह अभियान बुधवार और गुरुवार को चलाया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ बलबीर सिंह के निर्देशन और FDA पंजाब की आयुक्त कंवलप्रीत ब्रार की देखरेख में यह अभियान डेयरी आपूर्ति श्रृंखला के विभिन्न बिंदुओं को लक्षित करते हुए चलाया गया।
देखा जाए तो यह केवल एक रूटीन चेकिंग नहीं थी। यह जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण था।
सुबह-सुबह Nakas लगाए गए, 200 Samples लिए गए
डॉ बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि पूरे राज्य में सुबह-सुबह नाके (चेकपॉइंट्स) स्थापित किए गए, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में डेयरी फार्म, संग्रह केंद्रों, प्रसंस्करण इकाइयों और खुदरा दुकानों से 200 दूध के नमूने एकत्र किए गए।
समझने वाली बात यह है कि यह जांच Supply Chain के हर स्तर पर की गई:
- Dairy Farms (जहां दूध निकाला जाता है)
- Collection Centres (जहां इकट्ठा होता है)
- Processing Units (जहां पैक किया जाता है)
- Retail Outlets (जहां बिकता है)
यहां ध्यान देना होगा कि यह व्यापक रणनीति थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि मिलावट कहां हो रही है।
State Food Laboratory में होगी जांच
एकत्र किए गए नमूनों को मान्यता प्राप्त राज्य खाद्य प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजा गया है ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट, संदूषण और निर्धारित मानकों का अनुपालन का पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा, “कोई भी Food Business Operator (FBO) जो मानदंडों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के प्रावधानों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
दिलचस्प बात यह है कि डॉ बलबीर सिंह ने जनता से भी अपील की कि वे सतर्क रहें और इस मिशन में भागीदार बनें और खाद्य मिलावट के किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
Adulterated Milk को Supply Chain से खत्म करने की प्रतिबद्धता
पंजाब सरकार की जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आपूर्ति श्रृंखला से मिलावटी दूध को खत्म करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया कि यह सैंपलिंग अभियान एक मजबूत प्रवर्तन अभियान का हिस्सा है जो “Healthy and Rangla Punjab” सुनिश्चित करने के लिए आने वाले हफ्तों में जारी रहेगा।
यहां ध्यान देना होगा कि सरकार ने “रंगला पंजाब” का नारा दिया है जिसका मतलब है स्वस्थ और खुशहाल पंजाब।
FSOs केवल कानून लागू नहीं कर रहे, जागरूकता भी फैला रहे
विभाग की सतर्कता के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए FDA आयुक्त कंवलप्रीत ब्रार ने कहा कि Food Safety Officers (FSOs) केवल कानून लागू नहीं कर रहे हैं बल्कि विक्रेताओं और डेयरी संचालकों को स्वच्छ संचालन और उचित भंडारण प्रथाओं के बारे में भी संवेदनशील कर रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की भलाई के लिए डेयरी क्षेत्र में उच्च मानकों को बनाए रखना गैर-परक्राम्य है।
समझने वाली बात यह है कि यह अभियान केवल दंडात्मक नहीं है बल्कि शैक्षिक भी है। FSO लोगों को बता रहे हैं कि सही तरीके से दूध कैसे रखें, कैसे साफ-सफाई रखें और कैसे मानकों का पालन करें।
आने वाले हफ्तों में जारी रहेगा अभियान
इस बीच, सैंपलिंग अभियान आने वाले हफ्तों में विभाग के पूरे पंजाब में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन को मजबूत करने के चल रहे अभियान के हिस्से के रूप में जारी रहेगा।
यह केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है। यह एक सतत प्रक्रिया है जो लगातार चलती रहेगी ताकि दूध उत्पादकों और विक्रेताओं को संदेश मिले कि सरकार गंभीर है।
जानें पूरा मामला – दूध में क्या-क्या मिलावट होती है?
भारत में दूध में आम तौर पर होने वाली मिलावटें:
- पानी – सबसे आम, मात्रा बढ़ाने के लिए
- यूरिया – गाढ़ापन लाने के लिए
- डिटर्जेंट/साबुन – झाग बनाने के लिए
- स्टार्च – गाढ़ापन के लिए
- फॉर्मेलिन – ज्यादा दिन टिकाने के लिए
- हाइड्रोजन पेरोक्साइड – संरक्षण के लिए
ये सभी मिलावटें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और लंबे समय में गंभीर बीमारियां पैदा कर सकती हैं।
State Food Laboratory में इन सभी तत्वों की जांच की जाती है। अगर कोई मिलावट पाई जाती है तो Food Safety and Standards Act 2006 के तहत सख्त कार्रवाई होती है जिसमें लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना और कारावास शामिल है।
मुख्य बातें
- अभियान की अवधि: 2 दिन (बुधवार-गुरुवार)
- सैंपल्स एकत्र: 200
- क्षेत्र: शहरी और ग्रामीण दोनों
- जांच बिंदु: डेयरी फार्म, संग्रह केंद्र, प्रोसेसिंग यूनिट, रिटेल आउटलेट
- तरीका: सुबह-सुबह नाके लगाए गए
- जांच: State Food Laboratory में
- उद्देश्य: मिलावट, संदूषण, मानक अनुपालन की जांच
- कानून: Food Safety and Standards Act, 2006
- निर्देशन: स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह
- देखरेख: FDA आयुक्त कंवलप्रीत ब्रार
- लक्ष्य: Healthy and Rangla Punjab
- भविष्य: आने वाले हफ्तों में जारी रहेगा










