LIVE | ...
बुधवार, 4 नवम्बर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Ravidassia Religion Punjab: सिख धर्म से अलग हुए रविदासिया समुदाय को BJP क्यों दे रही है मान्यता? जानें 2027 चुनाव की तैयारी

Ravidassia Religion Punjab: सिख धर्म से अलग हुए रविदासिया समुदाय को BJP क्यों दे रही है मान्यता? जानें 2027 चुनाव की तैयारी

2009 में वियना हमले के बाद सिख धर्म से अलग हुए रविदासिया समुदाय को केंद्र सरकार दे रही है पहचान, संत रविदास एक्सप्रेस और जालंधर एयरपोर्ट का नामकरण BJP की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा।

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
शनिवार, 18 जुलाई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, पंजाब, सियासत
A A
0
Ravidassia Religion Punjab
105
SHARES
698
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Ravidassia Religion Punjab – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 18 जुलाई को जालंधर यात्रा को सिर्फ एक आधिकारिक दौरा न समझा जाए। यह भाजपा और रविदासिया समुदाय के बीच बढ़ती नजदीकियों का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसकी छाप आप पंजाब के 2027 विधानसभा चुनावों में जरूर देखेंगे।

देखा जाए तो यह दौरा केवल जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास तक सीमित नहीं है। इस दौरान रविदासिया समुदाय की लंबे समय की मांग – संत रविदास एक्सप्रेस का उद्घाटन होने वाला है, जो अमृतसर छहर्टा से वाराणसी के बीच चलेगी। वाराणसी संत रविदास जी का जन्मस्थल है, इसलिए यह यात्रा रविदासिया समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक यात्रा है।

समझने वाली बात यह है कि रविदासिया समुदाय मुख्य रूप से एक दलित समुदाय है, जो पंजाब की आबादी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। और BJP ने पिछले 10-12 वर्षों से इस समुदाय को अपने सोशल इंजीनियरिंग मॉडल में फिट करने की रणनीति अपनाई है।

Ravidassia Religion

🔍 यह भी पढ़ें- Christianity Growth in Punjab: सोशियोलॉजिकल एनालिसिस – क्यों बढ़ रहे हैं Conversions?

रविदासिया समुदाय: पंजाब की राजनीति में निर्णायक भूमिका

पंजाब में दलित समुदाय की आबादी लगभग 32% है, जो राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है। BJP यह अच्छी तरह समझती है कि इस समुदाय की पंजाब चुनावों में भारी पकड़ है।

पंजाब के तीन प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र हैं:

क्षेत्रसीटेंप्रमुख समुदायBJP की रणनीति
मालवा69जाट सिखविकास + मजहबी सिख आउटरीच
दोआबा23रविदासिया दलित (19 सीटों पर प्रभाव)पहचान की राजनीति + धार्मिक मान्यता
माझा25पंथिक मुद्दे प्रमुखसावधान दृष्टिकोण

दिलचस्प बात यह है कि दोआबा क्षेत्र (ब्यास और सतलुज नदियों के बीच का क्षेत्र) में 23 में से 19 सीटों पर रविदासिया समुदाय का निर्णायक प्रभाव है। जालंधर, कपूरथला, शहीद भगत सिंह नगर जैसे जिलों में इनकी आबादी 45% तक है।

2009 का वियना हमला: सिख धर्म से अलगाव का मोड़

रविदासिया समुदाय का इतिहास 2009 से पहले और बाद में बिल्कुल अलग है। 2009 तक डेरा सचखंड बलां (जालंधर में स्थित) सिख धर्म का ही एक हिस्सा माना जाता था। वे गुरु ग्रंथ साहिब को पूजते थे, लेकिन साथ ही अपने मंदिरों में संत रविदास जी की मूर्तियां भी स्थापित करते थे।

यह भी पढे़ं 👇

4 November History

4 November History: कहीं जीत का जश्न, कहीं बिछड़ने का गम, एक तारीख और इतने मोड़

बुधवार, 4 नवम्बर 2026
Cyclone Murasu

Cyclone Murasu: आंध्र तट पर 105 किमी/घंटा हवा, बड़ी चेतावनी

बुधवार, 4 नवम्बर 2026
Breaking News Live Updates 4 November 2026

Breaking News Live Updates 4 November 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

बुधवार, 4 नवम्बर 2026
Aaj Ka Rashifal

Aaj Ka Rashifal: बुधवार को किसे मिलेगा बड़ा फायदा, कौन संभले?

