Kerala Renamed Keralam : केरल अब आधिकारिक तौर पर ‘केरलम’ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह फैसला सेवा तीर्थ (नए पीएमओ-कैबिनेट सचिवालय कॉम्प्लेक्स) में लिया गया पहला बड़ा निर्णय है। इसके बाद सीनियर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक मजेदार ट्वीट करते हुए सवाल उठाया कि अब अंग्रेजी बोलने वाले केरल के निवासियों को क्या कहेंगे – ‘केरलमाइट’ या ‘केरलामियन’?
यह मंजूरी केरल विधानसभा द्वारा 24 जून 2024 को पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव के बाद आई है, जिसमें केंद्र सरकार से संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन कर नाम ‘केरलम’ दर्ज करने का आग्रह किया गया था। इससे पहले अगस्त 2023 में भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी सुझाव दिए थे, जिसके बाद राज्य ने इसे फिर से पारित किया।
शशि थरूर का मजाकिया अंदाज
थरूर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह सब अच्छा है, निस्संदेह, लेकिन हम अंग्रेजी बोलने वालों के लिए एक छोटा सा भाषाई सवाल: अब ‘केरलाइट’ और ‘केरलन’ शब्दों का क्या होगा? ‘केरलमाइट’ एक कीटाणु जैसा लगता है और ‘केरलामियन’ एक दुर्लभ पृथ्वी खनिज जैसा! @CMOKerala शायद इस चुनावी उत्साह से उपजे नए शब्दों के लिए एक प्रतियोगिता शुरू कर सकते हैं।”
क्यों बदला गया नाम?
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, जिन्होंने यह प्रस्ताव पेश किया था, ने कहा था कि राज्य को मलयालम में ‘केरलम’ कहा जाता है और मलयालम भाषी लोगों के लिए एकजुट केरल की मांग राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम से चली आ रही है। उन्होंने कहा था, “हमारे राज्य का नाम संविधान की पहली अनुसूची में केरल लिखा गया है। यह विधानसभा केंद्र सरकार से अनुरोध करती है कि संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत इसे तुरंत ‘केरलम’ में संशोधित करने के लिए कदम उठाए और आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में इसे ‘केरलम’ के रूप में नामित किया जाए।”
चुनाव से पहले बड़ा फैसला
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब केरल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। राज्य के नाम में बदलाव को सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। भाजपा ने पहले ही इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, और अब केंद्र की मंजूरी से पार्टी को केरल में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का मुद्दा मिल सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
केंद्रीय कैबिनेट ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की मंजूरी दे दी।
शशि थरूर ने मजाकिया अंदाज में कहा- अब केरल के निवासियों को केरलमाइट या केरलामियन कहेंगे?
केरल विधानसभा ने जून 2024 में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया था।
अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह फैसला अहम माना जा रहा है।








