Kerala Election 2026 का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है और इसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। केरल विधानसभा की 140 सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और 4 मई को मतगणना के साथ नतीजे घोषित किए जाएंगे। ताजा ओपिनियन पोल ने सियासी हलचल और तेज कर दी है। सर्वे के अनुसार LDF (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) बहुमत की मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और उसे 61 से 71 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि UDF (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) को 58 से 69 सीटें और NDA को महज 2 सीटें मिलने का अनुमान है। अब सवाल यही है कि केरल में इस बार सत्ता की चाबी किसे मिलेगी।
चुनाव कार्यक्रम: कब क्या होगा, जानें पूरा शेड्यूल
Kerala Election 2026 का पूरा चुनावी शेड्यूल चुनाव आयोग ने जारी कर दिया है। तारीखवार पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है:
| कार्यक्रम | तिथि |
|---|---|
| चुनाव अधिसूचना जारी | 16 मार्च 2026 |
| नामांकन शुरू | 16 मार्च 2026 |
| नामांकन की अंतिम तिथि | 23 मार्च 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 24 मार्च 2026 |
| नाम वापस लेने की अंतिम तिथि | 26 मार्च 2026 |
| मतदान (एक चरण) | 9 अप्रैल 2026 |
| मतगणना और नतीजे | 4 मई 2026 |
केरल के साथ ही पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। पांच क्षेत्रों में एक साथ चुनाव होने से यह राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम बन गया है।
ओपिनियन पोल: LDF बहुमत के करीब, UDF को कड़ी टक्कर
Kerala Election 2026 का ताजा ओपिनियन पोल सामने आया है जिसने सियासी हलचल और तेज कर दी है। केरल विधानसभा में बहुमत के लिए 71 सीटों की जरूरत होती है। सर्वे के अनुसार सीटों का अनुमान इस प्रकार है:
| गठबंधन/पार्टी | अनुमानित सीटें |
|---|---|
| LDF (वाम मोर्चा) | 61 – 71 |
| UDF (कांग्रेस गठबंधन) | 58 – 69 |
| BJP/NDA | 2 |
| अन्य | 0 |
सर्वे के मुताबिक LDF बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है। अगर उसे 71 सीटें मिल जाती हैं तो वो बहुमत का जादुई आंकड़ा छू लेगा। लेकिन UDF भी 58-69 सीटों के अनुमान के साथ कड़ी टक्कर दे रही है। NDA के लिए केरल अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और उसे महज 2 सीटें मिलने का अनुमान है।
वोट शेयर: LDF और UDF में सिर्फ 1% का अंतर
Kerala Election 2026 में वोट प्रतिशत के हिसाब से मुकाबला बेहद कांटे का दिख रहा है:
| गठबंधन/पार्टी | अनुमानित वोट शेयर |
|---|---|
| LDF | 42 – 43% |
| UDF | 41 – 42% |
| BJP/NDA | 12 – 13% |
| अन्य | 0 – 2% |
LDF और UDF के बीच वोट शेयर में सिर्फ 1% का अंतर है। इतने कम अंतर में कई सीटों पर जीत-हार का फैसला कुछ सौ वोटों से हो सकता है। यह बताता है कि केरल का चुनाव बेहद रोमांचक और अनिश्चित होने वाला है। BJP का 12-13% वोट शेयर होने के बावजूद उसे सिर्फ 2 सीटें मिलने का अनुमान है, जो यह दर्शाता है कि केरल में BJP के वोट बिखरे हुए हैं।
क्षेत्रवार विश्लेषण: कहां किसका है दबदबा
Kerala Election 2026 में क्षेत्रीय आधार पर तीन प्रमुख क्षेत्रों में मुकाबले का अनुमान इस प्रकार है:
मालाबार क्षेत्र (48 सीटें):
- LDF: 22-26 सीटें
- UDF: 19-21 सीटें
- BJP: 0 सीटें
मालाबार LDF का गढ़ माना जाता है और यहां वाम मोर्चे को स्पष्ट बढ़त दिख रही है। UDF को यहां 21 सीटों तक सीमित रहने का अनुमान है।
सेंट्रल केरल (44 सीटें):
- LDF: 17-20 सीटें
- UDF: 21-26 सीटें
- BJP/NDA: 1-2 सीटें
सेंट्रल केरल UDF की ताकत का केंद्र है। यहां कांग्रेस गठबंधन को 26 सीटें तक मिल सकती हैं। BJP के लिए भी यही क्षेत्र सबसे संभावनाशील है, जहां उसे 1-2 सीटें मिल सकती हैं।
दक्षिण केरल (48 सीटें):
- LDF: 22-25 सीटें
- UDF: 18-22 सीटें
- BJP/NDA: 1-2 सीटें
दक्षिण केरल में भी LDF को बढ़त दिख रही है। BJP की दक्षिण केरल में भी 1-2 सीटें जीतने की संभावना है। कुल मिलाकर BJP के लिए सेंट्रल और दक्षिण केरल ही उम्मीद के दो क्षेत्र हैं।
2.71 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला, 4.24 लाख पहली बार डालेंगे वोट
Kerala Election 2026 में विशाल मतदाता आधार फैसला करेगा। राज्य की मतदाता सूची के अनुसार केरल में कुल 2 करोड़ 71 लाख 659 पंजीकृत मतदाता हैं। इसमें सामान्य मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 70 लाख 527 है, जबकि सर्विस वोटर्स की संख्या 5,452 है।
इस बार 273 थर्ड जेंडर मतदाता भी अपना वोट डालकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी दर्ज करेंगे। सबसे रोमांचक बात यह है कि 4,24,518 युवा मतदाता (18-19 वर्ष आयु वर्ग) पहली बार अपने मत का प्रयोग करेंगे। ये पहली बार मतदान करने वाले युवा किसी भी पार्टी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।
इसके अलावा राज्य में 2,44,250 दिव्यांग मतदाता हैं और 85 वर्ष से अधिक आयु के 24,317 वरिष्ठ नागरिक हैं। चुनाव आयोग ने दिव्यांग और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की सुविधा के तहत वैकल्पिक डाक मत पत्र की व्यवस्था प्रदान की है, जो समावेशी लोकतंत्र का बेहतरीन उदाहरण है।
केरल का इतिहास: हर बार बदलती है सत्ता, इस बार क्या होगा?