बुधवार, 4 नवम्बर 2026

यहां ध्यान देने वाली बात है कि सिख धर्म मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करता। इस कारण मुख्यधारा के सिख समुदाय इनसे खुश नहीं थे।

🔍 यह भी पढ़ें- Hinduism Definition 2026: Religion या Way of Life? Supreme Court के 9 Judges ने दी अहम राय, जानें पूरा सच

2009 में क्या हुआ?

31 मई 2009 को ऑस्ट्रिया के वियना में डेरा सचखंड बलां के डिप्टी लीडर संत रमानंद जी को कुछ सिख उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उसी हमले में वर्तमान मुखिया संत निरंजन दास गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस घटना के बाद पंजाब और भारत में भीषण दंगे हुए। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी गहरा दुख व्यक्त किया था।

2010: ऐतिहासिक फैसला

वियना हमले के एक साल बाद, 2010 में रविदासिया समुदाय ने खुद को सिख धर्म से पूरी तरह अलग घोषित कर दिया और ‘रविदासिया धर्म’ की स्थापना की।

रविदासिया धर्म: अलग पहचान के प्रतीक

सिख धर्म से अलग होने के बाद, रविदासिया समुदाय ने अपने धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं में भी बदलाव किए:

पहलूसिख धर्मरविदासिया धर्म
पवित्र ग्रंथगुरु ग्रंथ साहिबअमृत वाणी (संत रविदास महाराज)
धार्मिक प्रतीकखंडाहरि संबल
अभिवादनसत श्री अकालजय गुरुदेव
पूजा स्थलगुरुद्वारारविदास मंदिर/डेरा
मूर्ति पूजानहींहां (संत रविदास की)

हैरान करने वाली बात यह है कि रविदासिया समुदाय ने अपनी पूर्ण धार्मिक पहचान स्थापित कर ली है। उनके अपने मंदिर हैं, अपना पवित्र ग्रंथ है, और अपनी परंपराएं हैं।

BJP की 10 साल की सोशल इंजीनियरिंग

अब सवाल उठता है कि BJP, जो मुख्य रूप से एक हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी के रूप में जानी जाती है, एक दलित धार्मिक समुदाय की तरफ हाथ क्यों बढ़ा रही है?

जवाब है: चुनावी गणित और सोशल इंजीनियरिंग।

चरण 1 (2014-2016): राजनीतिक प्रतिनिधित्व

  • 2014 में विजय संपला (दलित नेता, दोआबा क्षेत्र से) को सोशल जस्टिस मंत्री बनाया गया
  • बाद में उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया

चरण 2 (2020-2022): किसान आंदोलन के दौरान सावधानी

  • जाट सिख समुदाय (कृषि कानूनों के विरोध में) से दूरी
  • दलित समुदाय में outreach बढ़ाना

चरण 3 (2023-2026): धार्मिक पहचान को मान्यता

यहां BJP की masterstroke रणनीति देखिए:

जनवरी 2026:

  • संत निरंजन दास को पद्म श्री से सम्मानित किया गया
  • PM मोदी पहले प्रधानमंत्री बने जो यूनियन बजट के दिन डेरा सचखंड बलां गए

फरवरी-जुलाई 2026:

  • जालंधर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘गुरु रविदास एयरपोर्ट’ रखा गया
  • संत रविदास एक्सप्रेस की घोषणा (अमृतसर-वाराणसी)
  • PM मोदी खुद ट्रेन का उद्घाटन करने जालंधर आए

दिलचस्प बात यह है कि ये सभी कदम रविदासिया समुदाय को एक अलग धार्मिक पहचान देने की दिशा में हैं। BJP यह संदेश दे रही है: “हम आपकी पहचान को मान्यता देते हैं, आपके धर्म को सम्मान देते हैं।”

डेरा सचखंड बलां: सामाजिक बहिष्कार से पहचान तक का सफर

डेरा संस्कृति पंजाब में क्यों उभरी? इसको समझना जरूरी है।

पंजाब में जिन समाज के हिस्सों को मुख्यधारा समाज से सम्मान नहीं मिला, जिन्हें गुरुद्वारों में वो सम्मान नहीं मिला जो अन्य को मिलता था, जिन्हें कभी-कभी मुख्य दरवाजे से प्रवेश तक नहीं दिया जाता था – उन्होंने धीरे-धीरे अपनी डेरा संस्कृति विकसित की।

डेरा सचखंड बलां ऐसा ही एक केंद्र बन गया जहां:

  • दलित समुदाय को बिना भेदभाव सम्मान मिलता है
  • उनकी धार्मिक पहचान को मान्यता मिलती है
  • संत रविदास की शिक्षाओं पर जोर दिया जाता है
  • समुदाय के लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं

