IMD Weather Alert: भारतीय मौसम विभाग ने देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। 10 जुलाई 2026 को दोपहर 1:50 बजे जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में Low Pressure Area के प्रभाव में कई राज्यों में अगले 24 घंटों में अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है। देखा जाए तो यह मानसून सीजन की अब तक की सबसे गंभीर चेतावनियों में से एक है।
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में 21 सेंटीमीटर से अधिक की अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। मेरठ के मावना में 32 सेंटीमीटर, उत्तराखंड के भगवानपुर में 23 सेंटीमीटर और हिमाचल प्रदेश के पच्छड़ में 21 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। दिलचस्प बात यह है कि यह आंकड़े सामान्य से काफी ज्यादा हैं।
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पिछले 24 घंटों में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
India Meteorological Department की रिपोर्ट के अनुसार 10 जुलाई 2026 की सुबह 8:30 बजे तक देश के विभिन्न हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। अगर गौर करें तो शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शनिवार सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मावना में 32 सेंटीमीटर बारिश हुई जो सबसे अधिक है। वहीं उत्तराखंड में भगवानपुर ने 23 सेंटीमीटर बारिश देखी। हिमाचल प्रदेश में पच्छड़ में 21 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
हरियाणा के इंद्री में 20 सेंटीमीटर और बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मैनटाड में भी 20 सेंटीमीटर बारिश हुई। पूर्वी मध्य प्रदेश के गौरीहर में 18 सेंटीमीटर और मेघालय के मावसिनराम में भी 18 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
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| राज्य/क्षेत्र | स्थान | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|
| पश्चिम उत्तर प्रदेश | मावना (मेरठ) | 32 |
| उत्तराखंड | भगवानपुर | 23 |
| हिमाचल प्रदेश | पच्छड़ | 21 |
| हरियाणा | इंद्री | 20 |
| बिहार | मैनटाड (पश्चिम चंपारण) | 20 |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | गौरीहर | 18 |
| मेघालय | मावसिनराम | 18 |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | हैदरगढ़, चुनार | 16 |
| पंजाब | राजपुरा | 14 |
अगले 24 घंटों में कहां-कहां भारी बारिश का खतरा
समझने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश के उत्तरी मध्य भाग में स्थित Low Pressure Area अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन इससे पहले यह कई राज्यों में तबाही मचा सकता है।
उत्तराखंड में 11 से 16 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 11 से 15 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि 10 जुलाई को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10-11 जुलाई के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। पंजाब में 10 से 13 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में भी भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी भारत भी इस बार बारिश से अछूता नहीं रहेगा। सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम में 10 से 12 जुलाई के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 10 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।
बिहार में भी 10-11 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 10 जुलाई को खतरनाक स्तर की बारिश हो सकती है। असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10-11 जुलाई के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है।
देखा जाए तो पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार व्यापक बारिश का दौर 16 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।
तेज हवाओं और आंधी की चेतावनी
बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में तेज हवाओं का भी खतरा है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
कहने का मतलब साफ है कि आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तेलंगाना, कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी तड़ित झंझावात की चेतावनी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटों में कहां चली तेज हवाएं
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में 63 किमी प्रति घंटे, रीवा और जबलपुर में 43 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में 59 किमी प्रति घंटे की तेज हवा दर्ज की गई।
पश्चिम मध्य प्रदेश के भिंड में 56 किमी प्रति घंटे, दतिया, ग्वालियर, सीहोर और रायसेन में 44 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। हरियाणा के सिरसा में 54 किमी प्रति घंटे की हवा रिकॉर्ड की गई।
| राज्य/क्षेत्र | स्थान | हवा की रफ्तार (किमी/घंटा) |
|---|---|---|
| पूर्वी मध्य प्रदेश | टीकमगढ़ | 63 |
| उत्तराखंड | मुक्तेश्वर | 59 |
| पश्चिम मध्य प्रदेश | भिंड | 56 |
| मध्य महाराष्ट्र | कलवां (नासिक) | 56 |
| हरियाणा | सिरसा | 54 |
| अंडमान निकोबार | श्री विजयपुरम | 48 |
दिल्ली-NCR में मौसम का हाल
दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
10 जुलाई को दिल्ली में सामान्यतः बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर और शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश के साथ कभी-कभार आंधी-तूफान भी आ सकता है। अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
अगर गौर करें तो 11 जुलाई को दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या आंधी-बिजली की संभावना है। तापमान 35-37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अरब सागर में सोमालिया, ओमान के तट पर, मध्य और उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्सों में 10 से 15 जुलाई तक खतरनाक स्थिति रह सकती है।
बंगाल की खाड़ी में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर और पश्चिम बंगाल के तट पर 10 जुलाई को समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। अंडमान सागर में 12 से 15 जुलाई के दौरान समुद्र उफान पर रह सकता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को भी कई महत्वपूर्ण सलाह दी हैं। हिमाचल प्रदेश में मक्का, रागी और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें। राजमा की बुवाई को तब तक टालें जब तक मौसम साफ न हो जाए।
उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान मक्का, राजमा, उड़द और सोयाबीन की बुवाई से बचें। धान, मक्का, टमाटर, मिर्च और रागी के खेतों से अतिरिक्त बारिश का पानी निकाल दें।
पंजाब में कपास और मक्का के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। हरियाणा में कपास के खेतों से अतिरिक्त बारिश के तुरंत बाद खड़े पानी को निकाल दें।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के दौरान मूंग, उड़द, ज्वार, मूंगफली और तिल की बुवाई से बचें। धान की नर्सरी और मक्का तथा सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें।
संभावित प्रभाव और जरूरी सावधानियां
भारी से अत्यधिक भारी बारिश के कारण कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। शहरी इलाकों में सड़कों पर पानी भर सकता है और निचले इलाकों में स्थानीय बाढ़ आ सकती है। भारी बारिश के कारण दृश्यता में कभी-कभार कमी आ सकती है।
बड़े शहरों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात में बाधा आ सकती है जिससे यात्रा का समय बढ़ सकता है। कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान हो सकता है। कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में स्थानीय भूस्खलन, मिट्टी खिसकने या जमीन धंसने की आशंका है। बागवानी और कुछ क्षेत्रों में खड़ी फसलों को जलमग्नता से नुकसान हो सकता है। कुछ नदी घाटियों में नदी में बाढ़ आ सकती है।
क्या करें और क्या न करें
गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने मार्ग पर यातायात की स्थिति जांच लें। इस संबंध में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलजमाव की समस्या होती है।
कमजोर संरचना में रहने से बचें। पशुओं को भारी बारिश के दौरान शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें। चारा और चारे को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके और ओवरफ्लो की स्थिति में मछलियों के भागने से रोका जा सके।
मुख्य बातें (Key Points)
• उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में 10 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी
• पिछले 24 घंटों में मेरठ के मावना में 32 सेमी सबसे अधिक बारिश दर्ज
• उत्तर प्रदेश के उत्तरी मध्य भाग में Low Pressure Area अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होगा
• पूर्वी मध्य प्रदेश में 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना
• दिल्ली-NCR में 10 जुलाई को मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की आशंका
• सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल, सिक्किम, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी वर्षा का अनुमान
• शहरी इलाकों में जलजमाव, यातायात में बाधा और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका
• मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह, किसानों को खेतों से पानी निकालने की हिदायत













