NEET Exam Centre Abu Dhabi का मामला इस वक्त पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। नई दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसकी वजह से नागपुर के एक छात्र का पूरा भविष्य अधर में लटक गया है। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसे अपने एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र के तौर पर अबू धाबी का नाम दिखा।
हैरान करने वाली बात यह है कि छात्र के पास न तो पासपोर्ट है, न ही उसके परिवार के पास उसे विदेश भेजने के पैसे।
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा… https://t.co/TJOHUBnFDB
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 20, 2026
रातभर रोता रहा छात्र, परीक्षा देने से किया मना
नीट की दोबारा हो रही परीक्षा में अब सिर्फ एक दिन बाकी है। ऐसे में यह खबर सामने आना अपने आप में चिंता का विषय है। नागपुर का यह बच्चा पिछले एक महीने से NEET री-एग्जाम की तैयारी कर रहा था।
परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया। सेंटर देखते ही पैरों तले जमीन खिसक गई: अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न पैसे, न वक्त। छात्र रातभर रोता रहा। अब वह परीक्षा देने से ही मना कर रहा है। समझने वाली बात है: इस तनाव की कल्पना भी मुश्किल है।
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राहुल गांधी का NTA पर तीखा हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने सीधे NTA से जवाब मांगा।
राहुल गांधी ने पूछा: आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुंच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ धीरज टेस्ट कर रही है। जो सिस्टम एक बच्चे को अपने ही शहर में एक सेंटर नहीं दे सकता, उल्टा विदेश भेज सकता है: उसे परीक्षा करवाने का कोई हक नहीं।
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‘बच्चों के भविष्य से मत खेलिए’
राहुल गांधी ने कोटा का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि कोटा में मैंने यही कहा था: यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
उन्होंने आगे कहा: हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था के अधिकारी हैं। और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
प्रियंका चतुर्वेदी ने भी साधा निशाना
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर दोबारा परीक्षा का तनाव कम नहीं था, तो अब नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र के तौर पर अबू धाबी अलॉट होने का मामला सामने आया है।
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब NTA पर इस तरह के सवाल उठे हों। हर बार छात्रों को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
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आम छात्र पर क्या असर?
इस घटना का सीधा असर देश के लाखों उन छात्रों पर पड़ा है जो NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। एक छोटी सी लापरवाही पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है।
सवाल उठता है: अगर एक छात्र को उसी शहर में सेंटर देना मुश्किल है, तो परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भरोसा कैसे किया जाए?
जानें पूरा मामला
NEET री-एग्जाम पहले से ही विवादों में रही है। पेपर लीक के आरोपों के बाद यह दोबारा करवाई जा रही है। ऐसे में परीक्षा केंद्र आवंटन की यह गड़बड़ी NTA की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- नागपुर के NEET छात्र को परीक्षा केंद्र अबू धाबी अलॉट हुआ
- छात्र के पास न पासपोर्ट है, न विदेश जाने के पैसे
- राहुल गांधी ने NTA से सीधा जवाब मांगा
- प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
- परीक्षा से ठीक एक दिन पहले सामने आया मामला













