Punjab MC Elections को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुना दिया है। वोटिंग से महज एक दिन पहले देश की सर्वोच्च अदालत ने Punjab State Election Commission के उस फैसले को मंजूरी दे दी है जिसमें नगर निगम और नगर कौंसल चुनाव बैलट पेपर के जरिए कराए जाने का प्रावधान था। यह फैसला 26 मई को होने वाली वोटिंग के लिए रास्ता साफ कर देता है।
Chief Justice of India सूर्या कांत की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता रुचिता गर्ग की उस पिटीशन को खारिज कर दिया, जिसमें बैलट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को अस्थिर नहीं किया जा सकता।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पहले दिया था फैसला
देखा जाए तो इस मामले की शुरुआत कुछ समय पहले हुई थी। Punjab and Haryana High Court ने 22 मई को सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया था कि निगम और कौंसल चुनाव बैलट पेपर से कराए जाएंगे। हाईकोर्ट ने उस समय इस बात से इनकार कर दिया था कि चुनाव प्रक्रिया में इस स्तर पर दखल दिया जाए।
लेकिन इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। और आज जब फैसला आया, तो सर्वोच्च अदालत ने भी हाईकोर्ट के फैसले को ही बरकरार रखा।
समझने वाली बात यह है कि याचिकाकर्ता रुचिता गर्ग अदालत में देर से पहुंची थीं, जिस पर बेंच ने सवाल भी उठाए। CJI सूर्या कांत की बेंच ने स्पष्ट किया कि “इस पड़ाव पर चुनाव प्रक्रिया को अस्थिर नहीं किया जा सकता है।”
पर्यवेक्षक नियुक्त करने से भी इनकार
दिलचस्प बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान निगम और कौंसल चुनावों में एक पर्यवेक्षक नियुक्त करने की मांग को भी खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि राज्य चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को संभालने में पूरी तरह सक्षम है।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कल यानी 26 मई को पंजाब के विभिन्न नगर निगमों और नगर कौंसलों में मतदान होना है। और अब यह तय हो गया है कि यह चुनाव बैलट पेपर से ही कराए जाएंगे।
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26 मई को होगा मतदान
अगर गौर करें तो पंजाब में नगरीय निकाय चुनाव काफी समय से लंबित थे। अब आखिरकार 26 मई को मतदाताओं को अपने प्रतिनिधि चुनने का मौका मिलेगा।
चुनाव आयोग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। बैलट पेपर छप चुके हैं और मतदान केंद्रों पर पहुंचा दिए गए हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि जब देशभर में ईवीएम से चुनाव हो रहे हैं, तब पंजाब में बैलट पेपर का इस्तेमाल होगा। हालांकि राज्य चुनाव आयोग का तर्क है कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बैलट पेपर ज्यादा उपयुक्त है।
चार नगर कौंसलों की चुनाव 10 जून को
इसी बीच, पंजाब राज्य चुनाव आयोग ने चार और नगर कौंसलों की चुनाव का ऐलान भी किया है। यह चुनाव 10 जून को होंगे।
जिन चार नगर कौंसलों में चुनाव होने हैं, वे हैं:
- नगर कौंसल दीनानगर
- नगर कौंसल गुरदासपुर
- नगर कौंसल कादियां
- नगर कौंसल शाम चौरासी
चुनावी कार्यक्रम की पूरी डिटेल
चुनाव आयोग ने जो चुनावी कार्यक्रम जारी किया है, उसके अनुसार:
| प्रक्रिया | तारीख और समय |
|---|---|
| नामांकन शुरू | 28 मई (गुरुवार) सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 1 जून (सोमवार) दोपहर 3 बजे तक |
| नामांकन की जांच | 2 जून (मंगलवार) |
| नामांकन वापसी की आखिरी तारीख | 3 जून (बुधवार) दोपहर 3 बजे तक |
| मतदान | 10 जून सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक |
| मतगणना | 10 जून को मतदान के तुरंत बाद |
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवारों को संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में ही जाना होगा। समय सीमा का सख्ती से पालन किया जाएगा।
आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू
इन चारों नगर कौंसलों के क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। इसका मतलब है कि:
✓ कोई भी सरकारी घोषणा नहीं की जा सकती
✓ विकास कार्यों की नई योजनाओं पर रोक
✓ सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग नहीं हो सकता
✓ उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के नियमों का पालन करना होगा
यह आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। चुनाव आयोग की निगरानी टीमें लगातार निगरानी करेंगी कि कहीं कोई उल्लंघन तो नहीं हो रहा।
बैलट पेपर बनाम ईवीएम: क्या है बहस?
सवाल उठता है कि आखिर बैलट पेपर और ईवीएम को लेकर इतना विवाद क्यों है?
देखो, कुछ राजनीतिक दल और विशेषज्ञ मानते हैं कि बैलट पेपर ज्यादा पारदर्शी है। मतदाता सीधे पेपर पर मुहर लगाता है और उसे बॉक्स में डालता है। बाद में सबके सामने गिनती होती है।
वहीं ईवीएम के समर्थकों का तर्क है कि यह तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है। बैलट पेपर में धांधली की आशंका ज्यादा रहती है और गिनती में समय भी ज्यादा लगता है।
पंजाब में राजनीतिक महत्व
पंजाब में यह चुनाव राजनीतिक रूप से काफी अहम माने जा रहे हैं। Aam Aadmi Party (AAP) की सरकार है और यह उनके लिए एक तरह का परीक्षण होगा।
राहत की बात यह है कि अब कानूनी अड़चनें खत्म हो गई हैं और चुनाव निर्बाध रूप से हो सकेंगे। कल यानी 26 मई को जनता अपनी पसंद के प्रतिनिधि चुनेगी।
इसके अलावा Congress, Shiromani Akali Dal और Bharatiya Janata Party (BJP) भी इन चुनावों में अपनी ताकत आजमाएंगे। नगरीय निकाय चुनावों में अक्सर स्थानीय मुद्दे हावी रहते हैं, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि किस पार्टी को जनता का समर्थन मिलता है।
मतदाताओं के लिए अहम जानकारी
26 मई को वोट डालने जाने वाले मतदाताओं को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा:
📌 अपना वोटर आईडी कार्ड जरूर साथ लेकर जाएं
📌 मतदान केंद्र पर निर्धारित समय पर पहुंचें
📌 बैलट पेपर पर सही तरीके से मुहर लगाएं
📌 किसी भी तरह के प्रलोभन में न आएं
📌 अपने वोट को गोपनीय रखें
चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था की है। पानी, शेड और बुजुर्गों एवं दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं भी होंगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में नगर निगम व नगर कौंसल चुनाव बैलट पेपर से कराने को मंजूरी दी
- CJI सूर्या कांत की बेंच ने कहा कि इस स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को अस्थिर नहीं किया जा सकता
- 26 मई को नगर निगम चुनाव, 10 जून को चार नगर कौंसलों (दीनानगर, गुरदासपुर, कादियां, शाम चौरासी) में मतदान
- नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 1 जून, वापसी की आखिरी तारीख 3 जून
- चुनाव क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू












