IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों में अगले एक सप्ताह मौसम की दो अलग-अलग तस्वीरें दिखने वाली हैं। India Meteorological Department (IMD) ने 25 अप्रैल 2026 को जारी ताज़ा बुलेटिन में बताया कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले तीन दिन हीट वेव यानी लू का प्रकोप रहेगा, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में गरज के साथ तेज़ बारिश का दौर जारी रहेगा।
देखा जाए तो यह मौसम का सबसे विरोधाभासी समय है जब देश का एक हिस्सा गर्मी की भीषण लहर से झुलस रहा है तो दूसरा हिस्सा बारिश और तूफान की चपेट में है। पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में देश का सर्वाधिक तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पिछले 24 घंटे: कहां क्या हुआ?
25 अप्रैल की सुबह 8:30 बजे तक के आंकड़े बताते हैं कि असम और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम के कुछ इलाकों में 7-11 सेंटीमीटर भारी बारिश हुई। तेज़पुर और मझेरदाबरी में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
दिलचस्प बात यह है कि असम और मेघालय में तूफानी हवाओं की रफ्तार 30-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। मांगलदाई में सबसे तेज़ हवाएं 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में भी तेज़ हवाएं चलीं।
चिंता का विषय यह है कि हिमाचल प्रदेश में गंभीर हीट वेव (Severe Heat Wave) की स्थिति बनी, जबकि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लू चली। हरियाणा में गर्म रात (Warm Night) की स्थिति भी दर्ज की गई।
हैरान करने वाली बात यह है कि उत्तराखंड और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में ओलावृष्टि भी हुई।
तापमान: देश का हाल क्या है?
पिछले 24 घंटों में देश के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तट को छोड़कर बाकी देश में गर्मी का सितम जारी रहा।
अगर गौर करें तो जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम-मेगालय, गंगा के मैदानी इलाकों, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान और छत्तीसगढ़ में दिन का तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।
रात का तापमान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में सामान्य से 3.1-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
समझने वाली बात यह है कि मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले 3-7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
Ministry of Earth Sciences के अधीन काम करने वाले भारतीय मौसम विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग चेतावनियां जारी की हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में क्या होगा?
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद में 25-28 अप्रैल तक गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 28-30 अप्रैल तक और उत्तराखंड में 25, 26 और 28-30 अप्रैल को यही स्थिति रहेगी।
पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ में 27-30 अप्रैल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28-30 अप्रैल, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 अप्रैल से 1 मई तक और राजस्थान में 27-29 अप्रैल तक गरज और बिजली के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत: भारी बारिश का अलर्ट
यहां ध्यान देने वाली बात है कि अरुणाचल प्रदेश में 25-28 अप्रैल तक, असम-मेघालय में 27 अप्रैल से 1 मई तक और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 25-29 अप्रैल तक गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
राहत की बात यह है कि IMD ने पहले से ही विस्तृत चेतावनी जारी कर दी है। असम और मेघालय में 25 और 26 अप्रैल को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं (Thundersquall) की चेतावनी दी गई है जो 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
अरुणाचल प्रदेश में 25, 26 और 29 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना है। 27, 28, 30 अप्रैल और 1 मई को अति भारी बारिश हो सकती है। असम-मेघालय में भी 27 अप्रैल से 1 मई तक अति भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
पूर्वी भारत में तूफान का खतरा
पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में 25 अप्रैल से 1 मई तक गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं के साथ बारिश होगी।
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25 अप्रैल को, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और झारखंड में 26 अप्रैल को 50-60 किमी प्रति घंटे (70 किमी तक पहुंचने वाली) तूफानी हवाओं की चेतावनी है। बिहार में 26-27 अप्रैल और झारखंड में 26-28 अप्रैल को यही स्थिति रहेगी।
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25 अप्रैल से 1 मई तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 26 और 27 अप्रैल को ओलावृष्टि हो सकती है।
मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
मध्य प्रदेश में 27-29 अप्रैल, छत्तीसगढ़ में 25-29 अप्रैल और विदर्भ में 28-29 अप्रैल को गरज-बारिश की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में 28-29 अप्रैल, केरल और माहे में 27-29 अप्रैल, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 25-29 अप्रैल तक गरज-बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 25-27 अप्रैल तक ओलावृष्टि की संभावना है।
पश्चिम भारत में मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 25-26 अप्रैल को हल्की बारिश और गरज का अनुमान है।
तापमान में क्या बदलाव होगा?
