Gold Price Prediction 2027: सोने की कीमतों में भले ही इन दिनों कुछ गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसकी चमक डबल हो सकती है। दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JP Morgan ने अनुमान जताया है कि साल 2026 के अंत तक सोना $4,500 और 2027 के मध्य तक $5,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को छू सकता है।
वहीं, अमेरिकी बैंक Jefferies का अनुमान और भी चौंकाने वाला है—साल 2027 तक सोना $10,000 के पार जा सकता है। बैंकों का मानना है कि अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती, कमजोर डॉलर, सेंट्रल बैंकों की ताबड़तोड़ खरीदारी और सरकारी कर्ज की चिंताओं के बीच सोने की लंबी अवधि की चाल बेहद मजबूत नजर आ रही है।
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भारत में कितना महंगा हो जाएगा सोना?
यहां समझने वाली बात यह है कि JP Morgan की यह भविष्यवाणी अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर है। अगर $5,000 को भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखें तो यह कीमत करीब ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम बैठती है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि भारत ज्यादातर सोना आयात करता है, जिस पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी लगती है।
यानी अगर अंतरराष्ट्रीय कीमत $5,000 प्रति औंस (₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम) पहुंचती है, तो इस पर 15% इंपोर्ट ड्यूटी जोड़ने के बाद भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1.77 लाख के करीब हो सकती है।
| विवरण | कीमत (₹) |
|---|---|
| अंतरराष्ट्रीय कीमत ($5000 प्रति औंस) | ₹1,54,930 प्रति 10 ग्राम |
| 15% इंपोर्ट ड्यूटी | ₹23,239 |
| भारत में कुल अनुमानित कीमत | ₹1,78,169 प्रति 10 ग्राम |
अगस्त में आई थी रिकॉर्ड तेजी
अगर गौर करें तो सोने की कीमतों ने पिछले महीने गजब की तेजी दिखाई थी। World Gold Council के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2024 में LBMA (London Bullion Market Association) में गोल्ड प्राइस करीब 13% बढ़कर $4,386 प्रति औंस पर पहुंच गया था। यह पिछले करीब तीन दशकों में सोने की सबसे मजबूत मासिक तेजी में से एक थी।
इस रिकॉर्ड उछाल के पीछे निवेशकों की ताबड़तोड़ खरीदारी और अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी मुख्य वजह थी। हालांकि सितंबर आते-आते तस्वीर बदल गई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में 3.9% तथा भारतीय बाजार में 4.6% की गिरावट दर्ज की गई।
ब्याज दरों और डॉलर से क्या है कनेक्शन?
देखो, सोने की कीमतों पर सबसे ज्यादा असर Real Yield यानी महंगाई घटाने के बाद मिलने वाले रिटर्न का पड़ता है। क्योंकि सोना खुद कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं देता, इसलिए जब दूसरे निवेश विकल्पों से रिटर्न कम होता है, तो सोना रखने की लागत घट जाती है और इसकी मांग बढ़ जाती है।
इसके अलावा, जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना सस्ता और आकर्षक हो जाता है। यही कारण है कि Federal Reserve की ब्याज दर नीति सीधे तौर पर सोने के भाव को प्रभावित करती है।
चीन और सेंट्रल बैंकों की भूमिका
सोने की इस लंबी दौड़ में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की भूमिका बेहद अहम हो गई है। जब सेंट्रल बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोना बढ़ाते हैं, तो बाजार में एक अलग स्तर की डिमांड पैदा होती है।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण चीन है। People’s Bank of China ने जुलाई 2024 में 20 टन सोना खरीदा था, जो अक्टूबर 2023 के बाद उसकी सबसे बड़ी मासिक खरीद थी। चीन की यह सोने की खरीदारी लगातार 21वें महीने भी जारी रही।
JP Morgan ने अमेरिकी सरकारी कर्ज और Currency Devaluation (मुद्रा का मूल्य घटने) की चिंताओं को भी इस तेजी का बड़ा आधार बताया है।
भारत में क्या है बाजार का हाल?
भारत की बात करें तो सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले घरेलू बाजार में सोने की कीमतें ज्यादा टूटी हैं। World Gold Council के अनुसार भारत में सोने का कारोबार इस समय Import Parity से नीचे चल रहा है।
11 सितंबर तक यह अंतर $78 प्रति औंस था, जो जुलाई में $34 और अगस्त में $51 था। देश में पुरानी ज्वेलरी को बदलकर नई ज्वेलरी खरीदने का चलन बढ़ने और अनौपचारिक सप्लाई के कारण यह डिस्काउंट और बढ़ गया है।
एक्सपर्ट्स का मानना: दिवाली से पहले दिख सकता है जलवा
वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि बुलियन मार्केट का असली जलवा अभी बाकी है, जो दिवाली से पहले दिखाई दे सकता है। भारत में त्योहारी सीजन में सोने की मांग परंपरागत रूप से बढ़ती है। धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने की खरीदारी शुभ मानी जाती है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
अगर गौर करें तो लंबी अवधि में सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है, खासकर आर्थिक अनिश्चितता के दौर में। लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बना रहता है। इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें और एकमुश्त निवेश की जगह SIP के जरिए Gold ETF या Sovereign Gold Bonds में निवेश करें।
मुख्य बातें (Key Points)
- JP Morgan का अनुमान: 2027 तक सोना $5,000 प्रति औंस
- Jefferies की भविष्यवाणी: $10,000 तक जा सकता है सोना
- भारत में कीमत ₹1.77 लाख प्रति 10 ग्राम (15% इंपोर्ट ड्यूटी सहित)
- अगस्त 2024 में सोने में 13% की तेजी, तीन दशक की सबसे बड़ी मासिक उछाल
- चीन ने जुलाई में 20 टन सोना खरीदा
- भारतीय बाजार में सोना Import Parity से $78 नीचे कारोबार कर रहा












