IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने 18 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय मानसून की स्थिति रहने वाली है।
देखा जाए तो यह केवल एक मौसम पूर्वानुमान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। छत्तीसगढ़ और मेघालय में पिछले 24 घंटों में 21 सेंटीमीटर से अधिक की अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है।
🔥 यह भी पढ़ें- Indian Railways Refund Rules: ट्रेन छूट गई तो पैसा वापस मिलेगा या नहीं? IRCTC TDR Process की पूरी जानकारी
कहां-कहां है खतरा: Red और Orange Alert
IMD ने कई राज्यों के लिए Red Alert (लाल चेतावनी) और Orange Alert (नारंगी चेतावनी) जारी की है। यह चेतावनियां इस बात का संकेत हैं कि तत्काल कार्रवाई की जरूरत है।
19 और 20 जुलाई को Extremely Heavy Rainfall:
- उत्तराखंड: 19 और 20 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल प्रदेश: 20 और 21 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 18 और 19 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश
- अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय: 18 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि “अत्यधिक भारी बारिश” का मतलब है 24 घंटे में 204.4 मिलीमीटर से अधिक वर्षा।
पिछले 24 घंटों का रिकॉर्ड: कहां कितनी बारिश?
IMD के अनुसार, 17 जुलाई की सुबह 8:30 से 18 जुलाई की सुबह 8:30 तक निम्न स्थानों पर सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई:
| स्थान | बारिश (सेमी) | श्रेणी |
|---|---|---|
| मावक्यरवात (मेघालय) | 40 | अत्यधिक भारी |
| बलरामपुर (छत्तीसगढ़) | 28 | अत्यधिक भारी |
| जमशेदपुर (झारखंड) | 20 | अति भारी |
| वाक्रो (अरुणाचल प्रदेश) | 18 | अति भारी |
| फंगोटा (पंजाब) | 17 | अति भारी |
| जयबीरपारा (सब-हिमालयन डब्ल्यूबी) | 14 | भारी |
| धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) | 14 | भारी |
दिलचस्प बात यह है कि मेघालय के मावक्यरवात में एक ही दिन में 40 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो इस साल का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
🔥 यह भी पढ़ें- Punjab Birth Certificate मामला: ‘लड़का-लड़की’ लिखा, नाम गायब – छात्र बर्बाद!
मौसम तंत्र: क्यों हो रही है इतनी बारिश?
IMD के मौसम विज्ञानियों ने बताया कि कई मौसम तंत्र एक साथ सक्रिय हैं:
1. Low Pressure Area (निम्न दबाव क्षेत्र): गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तर झारखंड के पश्चिमी हिस्सों पर निम्न दबाव का क्षेत्र था, जो अब कमजोर हो गया है। लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती चक्कर अभी भी सक्रिय है।
2. Monsoon Trough (मानसून ट्रफ): मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में है।
3. Cyclonic Circulation (चक्रवाती चक्कर): उत्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण ओडिशा और पूर्वोत्तर असम में चक्रवाती चक्कर सक्रिय हैं।
4. Western Disturbance: ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है।
समझने वाली बात यह है कि जब इतने सारे मौसम तंत्र एक साथ सक्रिय होते हैं, तो बारिश की तीव्रता और व्यापकता दोनों बढ़ जाती है।
क्षेत्रवार पूर्वानुमान: अगले 7 दिनों का हाल
उत्तर-पश्चिम भारत:
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 19 से 24 जुलाई तक व्यापक बारिश। 20-22 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना। तेज आंधी (40-60 किमी/घंटा) भी चल सकती है।
हिमाचल प्रदेश: 18 से 24 जुलाई तक व्यापक बारिश। 19, 20, 21 और 22 जुलाई को अति भारी से अत्यधिक भारी बारिश।
उत्तराखंड: 18 से 24 जुलाई तक लगातार बारिश। 19 और 20 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का खतरा। 21 जुलाई को भी अति भारी बारिश संभव।
हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब: 20 से 22 जुलाई को अति भारी बारिश। गर्म और आर्द्र मौसम 18 जुलाई को।
पूर्वी और पश्चिम उत्तर प्रदेश: 18 से 24 जुलाई तक लगातार बारिश। कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश।
पूर्वी भारत:
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 18 और 19 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश। 20 जुलाई को भी अति भारी बारिश संभव।
बिहार: 18 से 20 जुलाई तक अति भारी बारिश। 21 से 24 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी।
झारखंड: 18 से 21 जुलाई तक भारी बारिश।
ओडिशा: 18 से 20 जुलाई तक भारी बारिश।
पूर्वोत्तर भारत:
अरुणाचल प्रदेश: 18 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश। 19 जुलाई को अति भारी बारिश।
असम और मेघालय: 18 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश। 19 और 20 जुलाई को अति भारी बारिश।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 18 से 22 जुलाई तक भारी बारिश।
मध्य भारत:
छत्तीसगढ़: 18 और 19 जुलाई को अति भारी बारिश। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश जारी।
पश्चिम और दक्षिण भारत:
पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 7 दिनों तक सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
