LIVE | ...
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Nobel Prize Medicine 2026: क्या रोशनी से दिमाग कंट्रोल होगा? नोबेल खोज का सच

Nobel Prize Medicine 2026: क्या रोशनी से दिमाग कंट्रोल होगा? नोबेल खोज का सच

ऑप्टोजेनेटिक्स की खोज के लिए कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमन और जॉर्ज नागेल को चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
बुधवार, 7 अक्टूबर 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, स्पेशल स्टोरी
A A
0
Nobel Prize Medicine 2026
105
SHARES
697
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Nobel Prize Medicine 2026 की घोषणा ने पूरी दुनिया के विज्ञान जगत में हलचल मचा दी है। इस बार चिकित्सा (फिजियोलॉजी) का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमन और जॉर्ज नागेल को उनकी क्रांतिकारी खोज ‘ऑप्टोजेनेटिक्स’ (Optogenetics) के लिए दिया गया है। यह तकनीक रोशनी की मदद से दिमाग के न्यूरॉन्स को चालू और बंद करने की क्षमता रखती है, जिससे डिप्रेशन, पार्किंसंस, मिर्गी और यहां तक कि अंधेपन के इलाज में नई उम्मीदें जागी हैं।

🔍 यह भी पढ़ें- आज का इतिहास 5 सितंबर: Mother Teresa की पुण्यतिथि से लेकर Great Fire of London तक, जानें खास Events

‘एक छोटे से शैवाल से शुरू हुई इंसान के दिमाग की कहानी’

देखा जाए तो इस खोज की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसकी शुरुआत इंसान के दिमाग से नहीं, बल्कि पानी में तैरने वाली एक छोटी सी हरी काई यानी शैवाल (Algae) से हुई। इस शैवाल का नाम है क्लैमाइडोमोनस (Chlamydomonas)। एक कोशिका वाला यह जीव, जिसके पास न दिमाग है न आंखें, फिर भी रोशनी की तरफ तैरकर जाता है।

और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। पीटर हेगेमन ने जब इस शैवाल को देखा तो उनके मन में एक बच्चों जैसा साधारण सवाल आया: बिना दिमाग वाला यह जीव रोशनी को कैसे पहचानता है? खोज में पता चला कि इस काई के पास एक खास प्रोटीन है जिसका नाम चैनलरोडोप्सिन (Channelrhodopsin) रखा गया। जैसे ही इस पर नीली रोशनी पड़ती है, यह कोशिका का ‘दरवाजा’ खोल देता है और आयन अंदर आकर कोशिका को सक्रिय कर देते हैं।

यह भी पढे़ं 👇

October 28 Historical Events and Milestones

अक्टूबर 28 को इतिहास बदलने वाली बड़ी घटनाएं: स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से फैराडे तक

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Heavy Rainfall Warning 28 October 2026

भारत में तूफान का कहर: आंध्र-उड़ीसा में भारी बारिश की चेतावनी

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Breaking News Live Updates 28 October 2026

Breaking News Live Updates 28 October 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Aaj Ka Rashifal 28 October 2026

28 अक्टूबर को चंद्रमा वृषभ में: 12 राशियों का खास दिन

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
‘मेंढक के अंडों से चूहों के दिमाग तक: कैसे पहुंची यह तकनीक’

अगर गौर करें तो हेगेमन और नागेल ने इसके बाद जेनेटिक इंजीनियरिंग से इस प्रोटीन को मेंढक के अंडों में डाला और पाया कि वे कोशिकाएं भी रोशनी से प्रतिक्रिया करने लगीं। लेकिन असली क्रांति तब आई जब 2005 में अमेरिकी बायो-इंजीनियर और मनोचिकित्सक कार्ल डाइसेरोथ ने इस तकनीक को चूहों के न्यूरॉन्स पर आजमाया।

उन्होंने एक हानिरहित वायरस के जरिए इस प्रोटीन के जीन को न्यूरॉन के अंदर पहुंचाया। नतीजा चौंकाने वाला था: जब चूहे के दिमाग पर पतले ऑप्टिकल फाइबर से नीली रोशनी डाली गई तो न्यूरॉन ‘ऑन’ हो गया, और पीली रोशनी डालने पर ‘ऑफ’। इसी तकनीक को आज ऑप्टोजेनेटिक्स कहा जाता है: ऑप्टो यानी रोशनी और जेनेटिक्स यानी अनुवांशिकी।

‘अंधे इंसान ने सालों बाद देखा सामने रखा कप’

समझने वाली बात यह है कि यह सिर्फ लैब तक सीमित खोज नहीं रही। 2021 में नेचर मैगजीन में एक शोध प्रकाशित हुआ जिसमें रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा से पूरी तरह दृष्टिहीन हो चुके एक व्यक्ति की आंखों में बची हुई कोशिकाओं में ऑप्टोजेनेटिक प्रोटीन डाला गया। एक विशेष चश्मे की मदद से जब रोशनी दी गई तो उस इंसान को सालों बाद सामने रखी चीजें दिखाई देने लगीं। उसने सामने रखा कप पहचान लिया और उसे छू लिया।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है। टॉर्च की रोशनी सर पर मारने से डिप्रेशन ठीक नहीं होगा। इसके लिए पहले जीन थेरेपी से कोशिकाओं को प्रकाश-संवेदी बनाना पड़ता है, फिर दिमाग के भीतर पतले ऑप्टिकल फाइबर से रोशनी पहुंचानी होती है।

