गुरूवार, 21 मई 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - IMD Weather Forecast: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें मौसम का हाल

IMD Weather Forecast: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें मौसम का हाल

भारतीय मौसम विभाग ने जारी किया 30 अप्रैल से 13 मई तक का विस्तृत पूर्वानुमान, उत्तर भारत में लू का कहर जारी, पूर्वोत्तर में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 1 मई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
IMD Weather Forecast
105
SHARES
698
VIEWS
ShareShareShareShareShare

IMD Weather Forecast: भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने 30 अप्रैल 2026 को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज की जानकारी दी है। उत्तर भारत में लू की मार जारी रहने के साथ-साथ पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अगले दो हफ्तों के दौरान कई राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ गरज-चमक और ओलावृष्टि की भी संभावना है।

देखा जाए तो पिछले सप्ताह से ही उत्तर भारत गर्मी की चपेट में है। 27 अप्रैल को पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का सबसे उच्च तापमान रहा। वहीं दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूर्व की बारिश ने जोर पकड़ लिया है।

IMD Weather Forecast

पिछले सप्ताह का मौसम: उत्तर में लू, पूर्व में बारिश का कहर

India Meteorological Department की रिपोर्ट के अनुसार, 23 से 29 अप्रैल के सप्ताह में उत्तर भारत के कई हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बनी रही। हिमाचल प्रदेश में 25 और 26 अप्रैल को गंभीर लू (Severe Heat Wave) की स्थिति देखी गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 अप्रैल को गंभीर लू चली।

अगर गौर करें तो सामान्य लू की स्थिति पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 23 और 24 अप्रैल को, बिहार में 23 और 26 अप्रैल को, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 24 और 25 अप्रैल को रही। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 25 से 28 अप्रैल तक, राजस्थान में 25 से 28 अप्रैल तक और विदर्भ में 26 से 29 अप्रैल तक लू की स्थिति बनी रही।

वहीं दूसरी ओर, सप्ताह के दूसरे भाग में पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में पश्चिमी हवाओं में चक्रवाती परिसंचरण और गर्त के कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई।

29 अप्रैल को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी बारिश

दिलचस्प बात यह है कि 29 अप्रैल को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) दर्ज की गई। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 से 29 अप्रैल के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25 और 26 अप्रैल को, असम और मेघालय में 25 और 27 से 29 अप्रैल के दौरान, बिहार में 26 अप्रैल को कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।

कई राज्यों में ओलावृष्टि की घटनाएं

समझने वाली बात यह है कि पिछले सप्ताह देश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी घटनाएं दर्ज की गईं। असम और मेघालय तथा मध्य महाराष्ट्र में 23 अप्रैल को, उत्तराखंड में 25, 26 और 29 अप्रैल को, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 25 और 29 अप्रैल को ओलावृष्टि हुई।

जम्मू-कश्मीर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 26 अप्रैल को, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 और 29 अप्रैल को, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तथा पूर्व मध्य प्रदेश में 28 अप्रैल को, ओडिशा और तेलंगाना में 29 अप्रैल को ओलावृष्टि दर्ज की गई।

तूफानी हवाओं के साथ आंधी-पानी

पिछले सप्ताह देश के विभिन्न हिस्सों में तूफानी हवाओं (Squally/Gusty Winds) के साथ गरज-चमक भी हुई। अरुणाचल प्रदेश में 23, 24, 26, 28 और 29 अप्रैल को तूफानी हवाओं के साथ गरज-चमक हुई। असम और मेघालय, पश्चिम मध्य प्रदेश, पूर्व मध्य प्रदेश, कोंकण और गोआ, मध्य महाराष्ट्र में 23 से 29 अप्रैल के दौरान यह स्थिति बनी रही।

तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 23, 24, 26, 28 और 29 अप्रैल को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 23, 24 और 27 से 29 अप्रैल तक, पूर्व उत्तर प्रदेश में 23, 24, 27 और 28 अप्रैल को तूफानी हवाओं के साथ गरज-चमक हुई।

