सोमवार, 23 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - 6th Generation Fighter Jet: भारत यूरोपियन प्रोग्राम में एंट्री को तैयार, बड़ा खुलासा

6th Generation Fighter Jet: भारत यूरोपियन प्रोग्राम में एंट्री को तैयार, बड़ा खुलासा

रक्षा मंत्रालय ने संसदीय पैनल को बताया कि भारत GCAP और FCAS दोनों प्रोग्राम का मूल्यांकन कर रहा है, चीन की बढ़ती ताकत से निपटने की तैयारी

The News Air Team by The News Air Team
सोमवार, 23 मार्च 2026
A A
0
6th Generation Fighter Jet
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

6th Generation Fighter Jet को लेकर भारत एक ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में संसदीय पैनल को सूचित किया है कि भारत यूरोप में चल रहे दो प्रमुख छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में शामिल होने का मूल्यांकन कर रहा है। ये दो कार्यक्रम हैं: ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) जिसमें ब्रिटेन, इटली और जापान शामिल हैं, और फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) जिसमें फ्रांस, जर्मनी और स्पेन मिलकर काम कर रहे हैं। यह पहली बार होगा जब भारत किसी इतने हाई-एंड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम में हिस्सा लेगा, खासकर ऐसे समय में जब चीन अपने छठी पीढ़ी के प्रोटोटाइप की टेस्टिंग पहले से कर रहा है।


भारत का फाइटर जेट प्रोग्राम कभी ट्रैक पर नहीं रहा

6th Generation Fighter Jet की चर्चा से पहले भारत की लड़ाकू विमान विकास यात्रा को समझना जरूरी है। तेजस को ही देख लीजिए, जिसकी प्लानिंग दशकों पहले शुरू हुई थी। कभी इंजन को लेकर विवाद, कभी किसी और तकनीकी पहलू को लेकर बहस। जब तेजस तैयार हुआ तब भी कई सवाल खड़े रहे।

आज की तारीख में दुनिया के उन्नत देश बहुत आगे की सोच रहे हैं। पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट तो छोड़िए, अब छठी पीढ़ी की बात हो रही है। जबकि भारत के पास अभी तक कोई भी पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान नहीं है। न रूस से मिला, न अमेरिका से, और भारत का अपना AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) कार्यक्रम भी अभी बहुत दूर है। ऐसे में जब चीन तेजी से आगे निकल रहा है और वह अंततः पाकिस्तान को भी सशस्त्र करेगा, तो भारत के लिए यह चुनौती और गंभीर हो जाती है।


आखिर छठी पीढ़ी का फाइटर जेट होता क्या है?

6th Generation Fighter Jet को समझने के लिए पहले पिछली पीढ़ियों पर नजर डालनी होगी। चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट में स्पीड और एजिलिटी प्रमुख थी, जैसे भारत के पास मौजूद सुखोई-30MKI। पांचवीं पीढ़ी में स्टेल्थ तकनीक और सेंसर फ्यूजन जुड़ गए, जैसे अमेरिका का F-35 और चीन का J-20।

लेकिन छठी पीढ़ी बिल्कुल अलग दुनिया है। अभी तक जब हम फाइटर जेट की बात करते थे तो एक अकेले विमान की बात होती थी। छठी पीढ़ी में पूरा का पूरा कॉम्बैट इकोसिस्टम शामिल होता है। यह सिर्फ एक एयरक्राफ्ट नहीं है, बल्कि कई सिस्टम्स का एक एकीकृत जाल है।


छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की प्रमुख विशेषताएं

6th Generation Fighter Jet के कोर फीचर्स पूरी तरह से युद्ध के भविष्य को बदलने वाले हैं। सबसे पहला और सबसे अहम फीचर है AI ड्रिवन कॉम्बैट सिस्टम। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पायलट को थ्रेट डिटेक्शन और रियल टाइम डिसीजन मेकिंग में सहायता करेगा। अभी तक पायलट को सारे फैसले खुद लेने होते थे, लेकिन अब AI का बहुत महत्वपूर्ण रोल आ जाएगा। यह “ऑप्शनली मैंड एयरक्राफ्ट” की तरफ एक बड़ा कदम है, जहां विमान पायलट के बिना भी उड़ सकेगा।

