9th Textbook Changes: देश की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आया है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की संशोधित पाठ्यपुस्तक से कुछ अहम अध्याय हटा दिए हैं।
देखा जाए तो यह निर्णय विवादास्पद होने के साथ-साथ चर्चा का विषय भी बन गया है। फ्रांसीसी क्रांति, रूसी क्रांति और नाजीवाद के उदय जैसे विश्व इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों को हटाकर उनकी जगह प्राचीन सभ्यताओं, प्रारंभिक मानव इतिहास और भारतीय ज्ञान प्रणाली से संबंधित विषय-वस्तु को शामिल किया गया है।
🔍 यह भी पढ़ें- CBSE बड़ा बदलाव: Class 9-10 में 3 Languages अनिवार्य, दो भारतीय भाषाएं जरूरी
कौन से अध्याय हटाए गए?
NCERT ने 9वीं कक्षा की इतिहास की पुस्तक से निम्नलिखित अध्याय पूरी तरह हटा दिए हैं:
- फ्रांसीसी क्रांति (French Revolution)
- रूसी क्रांति (Russian Revolution)
- नाजीवाद का उदय (Rise of Nazism)
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विश्व इतिहास के इन अध्यायों को अब 10वीं कक्षा में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसका मतलब यह नहीं कि ये विषय पूरी तरह पाठ्यक्रम से हटा दिए गए हैं, बल्कि उन्हें अगली कक्षा में पढ़ाया जाएगा।
🔍 यह भी पढ़ें- CBSE OSM Scam: 4 लाख छात्रों के साथ धोखा? On-Screen Marking घोटाले की पूरी कहानी
क्या नया जोड़ा गया है?
इतिहास, भूगोल और राजनीति विज्ञान को मिलाकर बनाई गई इस एकीकृत पुस्तक में ‘प्रारंभिक मनुष्य और मानव सभ्यता की शुरुआत’ शीर्षक वाला नया अध्याय शामिल किया गया है। अगर गौर करें तो यह अध्याय शिकार और संग्रह से लेकर कृषि के आगमन तक मानव विकास की यात्रा को दर्शाता है।
इस अध्याय में निम्नलिखित प्राचीन सभ्यताओं की विस्तृत जानकारी दी गई है:
- मेसोपोटामिया सभ्यता
- हड़प्पा सभ्यता
- मिस्र की सभ्यता
- चीन की प्राचीन सभ्यता
- सुमेरियन समाज (सिंचाई प्रणाली, वास्तुकला, सामाजिक संगठन)
भारतीय ज्ञान प्रणाली को प्राथमिकता
दिलचस्प बात यह है कि संशोधित पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणालियों को विशेष स्थान दिया गया है। पाठ्यपुस्तक में अब पंचमहाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) की अवधारणा शामिल की गई है।
इसके जरिए छात्रों को ब्रह्मांड की रचना के बारे में पारंपरिक दार्शनिक विचारों से परिचित कराया जाएगा। पुस्तक में कौटिल्य के अर्थशास्त्र और महाभारत के संदर्भ भी दिए गए हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- NCERT Preparation UPSC: SMART Model से कैसे शुरू करें तैयारी, जानें सही रणनीति
वर्ण और जाति व्यवस्था पर नया दृष्टिकोण
एक अध्याय ‘1000 ईस्वी तक राज्य और समाज’ वर्ण और जाति प्रणालियों के विकास पर चर्चा करता है। समझने वाली बात यह है कि इसमें बताया गया है कि शुरुआती वैदिक ग्रंथ सख्त जन्म-आधारित सामाजिक व्यवस्था का संकेत नहीं देते।
पुस्तक के मुताबिक सामाजिक पहचान पेशे, भूगोल, भाषा और रिश्तेदारी जैसे कारकों द्वारा निर्धारित होती थी, न कि केवल जन्म से।
शिक्षाविदों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस बदलाव को लेकर शिक्षा जगत में मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय ज्ञान परंपरा को प्राथमिकता देना सही कदम है, जबकि कुछ का कहना है कि विश्व इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को 9वीं से हटाना छात्रों के समग्र विकास में बाधा बन सकता है।
मुख्य बातें (Key Points):
- NCERT ने 9वीं की किताब से French और Russian Revolution हटाए
- ये अध्याय अब 10वीं कक्षा में पढ़ाए जाएंगे
- प्राचीन सभ्यताओं और भारतीय ज्ञान प्रणाली को प्राथमिकता
- पंचमहाभूत, कौटिल्य अर्थशास्त्र जैसे विषय जोड़े गए













