Mansa Parvinder Jhota Case में एक नया मोड़ आ गया है, जहां पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए अब केंद्र सरकार ने CRPF की टीम तैनात कर दी है। वहीं परिवार और एक्शन कमेटी द्वारा आज रखे गए 24 घंटे के धरने को अचानक मुल्तवी कर दिया गया है। यह फैसला एक्शन कमेटी की बैठक के बाद लिया गया।
दिलचस्प बात यह है कि एक्शन कमेटी के सद्दे पर मानसा में पंजाब भर की संघर्षशील जथेबंदियों की एक अहम मीटिंग हुई, जिसमें आज के धरने को टालने के साथ-साथ एक बड़ा ऐलान भी किया गया।
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5 नवंबर को होगा सीएम कोठी का घेराव
मीटिंग में तय हुआ कि 5 नवंबर को संगरूर में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की कोठी के सामने धरना दिया जाएगा। एक्शन कमेटी मानसा के मीडिया इंचार्ज हरदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा के लिए इंसाफ, नशों के खात्मे, गिरफ्तार आगुओं की रिहाई और मोर्चे की सभी मांगों की पूर्ति के लिए यह घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मद्देनजर मंत्रियों और विधायकों के घरों के सामने होने वाले विरोध फिलहाल मुल्तवी रहेंगे।
वहीं परविंदर सिंह झोटा के परिवार की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की ओर से CRPF की टीम मानसा पहुंच चुकी है और परिवार की रक्षा के लिए तैनाती शुरू कर दी गई है।
AAP विधायकों की दूरी पर उठे सवाल
ध्यान देने वाली बात यह है कि परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को हुई हत्या के बाद से आज तक आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों ने परिवार के पास सथर पर बैठने से दूरी बनाई हुई है, हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मानसा जाकर परिवार से दुख साझा कर चुके हैं।
AAP विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली ने कहा कि सभी विधायक आज भी परिवार के पास जाना चाहते हैं, लेकिन एक्शन कमेटी सरकार पर अनावश्यक दबाव बना रही है और सौड़ी राजनीति के लिए बापू भीम सिंह फौजी को भड़काया जा रहा है।
जानें पूरा मामला
उधर नशे की कथित ओवरडोज से मौत के शिकार हुए गांव भम्मे कलां के दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार का मामला चार दिन बाद भी अटका हुआ है। उनकी पत्नी परमजीत कौर ने प्रशासन पर पति की देह रोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर परिवार की सहमति के बिना जबरन संस्कार किया गया तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी।
पति की मौत के बाद मानसा इंसाफ मोर्चे में संघर्ष का पल्ला थामने वाली परमजीत कौर ने आरोप लगाया कि दुख की घड़ी में परिवार को राहत देने की बजाय पति की देह को रोला जा रहा है। हालांकि दूसरी ओर दलजीत सिंह के पिता जरनैल सिंह ने अपने बेटे का संस्कार करने की बात कही है, जिससे परिवार में भी मतभेद साफ नजर आ रहा है।
विशेषज्ञ विश्लेषण
समझने वाली बात है कि यह मामला अब सिर्फ एक हत्या या मौत का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे व्यापक जन आंदोलन और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है। CRPF की तैनाती यह संकेत देती है कि केंद्र सरकार इस मामले की संवेदनशीलता को गंभीरता से ले रही है। वहीं दूसरी ओर परिवार के भीतर ही मतभेद उभरना यह दिखाता है कि लंबे संघर्ष और सामाजिक दबाव का असर सीधे पीड़ित परिवारों पर भी पड़ रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- परविंदर सिंह झोटा मामले में आज का 24 घंटे का धरना मुल्तवी, 5 नवंबर को CM कोठी घेराव का ऐलान।
- परिवार की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने CRPF टीम मानसा भेजी।
- AAP विधायकों पर सथर पर न बैठने का आरोप, जबकि अमित शाह परिवार से मिल चुके हैं।
- दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार का मामला अटका, पत्नी और पिता के बीच मतभेद।