दूसरा बड़ा फीचर है मैंड-अनमैंड टीमिंग। इसमें फाइटर जेट एक कमांड नोड की तरह काम करेगा। कल्पना कीजिए कि एक फाइटर जेट आसमान में उड़ रहा है और उसके इर्दगिर्द कई लॉयल विंगमैन ड्रोन भी साथ-साथ चल रहे हैं, बिना किसी पायलट के। फाइटर जेट इन सभी ड्रोन्स को कंट्रोल कर सकेगा। इसके अलावा स्वॉर्म UAV यानी एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भेजने की क्षमता भी इसमें शामिल होगी, जैसा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान के हमलों में देखने को मिला है।

यह भी पढे़ं 👇

India Fertilizer Crisis

India Fertilizer Crisis: होरमुज संकट से खरीफ सीजन पर खतरा, थाली तक पहुंचेगी जंग की आग

सोमवार, 23 मार्च 2026
Dr BR Ambedkar Legacy

Dr BR Ambedkar Legacy: शून्य से शिखर: डॉ. अंबेडकर की वो कहानी जो रोंगटे खड़े कर दे!

सोमवार, 23 मार्च 2026
IPL Tax Free

IPL Tax Free: ₹9700 करोड़ कमाने वाली BCCI को टैक्स क्यों नहीं देना पड़ता?

सोमवार, 23 मार्च 2026
Amit Shah Moga Rally

BJP Punjab Elections 2027: सिर्फ 2 सीटें, फिर भी अकेले लड़ने का बड़ा दावा

सोमवार, 23 मार्च 2026

तीसरा प्रमुख फीचर है कॉम्बैट क्लाउड। इसमें एयरक्राफ्ट एक डेटा शेयरिंग बैटलफील्ड नेटवर्क बन जाएगा, जो सैटेलाइट, ग्राउंड सिस्टम और नेवल प्लेटफॉर्म सबको एकीकृत करेगा। चौथा फीचर है डायरेक्टेड एनर्जी वेपंस यानी लेजर हथियार, जो आने वाली मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर सकेंगे और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में काम आएंगे।

और पांचवां सबसे अहम फीचर है नेक्स्ट लेवल स्टेल्थ। अभी तक स्टेल्थ तकनीक मुख्य रूप से दुश्मन के रडार से बचने तक सीमित थी। लेकिन छठी पीढ़ी में इन्फ्रारेड सप्रेशन और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर कंट्रोल भी शामिल होगा, ताकि सामने वाले को किसी भी तरीके से पता न चल सके कि विमान उसकी तरफ आ रहा है।


GCAP: ब्रिटेन, इटली और जापान का प्रोग्राम

6th Generation Fighter Jet के पहले प्रमुख कार्यक्रम GCAP (Global Combat Air Programme) में ब्रिटेन, इटली और जापान मिलकर काम कर रहे हैं। यह कार्यक्रम ब्रिटेन के टेम्पेस्ट फाइटर कॉन्सेप्ट पर आधारित है।

GCAP की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें तेजी से प्रगति हो रही है। AI कॉकपिट, एडवांस्ड रडार और ड्रोन स्वॉर्म पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसकी टाइमलाइन 2035 तक इंडक्शन की बताई जा रही है। जापान की कटिंग एज इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञता इस कार्यक्रम की बड़ी ताकत मानी जा रही है। साथ ही टेक्नोलॉजी शेयरिंग में यह कार्यक्रम अपेक्षाकृत अधिक लचीला माना जा रहा है। भारत के लिए GCAP का एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि ब्रिटेन और जापान के साथ संबंध और मजबूत होंगे।


