Diljit Dosanjh CJP Reply को लेकर इन दिनों पूरे पंजाब और देशभर में चर्चा गरम है। पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने शुक्रवार रात दिल्ली में अपने कॉन्सर्ट के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP को सीधा और करारा जवाब दिया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने मंच से कहा कि पंजाबियों को यह मत सिखाओ कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है।
देखा जाए तो यह पूरा मामला उस वक्त भड़का जब CJP के लोगों ने स्टेज पर खड़े होकर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म ‘सतलुज’ का मजाक उड़ाया। इसी बात पर दिलजीत का धैर्य टूट गया और उन्होंने दर्शकों के सामने खुलकर अपनी बात रखी।
🔍 यह भी पढ़ें- Diljit Dosanjh की Sutluj Film हुई Ban, पंजाब में भाजपा घिरी
‘लंबी लड़ाई लड़ी है, मजाक मत उड़ाओ’
दिलजीत ने कहा कि जिस फिल्म का आप लोग स्टेज पर मजाक उड़ा रहे हो, उसके लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी गई है। उन्होंने कहा, “मैं सभी को सपोर्ट करता हूं। खालड़ा के जीवन पर बनी ‘सतलुज’ पर रोक लगाने से कुछ नहीं होने वाला।” दिलजीत ने आगे कहा कि कोई हमसे नफरत करता है तो करे, मैं तो सभी से प्यार करता हूं।
वहीं दूसरी ओर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिलजीत की आलोचना पर सफाई दी। उन्होंने लिखा कि जून में जब वे विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब दिलजीत के कमेंट से उन्हें थोड़ा दुख हुआ था। दीपके ने कहा कि ऐसा व्यक्तिगत शिकायत की वजह से नहीं बल्कि इसलिए था क्योंकि वे हमेशा दिलजीत को गलत के खिलाफ आवाज उठाने वाला इंसान मानते रहे हैं।
शो में फौज की महिला को किया सैल्यूट
दिलजीत ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हाउसफुल शो के साथ अपने AURA इंडिया टूर 2026 का आगाज किया। शो में उन्होंने पैरा मिलिट्री फोर्स की एक महिला को स्टेज पर बुलाकर सैल्यूट किया और कहा कि अगर आप न हों तो हम खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उस महिला में उन्हें अपनी मां नजर आई।
शो खत्म होने के बाद दिलजीत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर कहा कि कुछ लोगों ने जोर लगाया कि मेरा दिल्ली का शो न हो पाए, लेकिन आज मैंने शो कर दिया।
जानें पूरा मामला
जून 2026 में NEET पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन चल रहा था। उस दौरान एक फैन के पूछने पर दिलजीत ने कहा था कि “मुझे इन सब से दूर रखो, मैं एक कलाकार हूं, राजनेता नहीं।” इस बयान पर नाराज होकर CJP नेता अभिजीत दीपके ने दिलजीत की फिल्म ‘सतलुज’ का मजाक उड़ाया और पाखंड का आरोप लगाया था।
‘सतलुज’ फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी बायोपिक है, जिन्होंने 1980-90 के दशक में पंजाब में हुए फेक एनकाउंटर मामलों को उजागर किया था। यह फिल्म सेंसर बोर्ड की अड़चनों में फंसी रही और 3 जुलाई 2026 को रिलीज होने के महज 2 दिन बाद ही प्लेटफॉर्म से हटा ली गई थी।
दिलचस्प बात यह है कि इस कॉन्सर्ट को पहले मंजूरी भी नहीं मिली थी। 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अर्जी खारिज कर दी थी, लेकिन बाद में कई दौर की बैठकों के बाद कॉन्सर्ट को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धरेनावर ने 14 अक्टूबर को DCPCR में शिकायत देकर दिलजीत के कुछ गानों पर रोक लगाने की मांग की थी।
विशेषज्ञ विश्लेषण
अगर गौर करें तो यह विवाद सिर्फ एक कलाकार और एक संगठन के बीच की बहस नहीं रह गया है, बल्कि यह कलाकारों की सामाजिक-राजनीतिक जिम्मेदारी पर छिड़ी बड़ी बहस का हिस्सा बन चुका है। दिलजीत का यह कहना कि वे कलाकार हैं राजनेता नहीं, और साथ ही खालड़ा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बोलना, यह दर्शाता है कि वे अपनी छवि को लेकर एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। समझने वाली बात है कि पंजाब की सांस्कृतिक राजनीति में सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है, और दिलजीत जैसे बड़े सितारे का इस पर बोलना आने वाले दिनों में और बहस छेड़ सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली कॉन्सर्ट में बिना नाम लिए CJP को जवाब दिया, कहा पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ।
- CJP ने स्टेज से ‘सतलुज’ फिल्म का मजाक उड़ाया था, जो जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी है।
- CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने बाद में सफाई देते हुए दिलजीत को छोटा भाई बताया।
- दिलजीत ने AURA इंडिया टूर 2026 की शुरुआत हाउसफुल शो से की और मिलिट्री महिला को सैल्यूट किया।