तापमान की स्थिति: गर्मी का असर जारी

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सप्ताह के पहले भाग में साप्ताहिक औसत अधिकतम तापमान उत्तर, उत्तर-पश्चिम और सटे हुए मध्य तथा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। सप्ताह के दूसरे भाग में पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में यह सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

साप्ताहिक औसत न्यूनतम तापमान उत्तर, उत्तर-पश्चिम और सटे हुए मध्य तथा पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से 1-3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। देश के शेष हिस्सों में यह सप्ताह के दौरान लगभग सामान्य रहा।

सप्ताह के दौरान देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस 23 अप्रैल 2026 को पंजाब के गुरदासपुर में दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस 27 अप्रैल 2026 को पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्ज किया गया।

प्री-मानसून बारिश का आंकड़ा: देश में सामान्य से कम

29 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के लिए साप्ताहिक संचयी अखिल भारतीय वर्षा (All India Rainfall) का दीर्घकालिक औसत से प्रतिशत विचलन -45% रहा। यानी देश में सामान्य से 45% कम बारिश हुई।

हालांकि, इस वर्ष के प्री-मानसून सीजन की बारिश (01 मार्च 2026 से 29 अप्रैल 2026) का अखिल भारतीय संचयी वर्षा प्रतिशत विचलन 04% रहा, जो लगभग सामान्य है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सीजन की बारिश सामान्य से 10% अधिक, मध्य भारत में 10% अधिक रही, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में 14% कम और दक्षिण प्रायद्वीप में 28% कम रही।

बड़े पैमाने की मौसमी विशेषताएं: एल नीनो की संभावना

India Meteorological Department की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में कमजोर ला नीना जैसी स्थितियां ENSO-तटस्थ स्थितियों में परिवर्तित हो रही हैं। उष्णकटिबंधीय प्रशांत में वायुमंडलीय परिसंचरण कमजोर ला नीना जैसी स्थितियों के अनुरूप बना हुआ है।

मानसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान एल नीनो स्थितियों के विकास का संकेत देता है। इससे साफ होता है कि आने वाले मानसून सीजन पर एल नीनो का प्रभाव हो सकता है।

वर्तमान में हिंद महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole – IOD) की तटस्थ स्थितियां मौजूद हैं। नवीनतम जलवायु मॉडल पूर्वानुमान संकेत देता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के अंत तक सकारात्मक IOD स्थितियां विकसित होने की संभावना है।

अगले हफ्ते का पूर्वानुमान: कहां होगी बारिश, कहां रहेगी गर्मी

उत्तर-पश्चिम भारत:
जम्मू-कश्मीर में 02 से 05 मई के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ बिखरी से काफी व्यापक हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 30 अप्रैल, 03 और 04 मई को, उत्तराखंड में 30 अप्रैल से 06 मई तक ऐसी स्थिति बन सकती है।

पंजाब में 03 से 06 मई के दौरान, हरियाणा-चंडीगढ़ में 30 अप्रैल, 01 मई और 03 से 06 मई के दौरान, उत्तर प्रदेश में 30 अप्रैल और 04 से 06 मई के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिम राजस्थान में 02 और 03 मई को, पूर्व राजस्थान में 02 से 06 मई के दौरान बारिश हो सकती है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत:
पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ काफी व्यापक से व्यापक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अप्रैल से 06 मई तक भारी बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 30 अप्रैल से 04 मई तक भारी बारिश हो सकती है।

अरुणाचल प्रदेश में 30 अप्रैल और 01 मई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 02 और 03 मई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अप्रैल से 02 मई के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है।

पूर्व भारत:
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले 7 दिनों के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ काफी व्यापक से व्यापक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले 7 दिनों के दौरान बिखरी से गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 01 मई को, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 30 अप्रैल, 03 और 04 मई को, बिहार में 02 मई को, झारखंड में 30 अप्रैल को, ओडिशा में 30 अप्रैल और 01 मई को तूफानी आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार) की संभावना है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 अप्रैल से 03 मई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 30 अप्रैल को, बिहार में 02 मई को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 01 और 02 मई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।

ओडिशा में 30 अप्रैल और 01 मई को, झारखंड में 30 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना है।

मध्य भारत:
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ बिखरी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। विदर्भ में 02 से 04 मई के दौरान ऐसी स्थिति बन सकती है।

पूर्व मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल को, छत्तीसगढ़ में 30 अप्रैल और 04 मई को तूफानी आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार) की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 30 अप्रैल को ओलावृष्टि हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:
तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल, रायलसीमा, तेलंगाना और केरल में 30 अप्रैल से 04 मई के दौरान गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ बिखरी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

यह भी पढे़ं 👇

21 May History

21 May History: जब Amelia Earhart ने रचा इतिहास, Lindbergh से FIFA तक की 10 बड़ी घटनाएं

गुरूवार, 21 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 21 मई 2026
Heat Wave India

Heat Wave India 2026: तपती गर्मी का कहर जारी, IMD ने जारी किया Red Alert, 48°C तक पहुंचा पारा

गुरूवार, 21 मई 2026
Breaking News Live Updates 21 May 2026

Breaking News Live Updates 21 May 2026: Big Alerts, हर अपडेट सबसे पहले

गुरूवार, 21 मई 2026

तटीय आंध्र प्रदेश में 30 अप्रैल को तूफानी आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार) की संभावना है।

तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल तथा केरल में 30 अप्रैल से 02 मई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30 अप्रैल और 01 मई को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30 अप्रैल और 01 मई को ओलावृष्टि भी हो सकती है।

तापमान का पूर्वानुमान: लू का असर कम होगा

02 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में क्रमिक रूप से 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है। 03 से 06 मई के दौरान 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मध्य भारत में 01 मई तक अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है। 02 से 06 मई के दौरान कोई खास बदलाव नहीं होगा।

विदर्भ में 30 अप्रैल और 01 मई को कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनने की संभावना है। पश्चिम राजस्थान में 02 और 03 मई को लू चल सकती है।

ओडिशा में 30 अप्रैल और 01 मई को, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 30 अप्रैल से 04 मई के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 30 अप्रैल से 02 मई के दौरान, तटीय कर्नाटक में 30 अप्रैल को गर्म और आर्द्र मौसम की स्थिति बन सकती है।

दूसरे सप्ताह का पूर्वानुमान (7-13 मई): मानसून की दस्तक की संभावना

07 से 13 मई 2026 के दौरान एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और सटे मैदानी इलाकों को प्रभावित करने की संभावना है। पूरे सप्ताह उत्तरी, मध्य और पूर्वी भारत में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में पश्चिमी हवाएं प्रभावी रहने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत तक निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है। प्रायद्वीपीय भारत में सप्ताह के अधिकांश दिनों में उत्तर-दक्षिण गर्त/पवन असंततता विकसित होने और बने रहने की संभावना है।

दिलचस्प बात यह है कि दूसरे सप्ताह के दौरान दक्षिण-पूर्व अरब सागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत की कम संभावना है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सप्ताह के कुछ/कई दिनों में बिखरे/काफी व्यापक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के कई दिनों में बिखरी से काफी व्यापक वर्षा की संभावना है।

बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा त्रिपुरा में सप्ताह के कुछ/कई दिनों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सप्ताह के कुछ दिनों में बिखरे स्थानों पर हल्की/मध्यम वर्षा हो सकती है।

कुल मिलाकर, उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर तथा दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सप्ताह के कई दिनों में गरज-चमक की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। समग्र रूप से, देश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा सामान्य से अधिक होने की संभावना है।

दूसरे सप्ताह में तापमान: राजस्थान-विदर्भ में लू की आशंका

राजस्थान और विदर्भ तथा सटे दक्षिणी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सप्ताह 2 के कुछ दिनों में लू की कम संभावना है। राजस्थान और गुजरात के कई हिस्सों, पश्चिमी तट के साथ-साथ पूर्वी तट पर ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान (+1.6 से +3.0 डिग्री सेल्सियस) की संभावना है।

बिहार, झारखंड और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम अधिकतम तापमान (-1.6 से -3.0 डिग्री सेल्सियस) की संभावना है। देश के शेष हिस्सों में लगभग सामान्य साप्ताहिक अधिकतम तापमान रहने की संभावना है।

सप्ताह 2 के दौरान गर्म रातों की स्थिति की संभावना नहीं है। हालांकि, दक्षिणी उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक (+3.1 से +5.0 डिग्री सेल्सियस) होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दक्षिण उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तर मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक न्यूनतम तापमान (+1.6 से +3.0 डिग्री सेल्सियस) की संभावना है।

किसानों के लिए विशेष सलाह: फसलों की सुरक्षा जरूरी

India Meteorological Department ने किसानों के लिए विशेष कृषि-मौसम सलाह जारी की है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में फलों के बागों और सब्जी के पौधों को ओलावृष्टि से यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल (Hail Nets) या ओला टोपी (Hail Caps) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

जलभराव रोकने के लिए प्रभावी खेत जल निकासी सुनिश्चित करें। परिपक्व फलों की तुड़ाई जल्द से जल्द करें। कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

अरुणाचल प्रदेश में कटाई किए गए बंदगोभी, मटर, सरसों, देर से पकने वाले धान और आलू की उपज को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें। धान, मक्का, अन्य खड़ी फसलों, सब्जियों और बागों के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।

असम में फसल के खेतों में पानी जमा होने से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें। परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई को प्राथमिकता दें और उपज को सूखे, ढके हुए गोदाम में स्थानांतरित करें। संवेदनशील नर्सरी बेड को ढकने के लिए प्लास्टिक शीट या अस्थायी जाल का उपयोग करें।

मेघालय में गाजर, भिंडी, फ्रेंच बीन की बुवाई स्थगित करें। मक्का, अदरक और टमाटर में उचित जल निकासी प्रदान करें। गिरने से रोकने के लिए बांस का सहारा प्रदान करें।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूर्व-खरीफ धान की प्रारंभिक वानस्पतिक अवस्था के दौरान 5-8 सेमी जल स्तर बनाए रखें, फसल के खेत में लंबी अवधि के लिए बारिश के पानी के जमाव से बचें।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में जलभराव रोकने के लिए विशेष रूप से अदरक, टमाटर और दल्ले खुर्सानी के खेतों में उचित खेत जल निकासी सुनिश्चित करें। कद्दूवर्गीय और दल्ले खुर्सानी की नर्सरी को पॉलीथीन शीट या एग्रो-नेट से ढककर युवा पौधों की रक्षा करें। इसके अतिरिक्त, बारिश के सीधे प्रभाव को कम करने के लिए अदरक के खेतों में स्थानीय रूप से उपलब्ध मल्चिंग सामग्री लगाएं।

केरल में केले, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें। केले के पौधों को सहारा दें। तमिलनाडु में काला चना, हरा चना, गन्ना, बागान और सब्जियों में पानी जमा होने से बचने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।

लू प्रभावित क्षेत्रों में सावधानी

महाराष्ट्र-विदर्भ में ठंडे घंटों के दौरान ग्रीष्मकालीन हरे चने, मूंगफली, प्याज, सूरजमुखी, तिल, चारे की फसलों, बागों और सब्जियों को आवश्यकतानुसार हल्की और बार-बार सिंचाई लागू करें। वाष्पीकरण को कम करने के लिए सब्जी और बागवानी फसलों में पुआल की मल्चिंग का उपयोग करें और नई लगाई गई फसलों के लिए छाया जाल स्थापित करें।

मध्य प्रदेश में मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी फसलों को आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई लागू करें। राजस्थान में जायद मूंग, अमेरिकी कपास और देसी कपास, भिंडी, तरबूज, खरबूजा, टिंडा, खीरा और लंबे तरबूज जैसी खड़ी फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई प्रदान करें।

ओडिशा में बोरो धान, ग्रीष्मकालीन मक्का, हरे चने, काले चने, मूंगफली और सब्जी के खेतों को हल्की सिंचाई प्रदान करें। आम और काजू की फसलों में पर्याप्त मिट्टी की नमी बनाए रखना सुनिश्चित करें। तेलंगाना में आवश्यकतानुसार आम के बागों और सब्जी फसलों को सिंचाई प्रदान करें।

खड़ी फसलों में मिट्टी की नमी के नुकसान को कम करने के लिए फसल अवशेष, पुआल या पॉलीथीन से मल्चिंग करें।

पशुधन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन के लिए सलाह

भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें। चारे और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए तालाबों के चारों ओर उचित जाल के साथ एक आउटलेट का निर्माण करें, जिससे अतिप्रवाह की स्थिति में मछलियों को बचने से रोका जा सके।

उच्च तापमान और लू वाले क्षेत्रों में, जानवरों के लिए स्वच्छ, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल प्रदान करें, और प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए पोल्ट्री शेड की छतों को घास से ढकें।


मुख्य बातें (Key Points)

• उत्तर भारत में लू की मार जारी – बांदा में 47.6°C तापमान, अगले सप्ताह विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में लू की चेतावनी
• पूर्वोत्तर में अत्यधिक भारी बारिश – अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय में 30 अप्रैल से 03 मई तक अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना
• कई राज्यों में तूफानी आंधी और ओलावृष्टि – 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी
• 7-13 मई के दौरान मानसून की दस्तक संभव – दक्षिण-पूर्व अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसून की शुरुआत की कम संभावना


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: भारत में अगले हफ्ते किन राज्यों में लू (Heat Wave) की स्थिति रहेगी?

उत्तर: IMD के अनुसार, 30 अप्रैल और 01 मई को विदर्भ में कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनेगी। पश्चिम राजस्थान में 02 और 03 मई को लू चलने की संभावना है। दूसरे सप्ताह (7-13 मई) में राजस्थान, विदर्भ और सटे मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्सों में लू की कम संभावना है।

प्रश्न 2: किन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है?

उत्तर: अरुणाचल प्रदेश में 30 अप्रैल और 01 मई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 02 और 03 मई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 अप्रैल से 02 मई के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 01 और 02 मई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

प्रश्न 3: क्या 2026 के मानसून पर एल नीनो का असर होगा?

उत्तर: हां, मानसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान एल नीनो स्थितियों के विकसित होने का संकेत है। वर्तमान में कमजोर ला नीना स्थितियां ENSO-तटस्थ स्थितियों में परिवर्तित हो रही हैं। मानसून सीजन के अंत तक सकारात्मक IOD स्थितियां भी विकसित हो सकती हैं।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Breaking News Live Updates 1 May 2026: Big Headlines, हर खबर सबसे पहले

Next Post

1 May History: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस से Empire State Building तक, जानें इतिहास की बड़ी घटनाएं

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

21 May History

21 May History: जब Amelia Earhart ने रचा इतिहास, Lindbergh से FIFA तक की 10 बड़ी घटनाएं

गुरूवार, 21 मई 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 21 मई 2026
Heat Wave India

Heat Wave India 2026: तपती गर्मी का कहर जारी, IMD ने जारी किया Red Alert, 48°C तक पहुंचा पारा

गुरूवार, 21 मई 2026
Breaking News Live Updates 21 May 2026

Breaking News Live Updates 21 May 2026: Big Alerts, हर अपडेट सबसे पहले

गुरूवार, 21 मई 2026
Today Horoscope

Today Horoscope 21 May 2026: गुरु पुष्य योग में 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहते हैं सितारे

गुरूवार, 21 मई 2026
E-Pharmacy

E-Pharmacy का काला सच: 12 लाख Chemist Strike, बिना Prescription दवा बिक्री का खुलासा

बुधवार, 20 मई 2026
Next Post
1 May History

1 May History: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस से Empire State Building तक, जानें इतिहास की बड़ी घटनाएं

Device Farming Scam

Jamtara 2.0: Device Farming Scam ने ई-कॉमर्स से लूटे $48 Billion!

Putin-Trump Call

Putin-Trump Call: ईरान के 11 टन यूरेनियम पर रूस का बड़ा प्रपोजल

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।