‘ऑप्टोजेनेटिक्स: क्या है और कैसे काम करती है’
पहलूविवरण
तकनीक का नामऑप्टोजेनेटिक्स (Optogenetics)
मुख्य खोजकर्ताकार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमन, जॉर्ज नागेल
आधारचैनलरोडोप्सिन प्रोटीन (शैवाल से प्राप्त)
कार्यप्रणालीनीली रोशनी से न्यूरॉन ऑन, पीली से ऑफ
संभावित इलाजडिप्रेशन, पार्किंसंस, मिर्गी, अंधेपन
मौजूदा स्थितिशुरुआती क्लीनिकल ट्रायल चरण में
‘इस खोज का मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर’

इस खोज का एक और बेहद अहम पहलू यह है कि यह मानसिक बीमारियों को लेकर समाज की सोच बदल सकती है। जब किसी को डिप्रेशन होता है तो लोग कह देते हैं ‘खुश रहा करो’, घबराहट को ‘मन का वहम’ बता दिया जाता है। लेकिन ऑप्टोजेनेटिक्स ने साबित किया है कि ये बीमारियां दिमाग के न्यूरॉन्स में चलने वाले वास्तविक जैविक परिपथों की गड़बड़ी हैं, न कि कोई वहम।

‘जानें पूरा मामला’

ऑप्टोजेनेटिक्स एक ऐसी तकनीक है जिसमें रोशनी-संवेदी प्रोटीन को जेनेटिक इंजीनियरिंग से न्यूरॉन्स में डाला जाता है, जिससे उन्हें रोशनी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसकी शुरुआत एक शैवाल से हुई और आज यह न्यूरोसाइंस की सबसे क्रांतिकारी तकनीकों में गिनी जाती है। 2026 का नोबेल पुरस्कार इसी खोज को मिला है।

‘मुख्य बातें (Key Points)’
  • 2026 का चिकित्सा नोबेल कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमन और जॉर्ज नागेल को ऑप्टोजेनेटिक्स के लिए मिला।
  • यह तकनीक रोशनी से दिमाग के न्यूरॉन्स को चालू-बंद कर सकती है।
  • खोज की शुरुआत एक बिना दिमाग वाले शैवाल क्लैमाइडोमोनस से हुई।
  • 2021 में एक दृष्टिहीन व्यक्ति को इस तकनीक से आंशिक दृष्टि मिली।
  • डिप्रेशन, पार्किंसंस, मिर्गी और अंधेपन के इलाज में नई संभावनाएं खुली हैं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ऑप्टोजेनेटिक्स क्या है और यह कैसे काम करती है?

ऑप्टोजेनेटिक्स एक तकनीक है जिसमें शैवाल से प्राप्त चैनलरोडोप्सिन प्रोटीन को जेनेटिक इंजीनियरिंग से न्यूरॉन्स में डाला जाता है। नीली रोशनी से न्यूरॉन सक्रिय (ऑन) होते हैं और पीली रोशनी से निष्क्रिय (ऑफ)।

2. क्या ऑप्टोजेनेटिक्स से डिप्रेशन और अंधेपन का इलाज संभव है?

शुरुआती शोध में संभावनाएं दिखी हैं। 2021 में एक दृष्टिहीन व्यक्ति को आंशिक दृष्टि मिली। लेकिन यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और व्यापक इलाज तक पहुंचने में समय लगेगा।

3. 2026 का मेडिसिन नोबेल किसे और क्यों मिला?

2026 का चिकित्सा नोबेल कार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमन और जॉर्ज नागेल को ऑप्टोजेनेटिक्स की खोज के लिए मिला, जिसने दिमाग के न्यूरॉन्स को रोशनी से नियंत्रित करना संभव बनाया।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Jantar Mantar Protest: 300 सांसद, 45 केस, 1 मांग, CEC ग्यानेश कुमार का इस्तीफा

Next Post

Repo Rate Hike RBI: क्या आपकी होम लोन EMI बढ़ेगी? 4 साल बाद बड़ा फैसला

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

October 28 Historical Events and Milestones

अक्टूबर 28 को इतिहास बदलने वाली बड़ी घटनाएं: स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से फैराडे तक

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Heavy Rainfall Warning 28 October 2026

भारत में तूफान का कहर: आंध्र-उड़ीसा में भारी बारिश की चेतावनी

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Breaking News Live Updates 28 October 2026

Breaking News Live Updates 28 October 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Aaj Ka Rashifal 28 October 2026

28 अक्टूबर को चंद्रमा वृषभ में: 12 राशियों का खास दिन

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
Kartarpur Corridor

करतारपुर साहिब कॉरिडोर को तुरंत खोलने की मांग पंजाब विधानसभा ने उठाई

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
Punjab Water Rights Assembly Yamuna Sutlej

यमुना-रावी के पानी पर ऐतिहासिक मत पास, राजस्थान को रॉयल्टी की मांग Punjab Water Rights Assembly Yamuna Sutlej

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
Next Post
Repo Rate Hike RBI

Repo Rate Hike RBI: क्या आपकी होम लोन EMI बढ़ेगी? 4 साल बाद बड़ा फैसला

Dhuri Water Treatment Plant

Dhuri Water Treatment Plant: क्या अब बुझेगी धूरी की प्यास? जानिए ₹47 करोड़ के नए प्रोजेक्ट का सच

Aaj Ka Rashifal 17 March 2026

Aaj Ka Rashifal 8 October: क्या आज का दिन आपके फेवर में? जानिए लकी नंबर और कलर

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।