Heavy Rainfall Alert – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेस रिलीज जारी करते हुए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों में असाधारण रूप से भारी बारिश हो चुकी है और अगले दो दिनों में सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है।
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समझने वाली बात यह है कि पश्चिम बंगाल और पड़ोसी क्षेत्रों पर बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से अगले सप्ताह भर कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां तेज रहेंगी।
पिछले 24 घंटों में क्या हुआ?
मौसम विभाग के अनुसार, 16 जुलाई सुबह 8:30 बजे से 17 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में:
असाधारण भारी बारिश (Exceptionally Heavy Rainfall):
- छत्तीसगढ़: बिलासपुर में 28 सेमी बारिश दर्ज की गई
अत्यधिक भारी बारिश (≥21 सेमी):
- ओडिशा: हटाडीही (केंझोर) में 21 सेमी, अटाबिरा (बरगढ़) में 16 सेमी
- तटीय कर्नाटक: अंकोला (उत्तर कन्नड़) में 29 सेमी, गोकर्ण (उत्तर कन्नड़) में 21 सेमी
अत्यधिक भारी बारिश (12-20 सेमी):
- उत्तराखंड: समा में 13 सेमी
- गोवा: संगुएम में 13 सेमी
- आंतरिक उत्तरी कर्नाटक: बेलगावी में 13 सेमी
- आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक: शिवमोग्गा में 12 सेमी
- केरल: पदन्नक्कड (कासरगोड) में 17 सेमी
दिलचस्प बात यह है कि कई स्थानों पर तेज हवाओं (40-60 किमी प्रति घंटे) के साथ गरज के साथ बारिश हुई है।
मौसम प्रणाली की वर्तमान स्थिति
IMD के अनुसार, वर्तमान में निम्नलिखित मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
- कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area): कल उत्तरी ओडिशा और आसपास के झारखंड तथा गंगीय पश्चिम बंगाल पर स्थित प्रबल कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर सामान्य कम दबाव में बदल गया है। यह 17 जुलाई सुबह 8:30 बजे गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के झारखंड तथा उत्तरी ओडिशा पर स्थित था। अगले 24 घंटों में यह और कमजोर होगा।
- मानसून ट्रफ (Monsoon Trough): मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में है जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के निकट है।
- पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और पड़ोसी क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में स्थित है।
- अन्य चक्रवाती परिसंचरण: उत्तरी हरियाणा, पूर्वोत्तर असम और लक्षद्वीप से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक निम्न और मध्य वायुमंडलीय स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।
आगामी 7 दिनों का पूर्वानुमान – क्षेत्रवार विवरण
उत्तर-पश्चिम भारत:
यहां ध्यान देने वाली बात है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले सप्ताह भर अच्छी बारिश रहेगी:
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 17-18 जुलाई को छिटपुट बारिश, फिर 19-23 जुलाई को व्यापक बारिश। 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश, 20-22 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।
- हिमाचल प्रदेश: 18 जुलाई से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश। 18 और 23 जुलाई को भारी, 19-22 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश संभव।
- उत्तराखंड: पूरे सप्ताह व्यापक बारिश। 17, 22-23 जुलाई को भारी और 18-21 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: 18 और 22-23 जुलाई को भारी बारिश, 19-21 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा।
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 20-22 जुलाई को भारी बारिश संभव।
- पंजाब: 20-22 जुलाई को भारी वर्षा।
मध्य भारत:
- छत्तीसगढ़: 17-23 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। 17 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी के साथ-साथ अलग-अलग स्थानों पर असाधारण रूप से भारी बारिश (RED ALERT)। 17-18 जुलाई को अत्यधिक भारी और 19-21 जुलाई को भारी बारिश।
- पूर्वी मध्य प्रदेश: 17-21 जुलाई तक भारी बारिश।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: 21-23 जुलाई को व्यापक वर्षा।
पूर्वी भारत:
- ओडिशा: 17-18 जुलाई को व्यापक बारिश, फिर 19-23 जुलाई को छिटपुट। 17 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश। 18-20 जुलाई को भारी वर्षा।
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम: पूरे सप्ताह व्यापक बारिश। 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी के साथ अलग-अलग स्थानों पर असाधारण रूप से भारी बारिश (RED ALERT)। 17, 20 जुलाई को अत्यधिक भारी, 18-19 और 21-22 जुलाई को भारी बारिश।
- गंगीय पश्चिम बंगाल: 17-23 जुलाई तक व्यापक वर्षा। 17 जुलाई को भारी बारिश।
- झारखंड: 17-23 जुलाई तक व्यापक। 17-20 जुलाई को भारी वर्षा।
- बिहार: 18-21 जुलाई को व्यापक बारिश। 17-18 और 21-23 जुलाई को भारी, 19-20 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा।
पूर्वोत्तर भारत:
- अरुणाचल प्रदेश: 17-20 जुलाई को व्यापक बारिश। 17-18 जुलाई को अत्यधिक भारी, 19-23 जुलाई को भारी वर्षा।
- असम और मेघालय: 17-20 जुलाई को व्यापक। 17-19 जुलाई को अत्यधिक भारी, 20-23 जुलाई को भारी बारिश।
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 17-22 जुलाई तक व्यापक वर्षा। पूरे सप्ताह भारी बारिश की संभावना।
पश्चिम भारत:
- कोंकण और गोवा: पूरे सप्ताह व्यापक बारिश।
- मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: 17 जुलाई को भारी बारिश, फिर छिटपुट वर्षा।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत:
