IMD Heavy Rainfall Alert September 2026 – भारत के कई राज्यों में अगले 5-6 दिनों तक मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहने वाला है। India Meteorological Department (IMD) ने 2 सितंबर को जारी प्रेस रिलीज़ में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए Red Alert (एक्सट्रीमली हेवी रेनफॉल) जारी किया है। देखा जाए तो, पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में 20 सेमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में Well Marked Low Pressure Area के प्रभाव में आने वाले दिनों में मौसम और बिगड़ सकता है।
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पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?
IMD के अनुसार, 1 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 2 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक निम्नलिखित स्थानों पर रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई:
| राज्य/क्षेत्र | स्थान | बारिश (सेमी) | श्रेणी |
|---|---|---|---|
| गंगीय पश्चिम बंगाल | श्रीनिकेतन | 26 | एक्सट्रीमली हेवी |
| झारखंड | रांची | 22 | एक्सट्रीमली हेवी |
| उत्तराखंड | नैनीताल | 22 | एक्सट्रीमली हेवी |
| हिमाचल प्रदेश | नैने देवी | 19 | वेरी हेवी |
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | मिर्जापुर | 16 | वेरी हेवी |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | नैनगढ़ | 15 | वेरी हेवी |
| छत्तीसगढ़ | कोरिया | 14 | वेरी हेवी |
| बिहार | औरंगाबाद | 14 | वेरी हेवी |
समझने वाली बात यह है कि श्रीनिकेतन (पश्चिम बंगाल) में 26 सेमी बारिश का मतलब है सिर्फ 24 घंटे में 260 मिमी यानी करीब 10 इंच पानी बरसा। यह किसी भी शहर के लिए अत्यधिक खतरनाक स्थिति है।
मौसम प्रणाली: Well Marked Low Pressure Area का असर
IMD के मुताबिक, गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तटीय क्षेत्र के ऊपर बना Well Marked Low Pressure Area अब पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में स्थानांतरित हो चुका है (2 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक)।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि:
- यह Low Pressure Area अगले 12 घंटों में कमजोर होकर सामान्य Low Pressure Area में बदल जाएगा
- लेकिन यह अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तर मध्य प्रदेश की ओर बढ़ता रहेगा
- इसके प्रभाव से व्यापक क्षेत्र में भारी बारिश जारी रहेगी
Red Alert: पूर्वी मध्य प्रदेश में एक्सट्रीमली हेवी रेनफॉल
IMD ने 2 और 3 सितंबर 2026 को पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए Extremely Heavy Rainfall की चेतावनी जारी की है। इसका मतलब है:
पूर्वी मध्य प्रदेश के प्रभावित जिले:
- अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मौगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह
संभावित खतरे:
- अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा
- नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ना
- भूस्खलन और मिट्टी धंसने की आशंका
- सड़कों पर जलभराव
- बिजली और टेलीकॉम सेवाओं में व्यवधान
Orange Alert: इन राज्यों में वेरी हेवी रेनफॉल
निम्नलिखित राज्यों/क्षेत्रों के लिए Orange Alert (Very Heavy Rainfall) जारी किया गया है:
2 सितंबर:
- पूर्वी उत्तर प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- गंगीय पश्चिम बंगाल
- बिहार
- उत्तराखंड
2-3 सितंबर:
- पश्चिम उत्तर प्रदेश
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम
3 सितंबर:
- विदर्भ
4-5 सितंबर:
- पूर्वी मध्य प्रदेश (Red Alert से Orange Alert में)
अगर गौर करें तो यह मॉनसून का एक बहुत लंबा और तीव्र स्पेल है जो लगातार 5-6 दिनों तक जारी रहेगा।
दिल्ली-NCR के लिए मौसम पूर्वानुमान (2-5 सितंबर)
राजधानी दिल्ली और NCR के लोगों को भी अगले 4 दिन छाता साथ रखने की जरूरत होगी। IMD का विस्तृत पूर्वानुमान:
2 सितंबर 2026:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- दोपहर से शाम के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक
- कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी संभव
- रात में फिर से हल्की बारिश
- अधिकतम तापमान: 32-34°C
- हवा: दक्षिण-पश्चिम दिशा से 12-15 kmph
3 सितंबर 2026:
- सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश
- दोपहर से शाम फिर से बारिश
- अधिकतम तापमान: 32-34°C
- न्यूनतम तापमान: 23-25°C
- हवा: दक्षिण-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर, 25 kmph तक
4 सितंबर 2026:
- पूरे दिन हल्की बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान: 31-33°C
- हवा: दक्षिण-पूर्व दिशा से 20-25 kmph
5 सितंबर 2026:
- आंशिक रूप से बादल
- बारिश की संभावना कम
- अधिकतम तापमान: 32-34°C
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली में तापमान सामान्य से 1.6-3.0°C कम रहने की उम्मीद है।
उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा
हिमाचल प्रदेश:
- 2-5 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी
- 2-3 सितंबर को भारी बारिश
उत्तराखंड:
- 2-8 सितंबर तक लगातार बारिश
- 3-8 सितंबर को भारी बारिश
- 2 सितंबर को वेरी हेवी रेनफॉल
- गढ़वाल-कुमाऊं क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा
पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली:
- 3-4 सितंबर को व्यापक बारिश
- 2-5 सितंबर तक छिटपुट बारिश
पश्चिम उत्तर प्रदेश:
- 2-5 सितंबर तक व्यापक बारिश
- 2-3 सितंबर को वेरी हेवी रेनफॉल
- 4 सितंबर को हेवी रेनफॉल
पूर्वी उत्तर प्रदेश:
- 2 सितंबर को व्यापक बारिश
- 6-7 सितंबर को फिर से बारिश का दौर
मध्य भारत: मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़
पूर्वी मध्य प्रदेश (सबसे खतरनाक क्षेत्र):
- 2-8 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश
- 2-3 सितंबर: एक्सट्रीमली हेवी रेनफॉल (Red Alert)
- 4-5 सितंबर: वेरी हेवी रेनफॉल (Orange Alert)
- 6-7 सितंबर: हेवी रेनफॉल
पश्चिम मध्य प्रदेश:
- 2-8 सितंबर तक व्यापक बारिश
- 2-7 सितंबर को हेवी रेनफॉल
विदर्भ (महाराष्ट्र):
- 2-6 सितंबर तक व्यापक बारिश
- 3 सितंबर को वेरी हेवी रेनफॉल
- 2 और 4 सितंबर को हेवी रेनफॉल
छत्तीसगढ़:
- 2 सितंबर को व्यापक बारिश और वेरी हेवी रेनफॉल
- 7-8 सितंबर को फिर से बारिश
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा
बिहार:
- 2-3 सितंबर को व्यापक बारिश
- 2 सितंबर को वेरी हेवी रेनफॉल
- 3-4 सितंबर को हेवी रेनफॉल
झारखंड:
- 2 सितंबर को व्यापक बारिश
- 8 सितंबर को फिर से बारिश
गंगीय पश्चिम बंगाल:
- 2-3 सितंबर को व्यापक बारिश
- 2 सितंबर को वेरी हेवी रेनफॉल
- 8 सितंबर को फिर से बारिश
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- 2-8 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश
- 2-3 सितंबर को वेरी हेवी रेनफॉल
- 4-8 सितंबर को हेवी रेनफॉल
ओडिशा:
- 2-8 सितंबर तक छिटपुट बारिश
पूर्वोत्तर भारत: असम, अरुणाचल, मेघालय, नागालैंड
अरुणाचल प्रदेश:
- 2-8 सितंबर तक व्यापक बारिश
- 2-8 सितंबर को हेवी रेनफॉल
असम और मेघालय:
- 2-8 सितंबर तक व्यापक बारिश
- 2 सितंबर को वेरी हेवी रेनफॉल
- 3-8 सितंबर को हेवी रेनफॉल
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा:
- 2-6 सितंबर तक व्यापक बारिश
- 2-8 सितंबर को हेवी रेनफॉल
दक्षिण भारत: शांत मौसम की उम्मीद
IMD के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत (Peninsular India) में अगले एक सप्ताह तक सबड्यूड रेनफॉल एक्टिविटी रहने की उम्मीद है। इसका मतलब है:
- तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में छिटपुट बारिश
- तटीय कर्नाटक में व्यापक बारिश
- कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं
लेकिन तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में 2-5 सितंबर तक तेज हवाओं (40-60 kmph) की चेतावनी जारी है।
Flash Flood Risk: अचानक बाढ़ का खतरा
IMD ने Flash Flood Guidance जारी करते हुए कहा है कि 3 सितंबर सुबह 11:30 बजे तक निम्नलिखित क्षेत्रों में Low to Moderate Flash Flood Risk है:
पूर्वी मध्य प्रदेश:
अनूपपुर, बालाघाट, डिंडोरी, कटनी, मैहर, मंडला, मौगंज, रीवा, सिंगरौली, सीधी, उमरिया, जबलपुर, पन्ना, सतना और दमोह
पूर्वी उत्तर प्रदेश:
मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र और चित्रकूट
संभावित प्रभाव:
- पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही जल प्रवाह/जलभराव
- छोटी नदियों-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ना
- कृषि भूमि में जलभराव
मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:
अरब सागर:
- सोमालिया तट के साथ (7 सितंबर तक)
- पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर (5-7 सितंबर)
- ओमान तट (2 सितंबर)
बंगाल की खाड़ी:
- दक्षिण तमिलनाडु तट
- मन्नार की खाड़ी का कुछ हिस्सा
- दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (4 सितंबर तक)
किसानों के लिए Agro-Met Advisory
IMD ने किसानों को निम्नलिखित सलाह दी है:
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय:
- धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, सब्जियों और बागों में उचित जल निकासी बनाए रखें
- अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें
- कीटनाशक/उर्वरक का छिड़काव बारिश के दौरान टालें
झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल:
- खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- सब्जियों की पौध को भारी बारिश से बचाएं
- कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखी जगह रखें
हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा:
- जल निकासी चैनल साफ रखें
- अतिरिक्त बारिश वाले पानी को तुरंत निकालें
- ऊंची फसलों को सहारा दें
उत्तराखंड:
- गन्ने और मक्के के खेतों में उचित जल निकासी
- सब्जियों को सहारा दें (lodging से बचाव)
मध्य प्रदेश:
- सोयाबीन, कपास, मक्का, गन्ने में जलभराव न होने दें
- सब्जी रोपण टालें
- गन्ने में propping करें
छत्तीसगढ़, विदर्भ:
- धान, मक्का, मूंगफली, बाजरा, दालों में निरंतर और प्रभावी जल निकासी
- टमाटर, शिमला मिर्च को सहारा दें
संभावित प्रभाव और सावधानियां
अपेक्षित प्रभाव:
- पेड़ों की शाखाएं टूटना, केले-पपीते के छोटे पेड़ उखड़ना
- तेज हवा और बारिश से फसलों को नुकसान
- कच्चे मकानों/दीवारों को आंशिक क्षति
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित
- निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़
- भूस्खलन, मिट्टी धंसना
- बिजली/टेलीकॉम सेवाएं बाधित
सुझाई गई सावधानियां:
- मौसम की स्थिति पर नजर रखें और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें (बिजली गिरने का खतरा)
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तुरंत अनप्लग करें
- जलाशयों से दूर रहें
- पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियां नियंत्रित करें
- हेलीकॉप्टर सेवाएं नियंत्रित करें
Color Coded Warning System समझें
IMD चार रंगों की चेतावनी प्रणाली का उपयोग करता है:
| रंग | श्रेणी | क्या करें |
|---|---|---|
| हरा (Green) | कोई चेतावनी नहीं | सामान्य गतिविधियां |
| पीला (Yellow) | Watch (सतर्क रहें) | मौसम पर नजर रखें |
| नारंगी (Orange) | Alert (तैयार रहें) | कार्रवाई के लिए तैयार |
| लाल (Red) | Warning (कार्रवाई करें) | तुरंत कार्रवाई करें |
फिलहाल पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए Red Alert है, जबकि कई अन्य राज्यों के लिए Orange Alert जारी है।
क्यों हो रही है इतनी बारिश?
मॉनसून ट्रफ (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति के करीब है, लेकिन:
- Well Marked Low Pressure Area का सक्रिय होना
- अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति
- Western Disturbance का प्रभाव (30°N के उत्तर में)
- कई मौसम प्रणालियों का एक साथ सक्रिय होना
यह सब मिलकर एक बहुत तीव्र मॉनसून स्पेल बना रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 2-3 सितंबर को Red Alert (एक्सट्रीमली हेवी रेनफॉल)
- पिछले 24 घंटे में श्रीनिकेतन (बंगाल) में 26 सेमी, रांची में 22 सेमी बारिश
- दिल्ली-NCR में 2-4 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश
- उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, उत्तराखंड में Orange Alert
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
- Flash Flood का खतरा