FCAS: फ्रांस, जर्मनी और स्पेन का प्रोग्राम

दूसरा कार्यक्रम FCAS (Future Combat Air System) है, जिसमें फ्रांस, जर्मनी और स्पेन हिस्सेदार हैं। इसमें नेक्स्ट जनरेशन फाइटर जेट, रिमोट कैरियर ड्रोन और कॉम्बैट क्लाउड सिस्टम प्रमुख कंपोनेंट हैं।

FCAS की सबसे बड़ी ताकत इसका इंटीग्रेटेड सिस्टम आर्किटेक्चर है। फ्रांस का राफेल इकोसिस्टम का अनुभव इसमें बहुत काम आ रहा है और फ्रांस इसमें बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत के लिए FCAS का फायदा यह है कि फ्रांस पहले से भारत का मजबूत रक्षा साझेदार है, राफेल विमान भारतीय वायुसेना में पहले से शामिल हैं। हालांकि, इसमें फ्रांस का नियंत्रण ज्यादा होगा और यह कार्यक्रम अधिक जटिल माना जा रहा है। FCAS की टाइमलाइन GCAP से थोड़ी और देर हो सकती है।


चीन का खतरा: भारत के लिए समय तेजी से निकल रहा है

6th Generation Fighter Jet प्रोग्राम में भारत की दिलचस्पी के पीछे सबसे बड़ी वजह चीन से बढ़ता खतरा है। चीन के पास पहले से पांचवीं पीढ़ी का J-20 फाइटर जेट है और वह अपने छठी पीढ़ी के प्रोटोटाइप की टेस्टिंग भी कर रहा है। बड़ा खतरा यही है कि भारत टेक्नोलॉजी के मामले में पिछड़ सकता है।

भारत का अपना पांचवीं पीढ़ी का प्रोजेक्ट AMCA अभी भी कागजों पर है। बोला जा रहा है कि 2035 के बाद ऑपरेशनल होगा, लेकिन यह 2040 तक भी खिंच सकता है। जब भारत चौथी और पांचवीं पीढ़ी में उलझा हुआ है, तब तक उन्नत देश छठी पीढ़ी पर पहुंच चुके होंगे और शायद सातवीं पीढ़ी पर काम शुरू कर दें। यही वह डर है जिसने भारत को कोलैबोरेशन की तरफ सोचने पर मजबूर किया है।


रूस के साथ FGFA का कड़वा अनुभव

भारत का यह फैसला पिछले कड़वे अनुभवों से भी प्रभावित है। रूस के साथ FGFA (Fifth Generation Fighter Aircraft) कार्यक्रम चलाया गया था, जो पूरी तरह असफल रहा। इस अनुभव ने भारत को सिखाया कि पार्टनर्स का चुनाव बुद्धिमानी से करना चाहिए और रियल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। जो भी प्रोग्राम भारत अब ज्वाइन करेगा, उसमें यह सुनिश्चित होना चाहिए कि तकनीक भारत के पास ट्रांसफर हो, न कि सिर्फ तैयार उत्पाद मिले।


भारत की रणनीतिक गणना: टियर्ड एयर कैपेबिलिटी

6th Generation Fighter Jet प्रोग्राम में शामिल होने के पीछे भारत की एक स्पष्ट रणनीतिक सोच काम कर रही है। भारत एक स्तरीय वायु क्षमता (Tiered Air Capability) चाहता है, जिसमें हर स्तर पर अलग-अलग विमान काम करें। लेगेसी स्तर पर सुखोई-30MKI, मिड लेवल पर भारत का अपना तेजस MK2, एडवांस्ड लेवल पर AMCA जो पांचवीं पीढ़ी का होगा, और भविष्य के लिए छठी पीढ़ी का कोलैबोरेशन। इससे भारत की निरंतर तकनीकी प्रासंगिकता सुनिश्चित होगी।

भू-राजनीतिक संतुलन की दृष्टि से भी यह कदम महत्वपूर्ण है। भारत धीरे-धीरे रूस से यूरोप और इंडो-पैसिफिक पार्टनर्स की तरफ शिफ्ट हो रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस और जापान के साथ रक्षा साझेदारी और मजबूत होगी। DRDO और HAL जैसी भारतीय कंपनियों को बूस्ट मिलेगा और भारतीय फर्म्स ग्लोबल एयरोस्पेस सप्लाई चेन में एकीकृत होंगी। मेक इन इंडिया इन डिफेंस को भी एक नई ताकत मिल सकती है।


