Punjab Debt Crisis को लेकर पंजाब की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा हमला करते हुए कहा कि मान साहब पंजाब के लोगों को खजाने की असली हालत बताने की बजाय “बातों का हलवा” बनाकर भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि अगर मुख्यमंत्री सच बोल रहे हैं तो तुरंत White Paper जारी करें।
₹2.81 लाख करोड़ कर्ज का पहाड़
मजीठिया ने बताया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में ही लगभग ₹2.81 लाख करोड़ का कर्ज चढ़ चुका है। दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ अप्रैल के पहले सप्ताह में करीब 1500 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया गया। और आने वाले तीन महीनों में 9500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने की योजना है।
Punjab Debt Crisis पर मजीठिया ने चेतावनी दी कि अगर यही रफ्तार जारी रही तो पंजाब पर कुल कर्ज जल्द ही 5 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच जाएगा — और राज्य की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह टूट सकती है।
70 साल का विकास बनाम 4 साल की विज्ञापनबाजी
तीखे शब्दों में मजीठिया ने कहा कि पिछले 70 साल में जितना कर्ज लिया गया, उसके बदले पंजाब में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा तैयार किया गया — सड़कें, पुल, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, एयरपोर्ट, चार और छह लेन सड़कें बनीं। लेकिन भगवंत मान की सरकार ने मात्र चार साल में उससे ज्यादा कर्ज चढ़ा दिया जिसका जमीनी स्तर पर कोई ठोस नतीजा दिखाई नहीं देता।
“हां, एक नतीजा जरूर सामने आया — भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने पूरे पंजाब को विज्ञापनों और फ्लेक्स से भर दिया है,” मजीठिया ने आरोप लगाया।
कर्ज कहां गया? जमीन पर क्या बना?
सबसे बड़ा सवाल यही उठाया गया कि इतना बड़ा कर्ज लेने के बावजूद पंजाब में नया क्या बना? “ना कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट दिखाई दे रहा है, ना औद्योगिक विकास हो रहा है और ना ही लोगों को बुनियादी सुविधाओं में कोई सुधार महसूस हो रहा है। जमीन पर सिर्फ विज्ञापन ही विज्ञापन नजर आ रहे हैं,” मजीठिया ने कहा।
उन्होंने सवाल उठाया कि Punjab Debt Crisis इतने गहरे स्तर पर पहुंच गई है फिर भी ना सरकारी कर्मचारियों को उनका DA मिला, ना पेंशनरों को बकाया पेंशन दी गई और ना ही आम जनता के लिए कोई ठोस बुनियादी ढांचा विकसित किया गया।
“खजाना खाली, फ्लेक्स भरे पड़े”
मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने कर्ज के पैसे को जनकल्याण की बजाय अपनी छवि चमकाने में खर्च किया। “देश के एयरपोर्ट, सड़कों पर अपनी फोटो वाले फ्लेक्स लगाकर प्रचार किया जा रहा है जबकि पंजाब का खजाना खाली होता जा रहा है। एक तरफ मुख्यमंत्री रेगिस्तान में Sand Dune Bashing के नजारे ले रहे हैं, दूसरी तरफ सरकारी बसों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है — रैलियां पार्टी की और खर्च सरकारी खजाने से।”
White Paper जारी करने की मांग
अंत में बिक्रम सिंह मजीठिया ने मांग की कि भगवंत मान तुरंत White Paper जारी कर पंजाब के हर एक पैसे का हिसाब जनता को दें। स्पष्ट करें कि चार वर्षों में लिया गया कर्ज कहां खर्च हुआ और राज्य को उसका वास्तविक लाभ क्या मिला — “अन्यथा यह माना जाएगा कि सरकार सच्चाई से भाग रही है और लोगों को भाषणों के जरिए गुमराह कर रही है।”
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Debt Crisis: मजीठिया का दावा — मान सरकार में ₹2.81 लाख करोड़ का कर्ज चढ़ा
- अप्रैल पहले हफ्ते में ही 1500 करोड़ का नया कर्ज, तीन माह में 9500 करोड़ और लेने की योजना
- 70 साल में ढांचा बना, 4 साल में सिर्फ विज्ञापन और फ्लेक्स भरे — मजीठिया का आरोप
- White Paper जारी करने की मांग: हर पैसे का हिसाब दे सरकार