Kerala Election 2026 इसलिए भी खास है क्योंकि केरल की राजनीति में एक अनोखा पैटर्न रहा है। यहां लगभग हर बार सत्ता बदलती रही है। लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दो बार सरकार बनाने का कमाल किया है। अब सवाल यह है कि क्या विजयन हैट्रिक लगा पाएंगे या फिर केरल की सत्ता बदलने की पुरानी परंपरा वापस लौटेगी।
UDF यानी कांग्रेस गठबंधन 2024 लोकसभा चुनाव में केरल से मिले शानदार नतीजों से उत्साहित है। लोकसभा में कांग्रेस गठबंधन ने केरल में बेहतरीन प्रदर्शन किया था, जिससे विधानसभा चुनाव में भी उसे उम्मीद है। लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मतदान पैटर्न अक्सर अलग होते हैं और केरल की जनता ने पहले भी ऐसा अंतर दिखाया है।
तीन कोनों की लड़ाई: LDF, UDF और NDA
Kerala Election 2026 में मुख्य मुकाबला तीन गठबंधनों के बीच है:
LDF (वाम मोर्चा): CPM के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सत्ता में है। CM पिनाराई विजयन के नेतृत्व में LDF तीसरी बार सत्ता पाने का दावा कर रही है। CPM ने 81 उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया है, जिसमें विजयन और 11 मंत्रियों के नाम शामिल हैं।
UDF (कांग्रेस गठबंधन): कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा 2024 लोकसभा चुनाव की सफलता को विधानसभा में दोहराने की कोशिश में है। UDF के लिए यह चुनाव सत्ता वापसी का मौका है।
NDA (BJP गठबंधन): केरल में BJP के लिए यह चुनाव अहम है, हालांकि सर्वे में उसे सिर्फ 2 सीटें मिलने का अनुमान है। लेकिन 12-13% वोट शेयर दिखाता है कि BJP की केरल में जड़ें धीरे-धीरे मजबूत हो रही हैं।
140 सीटों पर दांव: आरक्षित सीटें और अन्य अहम आंकड़े
Kerala Election 2026 में कुल 140 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा। इनमें 14 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। बाकी 124 सीटें सामान्य हैं।
केरल की चुनावी राजनीति में जाति, धर्म और क्षेत्रीय समीकरण बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। मालाबार में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या है, सेंट्रल केरल में ईसाई मतदाता प्रभावशाली हैं और दक्षिण केरल में हिंदू मतदाताओं का दबदबा है। इन समीकरणों को साधने वाला गठबंधन ही सत्ता की चाबी हासिल करेगा।
क्या कहता है सर्वे: LDF की हैट्रिक या UDF की वापसी?
Kerala Election 2026 का ओपिनियन पोल बताता है कि LDF बहुमत के आंकड़े के करीब है, लेकिन मुकाबला बेहद कांटे का है। LDF को अगर 71 सीटें मिलती हैं तो पिनाराई विजयन इतिहास रच देंगे और लगातार तीसरी बार CM बनेंगे। लेकिन अगर LDF 61 सीटों पर सिमट जाती है तो बहुमत से काफी दूर रह जाएगी।
UDF के 58-69 सीटों के अनुमान में अगर ऊपरी सीमा यानी 69 सीटें आती हैं तो वो भी बहुमत के करीब पहुंच जाएगी। वोट शेयर में सिर्फ 1% का अंतर बताता है कि जमीनी स्तर पर मुकाबला बेहद करीबी है। अंततः 9 अप्रैल को केरल की 2.71 करोड़ जनता अपने वोट से तय करेगी कि सत्ता की चाबी किसे मिलेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- Kerala Election 2026 में 140 सीटों पर 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा, 4 मई को आएंगे नतीजे, 16 मार्च से आदर्श आचार संहिता लागू।
- ओपिनियन पोल में LDF को 61-71 सीटें, UDF को 58-69 सीटें और BJP/NDA को 2 सीटें मिलने का अनुमान, बहुमत के लिए 71 सीटें जरूरी।
- वोट शेयर में LDF (42-43%) और UDF (41-42%) के बीच सिर्फ 1% का अंतर, BJP को 12-13% वोट शेयर का अनुमान।
- कुल 2.71 करोड़ मतदाता, 4.24 लाख पहली बार वोट डालेंगे, 273 थर्ड जेंडर मतदाता और 24,317 अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की सुविधा।