चुनौतियां कम नहीं हैं: टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से लेकर लागत तक

6th Generation Fighter Jet प्रोग्राम में शामिल होना इतना आसान भी नहीं होगा। सबसे बड़ी चुनौती टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की है। यूरोप इतनी आसानी से कोर टेक्नोलॉजीज जैसे इंजन, स्टेल्थ कोटिंग और AI सिस्टम भारत को देगा, यह एक बड़ा सवाल है। भारत के पास अभी हाई थ्रस्ट जेट इंजन नहीं हैं, एडवांस्ड स्टेल्थ मटेरियल नहीं है और AI इंटीग्रेटेड कॉम्बैट सिस्टम में कमी है।

दूसरी बड़ी चुनौती लागत की है। इस तरह के कार्यक्रमों में अरबों-खरबों डॉलर खर्च होते हैं। भारत को तय करना होगा कि वह किस स्तर तक भागीदारी करना चाहता है और कितना योगदान दे सकता है।

तीसरा सवाल सामरिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) का है। भारत अभी तक स्वदेशी क्षमता की बात करता रहा है। अगर दोबारा किसी दूसरे देश पर निर्भर हो गए तो क्या होगा? हालांकि, दूसरी तरफ यह भी सच है कि अकेले दम पर विकास उतना सफल नहीं हो पा रहा। तो यह एक दोधारी तलवार जैसी स्थिति है।


दुनिया में छठी पीढ़ी की होड़: कौन कहां खड़ा है?

6th Generation Fighter Jet को लेकर वैश्विक स्तर पर पहले से दौड़ शुरू हो चुकी है। अमेरिका अपने NGAD (Next Generation Air Dominance) कार्यक्रम पर काम कर रहा है। चीन का प्रोग्राम गोपनीय है लेकिन वह तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोप में GCAP और FCAS दो समानांतर कार्यक्रम चल रहे हैं।

यह एक नई हथियार दौड़ है, लेकिन इस बार सिर्फ हवाई वर्चस्व तक सीमित नहीं है। भविष्य का युद्ध डेटा डोमिनेंस, AI ड्रिवन डिसीजन मेकिंग और नेटवर्क सेंट्रिक ऑपरेशन पर निर्भर करेगा। फाइटर जेट एक तरह से पूरे डिजिटल बैटलफील्ड में एक नोड बन जाएंगे, जो बाकी सब सिस्टम्स को जोड़ेंगे और नियंत्रित करेंगे।


आत्मनिर्भरता या सहयोग: भारत के सामने कठिन चुनाव

भारत के सामने अब एक बेहद कठिन लेकिन निर्णायक चुनाव है। अभी तक “आत्मनिर्भर भारत” और स्वदेशी विकास पर जोर दिया जाता रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि भारत का फाइटर जेट प्रोग्राम कभी समय पर ट्रैक पर नहीं रहा। तेजस में दशकों लगे, AMCA कब पूरा होगा कोई पक्की टाइमलाइन नहीं है, और FGFA रूस के साथ पूरी तरह असफल रहा। ऐसे में अगर भारत यूरोपियन प्रोग्राम से जुड़ता है तो यह पहली बार होगा जब देश स्वदेशी विकास से हटकर सह-विकास (Co-Development) की तरफ कदम बढ़ाएगा। यह कदम जोखिम भरा जरूर है, लेकिन अगर सही पार्टनर चुना गया और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सुनिश्चित किया गया, तो यह भारत की वायु शक्ति के भविष्य को पूरी तरह बदल सकता है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • रक्षा मंत्रालय ने संसदीय पैनल को बताया कि भारत यूरोपीय 6th Generation Fighter Jet कार्यक्रमों GCAP (ब्रिटेन, इटली, जापान) और FCAS (फ्रांस, जर्मनी, स्पेन) में शामिल होने का मूल्यांकन कर रहा है।
  • छठी पीढ़ी के फाइटर जेट सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि AI, ड्रोन स्वॉर्म, कॉम्बैट क्लाउड, लेजर हथियार और नेक्स्ट लेवल स्टेल्थ सहित पूरा कॉम्बैट इकोसिस्टम होंगे।
  • चीन पहले से पांचवीं पीढ़ी का J-20 रखता है और छठी पीढ़ी के प्रोटोटाइप की टेस्टिंग कर रहा है, जबकि भारत का AMCA अभी 2035 के बाद ही ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
  • सबसे बड़ी चुनौतियां टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, अरबों डॉलर की लागत और सामरिक स्वायत्तता बनाए रखने को लेकर हैं।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: 6th Generation Fighter Jet में क्या खास होता है जो 5th Generation से अलग है?

