Punjab Budget 2026-27: पंजाब सरकार का नया बजट पेश होते ही विपक्ष ने तीखा हमला बोल दिया। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 8 मार्च को चंडीगढ़ में 2.61 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को पूरी तरह दिशाहीन और जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में आंकड़े तो बढ़े हैं, लेकिन हकीकत सिकुड़ी हुई है। चुनावी साल में पेश इस बजट में सिर्फ बड़े-बड़े दावे हैं, जमीनी स्तर पर लागू होने वाली कोई स्पष्ट नीति नज़र नहीं आती।
महिला दिवस पर महिलाओं के साथ ‘बड़ी ठगी’
रंधावा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पेश बजट में सरकार ने महिलाओं के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। उन्होंने माँग की कि सरकार महिलाओं को 1000 और 1500 रुपये के हिसाब से पिछले चार सालों का पूरा बकाया भी चुकाए, जो उनका हक है। महज एक ऐलान कर देने से न तो महिलाओं का भला होगा और न ही उनके साथ हुए वादाखिलाफी का हिसाब बराबर होगा।
किसानों के लिए कुछ नहीं, सिर्फ घोषणाएं
रंधावा ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं, लेकिन बजट में उनके लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई। किसानों की कर्ज माफी, फसल विविधीकरण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर घोषणा होनी चाहिए थी। लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार केवल वादों और घोषणाओं तक सिमटकर रह गई है।
युवाओं का पलायन जारी, रोजगार की कोई ठोस योजना नहीं
सांसद रंधावा ने चिंता जताई कि पंजाब के लाखों युवा रोज़गार की तलाश में विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें राज्य में रोज़गार देने के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं बनाई। सरकार के दावों के बावजूद राज्य में बेरोज़गारी लगातार बढ़ रही है और युवाओं को रोज़गार देने के बजाय सरकार केवल कागजी योजनाओं का प्रचार कर रही है।
उद्योग और व्यापार को भी मायूसी
रंधावा ने कहा कि पंजाब में व्यापार और उद्योग पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। राज्य में निवेश लाने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ठोस नीति की सख्त ज़रूरत थी, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में भी कोई बड़ा बदलाव नज़र नहीं आता।
कर्ज का रोडमैप गायब, दिवालियेपन का खतरा
रंधावा ने कहा कि पंजाब पहले ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है, लेकिन सरकार ने कर्ज कम करने या राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस रोडमैप पेश नहीं किया। इसके उलट सरकार लगातार नए कर्ज लेकर राज्य की आर्थिक सेहत को और कमज़ोर कर रही है। उन्होंने चेताया कि अगर यही हाल रहा तो पंजाब दिवालियेपन की कगार पर पहुँच सकता है।
‘सड़क से विधानसभा तक संघर्ष करेगी कांग्रेस’
रंधावा ने अंत में साफ कहा कि यह बजट जनता के हित में नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक प्रचार के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता की आवाज़ उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। अगर सरकार जनता के मुद्दों को नज़रअंदाज़ करती रही तो कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
पंजाब सरकार ने 8 मार्च 2026 को बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में महिलाओं को 1000 रुपये मासिक देने का ऐलान किया गया, जो 2022 के चुनावी वादे का हिस्सा था। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव से ऐन पहले किए जा रहे इन ऐलानों में कोई ठोस क्रियान्वयन योजना नहीं है।
मुख्य बातें (Key Points)
- रंधावा ने 2.61 लाख करोड़ के बजट को दिशाहीन, जनविरोधी और आंकड़ों का खेल बताया।
- महिला दिवस पर महिलाओं के साथ ‘ठगी’, 4 साल का बकाया 1000-1500 रुपये देने की माँग।
- किसानों की कर्ज माफी, फसल विविधीकरण के लिए बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं।
- युवा बेरोज़गारी और उद्योग को भी बजट से मायूसी।
- कांग्रेस ने चेतावनी दी, सड़क से विधानसभा तक संघर्ष जारी रहेगा।