IMD ने मछुआरों को सख्त चेतावनी दी है कि वे निम्न क्षेत्रों में समुद्र में न जाएं:
अरब सागर:
- 18 से 23 जुलाई: सोमालिया, ओमान तट, पश्चिम-मध्य अरब सागर
- 18 से 20 जुलाई: उत्तर गुजरात तट
- 20 से 23 जुलाई: गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र तट
बंगाल की खाड़ी:
- 18 से 20 जुलाई: उत्तर तमिलनाडु तट, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी
- 20 से 21 जुलाई: आंध्र प्रदेश तट, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि समुद्र में लहरों की ऊंचाई 6 से 14 मीटर तक हो सकती है, जो बेहद खतरनाक है।
दिल्ली-NCR का मौसम: अगले 4 दिनों का हाल
18 जुलाई (आज): आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और आंधी-बिजली। गर्म और आर्द्र स्थिति। तेज हवाएं (20-40 किमी/घंटा)। अधिकतम तापमान 36-38°C।
19 जुलाई: बादल छाए रहेंगे। हल्की बारिश संभव। अधिकतम तापमान 35-37°C, न्यूनतम 28-30°C।
20 जुलाई: कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश। आंधी-बिजली। तेज हवाएं। तापमान में गिरावट। अधिकतम 32-34°C, न्यूनतम 25-27°C।
21 जुलाई: कई स्थानों पर मध्यम बारिश। आंधी-बिजली जारी। अधिकतम 32-34°C, न्यूनतम 24-26°C।
समझने वाली बात यह है कि दिल्ली-NCR में 20-21 जुलाई को सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है।
संभावित प्रभाव और सावधानियां
IMD ने चेतावनी दी है कि भारी से अत्यधिक भारी बारिश से निम्न समस्याएं हो सकती हैं:
1. शहरी क्षेत्रों में जलभराव: सड़कों पर पानी भरने से यातायात ठप हो सकता है। अंडरपास बंद हो सकते हैं।
2. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में भूस्खलन का खतरा।
3. कच्ची सड़कों को नुकसान: ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
4. फसलों को नुकसान: खड़ी फसलें और बागवानी को जलभराव से नुकसान हो सकता है।
5. नदियों में बाढ़: कुछ नदी घाटियों में बाढ़ आ सकती है।
कृषि सलाह: किसानों के लिए जरूरी निर्देश
IMD ने किसानों को निम्न सलाह दी है:
असम: गन्ना, सोयाबीन, अरहर और तिल के खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करें। जहां संभव हो, परिपक्व फसलों की कटाई करें।
मेघालय: धान नर्सरी, मक्का, भिंडी और अदरक के खेतों में प्रभावी जल निकासी बनाए रखें।
छत्तीसगढ़: धान नर्सरी और मक्का, सोयाबीन, अरहर के खेतों में लगातार जल निकासी करें। सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण कार्य स्थगित रखें।
उत्तराखंड: मूंगफली, सोयाबीन और मक्का की बुवाई स्थगित करें। धान, टमाटर और मिर्च के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें।
हिमाचल प्रदेश: मक्का, ककड़ी, टमाटर और शिमला मिर्च के खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करें।
केरल: केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जियों में पर्याप्त जल निकासी सुविधा प्रदान करें। केले के पौधों को सहारा दें।
पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए सलाह
पशुपालकों के लिए:
- भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
- उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें
- चारा और फीड को सुरक्षित स्थान पर रखें
मत्स्य पालकों के लिए:
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ निकास बनाएं
- अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें ताकि मछलियां बाहर न निकल जाएं
फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD ने अगले 24 घंटों के लिए फ्लैश फ्लड रिस्क (तत्काल बाढ़ का खतरा) की चेतावनी दी है:
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों में कम से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड जोखिम।
पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही जल प्रवाह और जलभराव हो सकता है।
सरकारी तैयारी और जनता से अपील
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और IMD ने राज्य सरकारों को अलर्ट पर रहने और आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय करने की सलाह दी है।
जनता से अपील:
- अपने मार्ग पर यातायात की स्थिति की जांच करें
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
- आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर सहेजकर रखें
- स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें
अगर गौर करें तो IMD की यह चेतावनी महज एक औपचारिकता नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में क्लाइमेट चेंज के कारण अचानक भारी बारिश की घटनाएं बढ़ी हैं। 2013 की केदारनाथ त्रासदी और हाल के वर्षों में उत्तराखंड और हिमाचल में हुई आपदाएं इसका प्रमाण हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- IMD ने अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय मानसून की चेतावनी दी
- उत्तराखंड (19-20 जुलाई), जम्मू-कश्मीर-हिमाचल (20-21 जुलाई), सब-हिमालयन बंगाल-सिक्किम (18-19 जुलाई) में अत्यधिक भारी बारिश
- मेघालय में 40 सेमी और छत्तीसगढ़ में 28 सेमी बारिश पिछले 24 घंटों में दर्ज
- मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की सख्त चेतावनी
- दिल्ली-NCR में 20-21 जुलाई को मध्यम बारिश संभव, तापमान में गिरावट