पांचवीं पीढ़ी में स्टेल्थ और सेंसर फ्यूजन प्रमुख थे, जबकि छठी पीढ़ी में AI ड्रिवन कॉम्बैट सिस्टम, मानवरहित ड्रोन के साथ टीमिंग, कॉम्बैट क्लाउड नेटवर्क, लेजर हथियार और नेक्स्ट लेवल स्टेल्थ शामिल होंगे। यह सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि पूरा युद्ध इकोसिस्टम होगा।

Q2: भारत का AMCA प्रोजेक्ट कब तक तैयार होगा?

भारत का AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी प्रोजेक्ट है। अभी 2035 के बाद ऑपरेशनल होने की बात कही जा रही है, लेकिन यह 2040 तक भी खिंच सकता है। कोई पक्की टाइमलाइन अभी तय नहीं है।

Q3: GCAP और FCAS में से भारत के लिए कौन सा प्रोग्राम बेहतर है?

GCAP (ब्रिटेन, इटली, जापान) तेजी से प्रगति कर रहा है और टेक्नोलॉजी शेयरिंग में अधिक लचीला माना जा रहा है। FCAS (फ्रांस, जर्मनी, स्पेन) में फ्रांस का राफेल अनुभव ताकत है और फ्रांस भारत का पहले से मजबूत रक्षा साझेदार है। दोनों के अपने फायदे और चुनौतियां हैं।

Previous Post

IPL Tax Free: ₹9700 करोड़ कमाने वाली BCCI को टैक्स क्यों नहीं देना पड़ता?

Next Post

Dr BR Ambedkar Legacy: शून्य से शिखर: डॉ. अंबेडकर की वो कहानी जो रोंगटे खड़े कर दे!

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

India Fertilizer Crisis

India Fertilizer Crisis: होरमुज संकट से खरीफ सीजन पर खतरा, थाली तक पहुंचेगी जंग की आग

सोमवार, 23 मार्च 2026
Dr BR Ambedkar Legacy

Dr BR Ambedkar Legacy: शून्य से शिखर: डॉ. अंबेडकर की वो कहानी जो रोंगटे खड़े कर दे!

सोमवार, 23 मार्च 2026
IPL Tax Free

IPL Tax Free: ₹9700 करोड़ कमाने वाली BCCI को टैक्स क्यों नहीं देना पड़ता?

सोमवार, 23 मार्च 2026
Amit Shah Moga Rally

BJP Punjab Elections 2027: सिर्फ 2 सीटें, फिर भी अकेले लड़ने का बड़ा दावा

सोमवार, 23 मार्च 2026
Atiq Ahmed

Atiq Ahmed: 100 से ज्यादा केस, फिर भी बना बाहुबली नेता: बड़ा खुलासा

सोमवार, 23 मार्च 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

सोमवार, 23 मार्च 2026
Next Post
Dr BR Ambedkar Legacy

Dr BR Ambedkar Legacy: शून्य से शिखर: डॉ. अंबेडकर की वो कहानी जो रोंगटे खड़े कर दे!

India Fertilizer Crisis

India Fertilizer Crisis: होरमुज संकट से खरीफ सीजन पर खतरा, थाली तक पहुंचेगी जंग की आग

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।