- केरल: 17-19 जुलाई को भारी बारिश। 17 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा।
- तटीय कर्नाटक: पूरे सप्ताह व्यापक बारिश। 17 जुलाई को अत्यधिक भारी, 18-19 जुलाई को भारी वर्षा।
- आंतरिक उत्तरी और दक्षिणी कर्नाटक: 17-18 जुलाई को भारी बारिश।
- तेलंगाना: 17 जुलाई को भारी वर्षा। 17-18 जुलाई को तूफानी हवाएं (50-60 किमी प्रति घंटे से 70 किमी तक)।
लू, गर्म-आर्द्र मौसम और गर्म रात की चेतावनी
17 जुलाई को गर्म और आर्द्र मौसम:
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
- पंजाब
- तटीय आंध्र प्रदेश
- पूर्वी उत्तर प्रदेश
- पश्चिम उत्तर प्रदेश
- रायलसीमा
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल
मछुआरों के लिए चेतावनी – समुद्र में न जाएं
अरब सागर:
- सोमालिया तट के साथ पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर: 17-22 जुलाई
- दक्षिण गुजरात तट और उत्तर तथा पूर्व-मध्य अरब सागर: 18-22 जुलाई
- ओमान तट: 19-22 जुलाई
- उत्तरी महाराष्ट्र तट: 20-22 जुलाई
बंगाल की खाड़ी:
- गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी: 17 जुलाई
- उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी: 17-19 जुलाई
- दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी: 19-21 जुलाई
समुद्र में लहरों की ऊंचाई 2.5-14 मीटर तक जा सकती है और हवा की गति 62-117 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।
दिल्ली/NCR का मौसम पूर्वानुमान (17-20 जुलाई)
17 जुलाई 2026:
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
- कई स्थानों पर गर्म और आर्द्र मौसम
- दोपहर/शाम को अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश/गरज/बिजली की संभावना
- तेज हवाएं (20-30 किमी प्रति घंटे से 40 किमी तक)
- अधिकतम तापमान: 38-40°C
- हवा की दिशा: दक्षिण-पश्चिम से पश्चिम
18 जुलाई 2026:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश
- तेज हवाएं (20-30 किमी प्रति घंटे से 40 किमी तक)
- अधिकतम तापमान: 36-38°C
- न्यूनतम तापमान: 28-30°C
19 जुलाई 2026:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- हल्की बारिश/गरज/बिजली की संभावना
- तेज हवाएं (20-30 किमी प्रति घंटे से 40 किमी तक)
- अधिकतम तापमान: 36-38°C
- न्यूनतम तापमान: 27-29°C
20 जुलाई 2026:
- हल्की बारिश/गरज/बिजली (सुबह/दोपहर और रात को)
- अधिकतम तापमान: 32-34°C (सामान्य से नीचे)
- न्यूनतम तापमान: 25-27°C
भारी/अत्यधिक भारी/असाधारण रूप से भारी बारिश का अपेक्षित प्रभाव और सुझाव
अपेक्षित प्रभाव:
- सड़कों पर स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव
- शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होना
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी
- जलभराव के कारण यातायात में बाधा, यात्रा समय में वृद्धि
- कच्ची सड़कों को मामूली क्षति
- कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
- स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी खिसकना
- जलजमाव के कारण बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
- कुछ नदी घाटियों में नदी बाढ़ की संभावना
सुझाए गए कदम:
- गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने रूट पर यातायात की जांच करें
- जारी किए गए यातायात सलाहों का पालन करें
- जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
कृषि सलाह (प्रभावित राज्यों के लिए)
छत्तीसगढ़:
- धान की नर्सरी और मक्का, सोयाबीन, अरहर और छोटे बाजरा के खेतों में लगातार जल निकासी बनाए रखें
- सिंचाई, उर्वरक और पौधा संरक्षण कार्यों को तब तक स्थगित करें जब तक खेत की स्थिति में सुधार न हो
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- धान की नर्सरी में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- नर्सरी बांधों और खेत की नालियों को मजबूत करें
- पौध बहाव और जलभराव को रोकने के लिए प्रभावी जल निकासी बनाए रखें
ओडिशा:
- धान, मक्का, दालों, तिलहन और सब्जी के खेतों में लगातार जल निकासी करें
- खेत के बांधों को मजबूत करें
- सिंचाई, उर्वरक और पौधा संरक्षण कार्यों को स्थगित करें
उत्तराखंड:
- मूंगफली, सोयाबीन और मक्का की बुवाई स्थगित करें
- धान, टमाटर और मिर्च के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- केवल बारिश रहित अवधि के दौरान ही पके हुए टमाटर की कटाई करें
केरल:
- केला, नारियल, इलायची, अदरक, काली मिर्च और सब्जियों में पर्याप्त जल निकासी सुविधाएं प्रदान करें
- केले के पौधों को सहारा प्रदान करें
- भारी बारिश के दौरान धान की रोपाई से बचें
कर्नाटक:
- धान की क्यारियों, मक्का और अदरक के खेतों तथा सुपारी और नारियल के बागानों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
पशुधन/मुर्गीपालन/मत्स्य पालन:
- भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें
- उन्हें संतुलित आहार प्रदान करें
- चारा और फ़ीड को सुरक्षित स्थान पर रखें
- गर्मी और लू की स्थिति में जानवरों को साफ, ठंडा पीने का पानी दें
- तालाबों के चारों ओर जाली के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके
मुख्य बातें (Key Points)
- छत्तीसगढ़ में 17 जुलाई को असाधारण रूप से भारी बारिश (बिलासपुर में 28 सेमी)
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18-19 जुलाई को अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट
- ओडिशा, केरल और तटीय कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश
- पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अगले सप्ताह भर भारी बारिश
- तेलंगाना में 17-18 जुलाई को तूफानी हवाएं (50-70 किमी प्रति घंटे)
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
- दिल्ली-NCR में 20 जुलाई को तापमान गिरकर 32-34°C पर आने का अनुमान