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 27 अप्रैल तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। उसके बाद 28 अप्रैल से 1 मई तक धीरे-धीरे 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी।
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी 27 अप्रैल तक तापमान स्थिर रहेगा और फिर 28 अप्रैल से 1 मई तक 2-4 डिग्री की गिरावट आएगी।
पूर्वी भारत में 26 अप्रैल तक स्थिर और फिर 27 अप्रैल से 1 मई तक 3-4 डिग्री की गिरावट। पूर्वोत्तर में 27 अप्रैल तक 3-6 डिग्री की गिरावट और फिर 28 अप्रैल से 1 मई तक स्थिर रहेगा।
महाराष्ट्र में 25 अप्रैल तक स्थिर और फिर 26 अप्रैल से 1 मई तक 2-4 डिग्री की गिरावट होगी। गुजरात में 26 अप्रैल तक 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी और फिर 27 अप्रैल से 1 मई तक 2-4 डिग्री की गिरावट आएगी।
हीट वेव चेतावनी: कहां-कहां सावधानी जरूरी
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और मध्य भारत में 25-27 अप्रैल तक हीट वेव की स्थिति रहेगी। राजस्थान में 25-26 अप्रैल और बिहार में 25 अप्रैल को लू चलेगी।
गर्म और आर्द्र मौसम (Hot & Humid) गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 25 अप्रैल, ओडिशा में 25-27 अप्रैल, त्रिपुरा, कोंकण, गोवा, गुजरात, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 25-26 अप्रैल तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 25-29 अप्रैल तक रहेगा।
गर्म रात (Warm Night) की स्थिति पंजाब और उत्तर प्रदेश में 25-26 अप्रैल, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 25-27 अप्रैल और मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में 27-28 अप्रैल को रहेगी।
दिल्ली-NCR: अगले चार दिनों का हाल
25 अप्रैल 2026: आंशिक बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर हीट वेव की स्थिति। दोपहर/शाम को गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना। दिन में 15-25 किमी प्रति घंटे की हवाएं जो 35 किमी तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
26 अप्रैल 2026: आंशिक बादल। कुछ स्थानों पर हीट वेव। 20-30 किमी प्रति घंटे की हवाएं जो 40 किमी तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 41-43 डिग्री और न्यूनतम 25-27 डिग्री सेल्सियस।
27 अप्रैल 2026: आंशिक बादल। दोपहर/शाम को गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना। 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं जो 50 किमी तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 41-43 डिग्री और न्यूनतम 25-27 डिग्री।
28 अप्रैल 2026: आंशिक से सामान्यतः बादल छाए रहेंगे। हल्की बारिश/बूंदाबांदी के साथ गरज/बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे (50 किमी तक) की तेज़ हवाएं। अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री और न्यूनतम 26-28 डिग्री सेल्सियस।
लू से बचाव: क्या करें, क्या न करें
स्वास्थ्य पर मध्यम जोखिम है, खासकर कमजोर वर्ग जैसे शिशु, बुजुर्ग और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए।
सावधानियां:
- लंबे समय तक गर्मी में बाहर रहने से बचें
- हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें
- बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे
- ORS, लस्सी, तोरणी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ जैसे घर के पेय पदार्थों का सेवन करें
तूफान और ओलावृष्टि से सुरक्षा
असम-मेघालय, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल-सिक्किम, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार में तूफानी हवाएं और झारखंड तथा उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में ओलावृष्टि की चेतावनी है।
संभावित प्रभाव:
- पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं
- खड़ी फसलों को नुकसान
- केला और पपीता के पेड़ों को नुकसान
- बिजली और संचार लाइनों को क्षति
- कमजोर संरचनाओं को आंशिक क्षति
- कच्चे घरों/दीवारों और झोपड़ियों को नुकसान
- हल्की वस्तुएं उड़ सकती हैं
- खुले में लोगों और पशुओं को चोट लग सकती है
करें:
- मौसम पर नज़र रखें और स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- यदि संभव हो तो यात्रा से बचें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सहारे न खड़े हों
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें
- पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें
- बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें
भारी बारिश: प्रभाव और सावधानियां
संभावित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जल जमाव
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- जल जमाव के कारण यातायात में व्यवधान और यात्रा समय में वृद्धि
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- कमजोर संरचनाओं को क्षति की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी खिसकना
- जलमग्नता के कारण बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
- कुछ नदी घाटियों में नदी में बाढ़ की स्थिति
करें:
- अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले यातायात की स्थिति की जांच करें