डेरा के मुखिया के शब्द पूरे समुदाय के लिए आदेश से कम नहीं होते। इसलिए जब PM मोदी खुद डेरा जाकर संत निरंजन दास से मिलते हैं, तो इसका राजनीतिक संदेश बहुत स्पष्ट है।

चुनावी गणित: 23 सीटों का खेल

अब आते हैं असली मुद्दे पर – चुनाव।

पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में दोआबा क्षेत्र की 23 सीटें हैं। इनमें से:

  • 19 सीटों पर रविदासिया समुदाय का निर्णायक प्रभाव
  • 45% तक अनुसूचित जाति आबादी कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में

इन 19 सीटों पर पारंपरिक रूप से कांग्रेस की पकड़ रही है, खासकर चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में (जो पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री थे)।

BJP की रणनीति:

  • चन्नी के सिख दलित नेता की छवि के मुकाबले
  • रविदासिया धार्मिक पहचान को मजबूती देना
  • यह संदेश देना: “आप सिख नहीं, रविदासिया हैं – अलग धर्म”

यह पहचान की राजनीति का क्लासिक उदाहरण है।

BJP की तीन-स्तरीय पंजाब रणनीति

पंजाब के तीनों क्षेत्रों में BJP की अलग-अलग रणनीति:

1. मालवा (69 सीटें – जाट सिख बहुल):

  • मजहबी सिख (ग्रामीण भूमिहीन किसान समुदाय) को लक्षित
  • विकास और कृषि आय पर जोर
  • जाट सिखों से सावधान दूरी (फार्म लॉ विवाद के कारण)

2. दोआबा (23 सीटें – दलित बहुल):

  • रविदासिया धार्मिक पहचान को मान्यता
  • विजय संपला जैसे दलित नेताओं को प्रोत्साहन
  • डेरा सचखंड बलां के साथ गठजोड़

3. माझा (25 सीटें – पंथिक मुद्दे संवेदनशील):

  • अत्यधिक सावधानी
  • हिंदू शहरी मतदाताओं पर फोकस

अगर गौर करें तो BJP जाट सिख (जो पंजाब में पारंपरिक रूप से प्रभावशाली हैं) के बिना सरकार बनाने की रणनीति बना रही है। यह एक जोखिम भरा लेकिन नवीन दांव है।

हरियाणा कनेक्शन: OBC फॉर्मूला

यहां हरियाणा CM नायब सिंह सैनी (OBC समुदाय से) का उदाहरण भी महत्वपूर्ण है। BJP ने हरियाणा में OBC राजनीति को सफलतापूर्वक अपनाया।

पंजाब में भी:

  • दलित (32%)
  • OBC (10-15%)
  • शहरी हिंदू (10-12%)

इन तीनों को मिलाकर 50% से अधिक वोट बैंक बनाया जा सकता है।

विपक्ष की चुनौती

कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल – सभी को इस रणनीति से चुनौती मिल रही है।

  • कांग्रेस: चरणजीत सिंह चन्नी के साथ दलित वोट बचाने की कोशिश
  • AAP: विकास के मुद्दे पर फोकस, लेकिन पहचान की राजनीति में कमजोर
  • SAD: पारंपरिक जाट सिख वोट बैंक तक सीमित

BJP की रणनीति इन सभी से मार्जिनलाइज्ड समुदायों (जो मुख्यधारा समाज से अलग-थलग हैं) को अपने पक्ष में करने की है।

2027 चुनाव: क्या होगा असर?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है:

अगर रविदासिया वोट BJP की तरफ झुकता है:

  • दोआबा की 19 सीटों में से 10-12 BJP/गठबंधन जीत सकता है
  • यह पंजाब में सत्ता समीकरण बदल सकता है

लेकिन चुनौतियां भी हैं:

  • जाट सिख अभी भी 20-25% आबादी (सबसे प्रभावशाली)
  • फार्म लॉ का मुद्दा अभी भी संवेदनशील
  • रविदासिया समुदाय में भी विभाजन (सभी BJP को वोट नहीं देंगे)
सांस्कृतिक-राजनीतिक प्रभाव

यह सिर्फ चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का सवाल भी है:

सकारात्मक पहलू:

  • हाशिए के समुदायों को मान्यता
  • धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान
  • सामाजिक न्याय

नकारात्मक पहलू:

  • सामाजिक विभाजन की आशंका
  • धर्म के आधार पर राजनीति
  • समाज में ध्रुवीकरण
मुख्य बातें (Key Points)
  • रविदासिया समुदाय 2010 में सिख धर्म से अलग होकर स्वतंत्र धर्म बना
  • 2009 वियना हमले में संत रमानंद की हत्या अलगाव का कारण बनी
  • पंजाब की 32% दलित आबादी में रविदासिया समुदाय प्रमुख
  • दोआबा क्षेत्र की 23 में से 19 सीटों पर इनका निर्णायक प्रभाव
  • BJP पिछले 10 वर्षों से इस समुदाय को टारगेट कर रही है
  • संत निरंजन दास को पद्म श्री, जालंधर एयरपोर्ट का नामकरण, संत रविदास एक्सप्रेस – सभी इसी रणनीति के हिस्से
  • 2027 पंजाब चुनाव में यह मुद्दा निर्णायक हो सकता है

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: रविदासिया धर्म क्या है और यह सिख धर्म से कैसे अलग है?

रविदासिया धर्म एक स्वतंत्र धर्म है जो 2010 में सिख धर्म से अलग हुआ। यह संत रविदास जी की शिक्षाओं पर आधारित है। मुख्य अंतर: रविदासिया धर्म में अमृत वाणी (गुरु ग्रंथ साहिब की जगह), हरि संबल प्रतीक (खंडा की जगह), “जय गुरुदेव” अभिवादन (सत श्री अकाल की जगह) और मूर्ति पूजा की मान्यता है।

प्रश्न 2: 2009 का वियना हमला क्या था?

31 मई 2009 को ऑस्ट्रिया के वियना में डेरा सचखंड बलां के डिप्टी लीडर संत रमानंद जी को कुछ सिख उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसी हमले में वर्तमान मुखिया संत निरंजन दास गंभीर रूप से घायल हुए। इस घटना के बाद पंजाब में दंगे हुए और 2010 में रविदासिया समुदाय ने खुद को सिख धर्म से पूरी तरह अलग घोषित कर दिया।

प्रश्न 3: BJP रविदासिया समुदाय को क्यों टारगेट कर रही है?

चुनावी गणित और सोशल इंजीनियरिंग। पंजाब में दलित समुदाय 32% आबादी है और दोआबा क्षेत्र की 23 में से 19 सीटों पर रविदासिया समुदाय का निर्णायक प्रभाव है। BJP पिछले 10 वर्षों से इस समुदाय को धार्मिक पहचान की मान्यता देकर राजनीतिक रूप से अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। संत निरंजन दास को पद्म श्री, जालंधर एयरपोर्ट का नामकरण और संत रविदास एक्सप्रेस इसी रणनीति के हिस्से हैं।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

18 July in History: जानें इस दिन की वो घटनाएं जिन्होंने बदल दी दुनिया

Next Post

सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ी: Sonam Wangchuk Hospitalised, दिल्ली पुलिस ने जबरन अस्पताल भेजा

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

4 November History

4 November History: कहीं जीत का जश्न, कहीं बिछड़ने का गम, एक तारीख और इतने मोड़

बुधवार, 4 नवम्बर 2026
Cyclone Murasu

Cyclone Murasu: आंध्र तट पर 105 किमी/घंटा हवा, बड़ी चेतावनी

बुधवार, 4 नवम्बर 2026
Breaking News Live Updates 4 November 2026

Breaking News Live Updates 4 November 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

बुधवार, 4 नवम्बर 2026
Aaj Ka Rashifal

Aaj Ka Rashifal: बुधवार को किसे मिलेगा बड़ा फायदा, कौन संभले?

बुधवार, 4 नवम्बर 2026
Jagtar Singh Hawara

Jagtar Singh Hawara: चौंकाने वाला मोड़, 3 महीने टली सुनवाई

मंगलवार, 3 नवम्बर 2026
Amazon Forest Carbon Source

Amazon Forest Carbon Source: धरती के फेफड़े अब छोड़ रहे ज्यादा CO2

मंगलवार, 3 नवम्बर 2026
Next Post
Sonam Wangchuk Hospitalised

सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ी: Sonam Wangchuk Hospitalised, दिल्ली पुलिस ने जबरन अस्पताल भेजा

Punjab Registry Language

Punjab Registry Language: रजिस्ट्री भाषा से हटे 35 उर्दू-फारसी शब्द, Punjab Government ने जारी की नई सूची

Anganwadi Worker Fraud Case

मावां-धीआं स्कीम धोखाधड़ी: Anganwadi Worker ने 62 लाभार्थियों के फंड अपने बेटे के खाते में डालने की साजिश, केस दर्ज

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।