Oman Ship Attack की खबर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। बुधवार को भारत सरकार ने अमेरिकी राजदूत (charge d’affaires) जेसन मीक्स को तलब किया और ओमान के तट के पास 24 भारतीय चालक दल वाले एक वाणिज्यिक टैंकर पर हुए अमेरिकी हमले को लेकर सख्त विरोध दर्ज करवाया। कौन, कब, कहाँ और क्या : जवाब साफ है। भारत सरकार ने, बुधवार को, नई दिल्ली में, अमेरिका के सामने अपनी नाराज़गी खुलकर रखी।
देखा जाए तो यह मामला सिर्फ एक जहाज तक सीमित नहीं है। इस हमले का शिकार हुए वाणिज्यिक जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल में से तीन लापता हो गए हैं। और बस यहीं से शुरू हुई असली कूटनीतिक हलचल।
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जहाज ‘सेटेबेलो’ पर क्या हुआ
हमले का शिकार बना जहाज था ‘सेटेबेलो’ (Settebello)। यह हमला पलाऊ (Palao) के झंडे वाले एक दूसरे जहाज पर अमेरिकी जल सेना (US Navy) द्वारा किए गए हमले के ठीक दो दिन बाद हुआ। हैरान करने वाली बात यह है कि उस दूसरे जहाज में भी 24 भारतीय ही सवार थे।
वह हमला तब हुआ था, जब वह जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकाबंदी से बचकर निकलने की कोशिश कर रहा था। यानी एक ही इलाके में, बार-बार, भारतीय नाविक निशाने पर आ रहे हैं।
21 बचाए गए, 3 अब भी लापता
विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में दो टूक कहा : “हम आज तड़के ओमान के तट के पास वाणिज्यिक जहाज ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले की निंदा करते हैं। इसमें सवार 24 भारतीय चालक दल में से अब तक 21 भारतीयों को बचा लिया गया है और तीन भारतीय लापता बताए जा रहे हैं।”
राहत की बात यह रही कि 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। मगर तीन का अब तक कोई पता नहीं। मंत्रालय ने साफ किया कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर नज़दीकी नज़र रख रहा है और चल रहे खोज एवं बचाव कार्य (search and rescue operation) में स्थानीय अधिकारियों के साथ सक्रियता से तालमेल कर रहा है।
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‘समुद्री रास्तों की आज़ादी’ पर भारत का सख्त रुख
इससे पहले अपनी प्रतिक्रिया में भारत सरकार ने कहा था कि पश्चिमी एशिया में कमर्शियल शिपिंग (commercial shipping) और नागरिक बुनियादी ढाँचे (civilian infrastructure) को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय जल मार्गों से स्वतंत्र और निर्बाध आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए।
अगर गौर करें, तो भारत का संदेश दो परतों में है : एक तरफ अपने नागरिकों की सुरक्षा, और दूसरी तरफ वैश्विक व्यापार के लिए खुले समुद्री रास्तों की माँग। विदेश मंत्रालय ने माना कि इस इलाके में जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बहुत बड़ी चिंता का विषय हैं, और यह सब उस इलाके में चल रहे संघर्ष की वजह से हो रहा है।
मंत्रालय ने कहा : “हम इलाके में तनाव को तुरंत घटाने और बातचीत के ज़रिए मसले का हल निकालने की अपनी अपील को एक बार फिर दोहराते हैं, ताकि इस क्षेत्र में दोबारा शांति और स्थिरता बहाल हो सके।”
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ब्रिटेन की संस्था ने क्या बताया
समुद्री रास्तों पर नज़र रखने वाली ब्रिटेन की फौजी संस्था यू.के. एम.टी.ओ. (UKMTO) ने बताया कि जहाज से मिली जानकारी के मुताबिक इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है और दो जने लापता हैं। समझने वाली बात यह है कि स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक हमले के कारण एक तेल वाले टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई थी।
आम आदमी पर असर
यह सिर्फ एक कूटनीतिक खबर नहीं है। इन जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविक आम परिवारों से आते हैं : किसी का बेटा, किसी का पति, किसी का इकलौता कमाने वाला। तीन परिवारों के लिए तो यह इंतज़ार किसी सज़ा से कम नहीं। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह भी है कि पश्चिमी एशिया से होकर गुज़रने वाले समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ने का सीधा असर तेल की कीमतों और भारत की आपूर्ति शृंखला पर पड़ सकता है, जो अंततः आम आदमी की जेब तक पहुँचता है।
जानें पूरा मामला
यह घटना पश्चिमी एशिया में चल रहे व्यापक संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुई है। ‘सेटेबेलो’ पर हमला उस घटना के दो दिन बाद हुआ, जब पलाऊ के झंडे वाले एक जहाज पर US Navy ने हमला किया था : उसमें भी 24 भारतीय सवार थे और वह ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी से बचने की कोशिश में था। यही वजह है कि भारत ने अब अमेरिकी राजदूत को तलब कर अपना विरोध और तेज़ कर दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- ओमान तट के पास ‘सेटेबेलो’ टैंकर पर हमले में सवार 24 भारतीय चालक दल में से 21 बचाए गए, 3 लापता।
- भारत ने अमेरिकी राजदूत जेसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज करवाया।
- यह हमला US Navy द्वारा एक अन्य जहाज पर हमले के दो दिन बाद हुआ, जिसमें भी 24 भारतीय सवार थे।
- UKMTO के मुताबिक हमले में एक की मौत और दो लापता; एक टैंकर के इंजन रूम में आग लगी।