- जारी यातायात सलाह का पालन करें
- ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जल जमाव होता है
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
मछुआरों के लिए चेतावनी
24-29 अप्रैल तक मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी: उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 26, 27 और 28 अप्रैल को।
अरब सागर: कोई चेतावनी नहीं।
किसानों के लिए विशेष सलाह
ओलावृष्टि के प्रभाव के लिए:
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, झारखंड और आंतरिक कर्नाटक में फलों के बागों और सब्जी के पौधों को यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाली या ओला टोपी का उपयोग करें
- जल जमाव को रोकने के लिए प्रभावी खेत जल निकासी सुनिश्चित करें
- परिपक्व फलों की तुड़ाई जल्द से जल्द करें और उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें
भारी बारिश के प्रभाव के लिए:
- अरुणाचल प्रदेश में कटी हुई गोभी, मटर, सरसों और आलू की उपज को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें
- धान, मक्का, सब्जियों और बागों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- असम में परिपक्व फसलों की तुरंत कटाई को प्राथमिकता दें और उपज को सूखे, ढके गोदाम में ले जाएं
- मेघालय में गाजर, भिंडी, फ्रेंच बीन की बुवाई स्थगित करें
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अदरक, टमाटर के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
उच्च तापमान/हीट वेव के प्रभाव के लिए:
- महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार में हल्की और बार-बार सिंचाई करें
- तटीय आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल में खड़ी फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखें
- मल्चिंग का उपयोग करें ताकि वाष्पीकरण को कम किया जा सके
- नए लगाए गए पौधों के लिए छाया जाल स्थापित करें
गरज/तेज़ हवाओं के प्रभाव के लिए:
- कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें या तिरपाल से ढकें
- बागवानी फसलों को यांत्रिक सहारा और सब्जियों को दांव या सहारा प्रदान करें
पशुधन/मुर्गीपालन/मत्स्य पालन:
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें
- खराब होने से बचाने के लिए चारा और चारा को सुरक्षित स्थान पर रखें
- तालाबों के चारों ओर उचित जाली के साथ आउटलेट का निर्माण करें ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके
- उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में जानवरों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल प्रदान करें
- मुर्गी शेड की छतों को घास से ढकें
मौसम प्रणालियां: क्या हो रहा है?
इसका मतलब है कि कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में गर्त के रूप में समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर लगभग 70°E देशांतर के साथ 32°N अक्षांश के उत्तर में चल रहा है।
मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी भागों से दक्षिण-पश्चिम राजस्थान तक पूर्वी राजस्थान से होते हुए पाकिस्तान से सटे निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक गर्त चल रहा है।
उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से कन्याकुमारी क्षेत्र तक दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु से होते हुए निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में गर्त/पवन असंततता चल रही है।
आंतरिक महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्र में निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों में एक प्रति-चक्रवाती परिसंचरण स्थित है।
पश्चिमी हवाओं में एक गर्त समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर लगभग 93°E देशांतर के साथ 22°N अक्षांश के उत्तर में चल रहा है।
क्या तैयारी करनी चाहिए?
देखा जाए तो अगले एक सप्ताह का मौसम काफी गतिशील रहने वाला है। उत्तर-मध्य भारत में लू से बचाव और पूर्वोत्तर तथा पूर्वी भारत में भारी बारिश से सुरक्षा – दोनों ही समान रूप से जरूरी हैं।
सवाल उठता है कि क्या हम इन चेतावनियों को गंभीरता से ले रहे हैं? IMD ने जिला-वार विस्तृत चेतावनियां जारी की हैं जो उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जैसे-जैसे पूर्वानुमान की अवधि बढ़ती है, सटीकता घटती है। इसलिए नियमित रूप से अपडेट की जांच करते रहना जरूरी है।
मुख्य बातें (Key Points)
• भारतीय मौसम विभाग ने 25 अप्रैल 2026 को उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 3 दिन हीट वेव की चेतावनी जारी की
• उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में देश का सर्वाधिक तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
• पूर्वोत्तर राज्यों और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
• असम-मेघालय में 50-70 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं की संभावना
• दिल्ली-NCR में 25-27 अप्रैल तक हीट वेव, 28 अप्रैल को हल्की बारिश की उम्मीद
• मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्सों में 26-28 अप्रैल को न जाने की सलाह
• झारखंड और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में ओलावृष्टि की चेतावनी













