सोमवार, 27 अप्रैल 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Harish Rana Passive Euthanasia: 13 साल कोमा में रहने के बाद भावुक विदाई

Harish Rana Passive Euthanasia: 13 साल कोमा में रहने के बाद भावुक विदाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गाजियाबाद के हरीश राणा की लाइफ सपोर्ट हटाई गई, AIIMS दिल्ली में पैसिव यूथेनेसिया की प्रक्रिया जारी, 22 सेकंड का वायरल वीडियो देख रो पड़े लोग

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
रविवार, 15 मार्च 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, लाइफस्टाइल
A A
0
Harish Rana Passive Euthanasia
105
SHARES
699
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Harish Rana Passive Euthanasia: गाजियाबाद के हरीश राणा की लाइफ सपोर्ट सिस्टम अब हटा दी गई है। करीब 13 सालों से कोमा में पड़े हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके घर से दिल्ली एम्स (AIIMS) में शिफ्ट किया गया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम पैसिव यूथेनेसिया की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर हरीश राणा से जुड़ा 22 सेकंड का एक बेहद भावुक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें इस दुनिया से विदा करने की तैयारियां दिखाई जा रही हैं। इस वीडियो ने लाखों लोगों की आंखें नम कर दी हैं।

A final farewell to Harish Rana, who had been in a coma in Ghaziabad for 13 years!
Harish has now arrived at AIIMS Delhi Here, his life support systems will be withdrawnand he will be granted the right to a dignified death. In this entire country, no one was able to cure Harish. pic.twitter.com/yE2jA3x9ND

— Ankur Shukla (@AnkurSh50380788) March 15, 2026

13 साल से बिस्तर पर बेसुध पड़े थे Harish Rana

Harish Rana Passive Euthanasia का यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। हरीश राणा लगभग 13 सालों से बिस्तर पर बेसुध अवस्था में पड़े थे। इतने लंबे समय से कोमा में रहने के बाद डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि उनके ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं बची है। न वे बोल सकते थे, न चल सकते थे और न ही किसी से कोई संवाद कर सकते थे। उनका पूरा अस्तित्व केवल मशीनों के सहारे टिका हुआ था।

13 साल तक एक इंसान का इस तरह बिस्तर पर पड़े रहना सिर्फ मरीज के लिए ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए भी अकल्पनीय पीड़ा है। हर रोज उम्मीद और निराशा के बीच झूलते रहना, यह दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। इसी पीड़ा से राहत पाने के लिए हरीश राणा के परिवार ने यूथेनेसिया की अर्जी लगाई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS की रिपोर्ट के आधार पर दिया था ऐतिहासिक फैसला

Harish Rana Passive Euthanasia को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एम्स दिल्ली की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अपना फैसला सुनाया। एम्स के डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा था कि हरीश राणा के ठीक होने की कोई मेडिकल संभावना शेष नहीं है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट ने यूथेनेसिया याचिका पर फैसला सुनाया और निर्देश दिया कि हरीश राणा की अंतिम चिकित्सा प्रक्रियाएं एम्स में सम्मानजनक ढंग से पूरी की जाएं।

कोर्ट के इस आदेश के बाद हरीश राणा को उनके गाजियाबाद स्थित घर से दिल्ली एम्स में स्थानांतरित किया गया। वहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने पैसिव यूथेनेसिया की प्रक्रिया शुरू की और उनकी लाइफ सपोर्ट सिस्टम को हटा दिया गया। यह भारत में पैसिव यूथेनेसिया का एक बेहद संवेदनशील और चर्चित मामला बन गया है।

क्या होती है Passive Euthanasia: समझें आसान भाषा में

Harish Rana Passive Euthanasia के इस मामले को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि यूथेनेसिया आखिर होती क्या है। जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर और लाइलाज बीमारी से पीड़ित होता है और उसे असहनीय पीड़ा से गुजरना पड़ रहा होता है, तब उसके जीवन-रक्षक उपचार को वापस लेने की प्रक्रिया को यूथेनेसिया कहा जाता है।

यूथेनेसिया दो प्रकार की होती है: एक्टिव (सक्रिय) और पैसिव (निष्क्रिय)। पैसिव यूथेनेसिया में मरीज को कोई दवा देकर मारा नहीं जाता, बल्कि उसके इलाज और लाइफ सपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे हटा दिया जाता है, ताकि मरीज कुदरती तरीके से इस दुनिया से विदा हो सके। भारत में सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में पैसिव यूथेनेसिया को कुछ शर्तों के साथ कानूनी मान्यता दी थी। हरीश राणा का मामला उसी कानूनी ढांचे के तहत आगे बढ़ा है।

यह भी पढे़ं 👇

Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates 27 April 2026: Big Alerts, हर खबर सबसे पहले

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
April 27 History

April 27 History: जब लिखा गया ‘Für Elise’, बना पहला Labor Government

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
IMD Weather Alert

IMD Weather Alert: देश में 3 दिन तक भीषण लू, बांदा में पारा छूआ 47.4°C

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
22 सेकंड का वह वीडियो जिसने सबकी आंखें नम कर दीं

Harish Rana Passive Euthanasia से जुड़ा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 22 सेकंड का वीडियो हर किसी के दिल को छू गया है। इस छोटे से वीडियो में हरीश राणा बिस्तर पर लेटे दिखाई दे रहे हैं, उनकी नजरें ऊपर की ओर टिकी हुई हैं। उनकी आंखों में 13 साल की पीड़ा साफ झलक रही है, लेकिन साथ ही उनके चेहरे पर एक अजीब सी शांति भी दिखाई देती है, मानो उन्हें एहसास हो रहा हो कि अब वे उस असहनीय दर्द से आखिरकार मुक्त होने वाले हैं।

वीडियो में एक महिला हरीश के माथे पर चंदन का तिलक लगाती दिखाई देती हैं। वे बड़े प्यार से उनके सिर को सहलाती हैं और भावुक होकर कहती हैं: “सारों को माफ करते हुए… सारों से माफी मांगते हुए अब जाओ…”

ये शब्द सुनकर वीडियो देखने वाला हर शख्स भावुक हो उठा। सिर्फ 22 सेकंड का यह वीडियो इतना दर्दनाक और मार्मिक है कि इसे देखने के बाद हर किसी की आंखें भर आईं। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए हरीश राणा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

जीवन और मृत्यु के बीच का सबसे कठिन फैसला

Harish Rana Passive Euthanasia का यह मामला हमारे समाज के सामने कई गहरे सवाल खड़े करता है। एक तरफ जीवन का अधिकार है जो हर इंसान का मूलभूत अधिकार माना जाता है, तो दूसरी तरफ सम्मान के साथ मरने का अधिकार भी उतना ही अहम है। जब कोई व्यक्ति 13 साल तक बिना किसी चेतना के, बिना किसी उम्मीद के सिर्फ मशीनों के सहारे जिंदा रहता है, तो उसके परिवार के लिए हर गुजरता दिन एक नई तकलीफ लेकर आता है।

हरीश राणा के परिवार ने जो फैसला लिया, वह शायद दुनिया का सबसे मुश्किल फैसला है। अपने ही अपनों को जाने देने की इजाजत देना कोई आसान बात नहीं है। लेकिन कभी-कभी प्यार का मतलब होता है किसी को उसकी पीड़ा से मुक्त करना, भले ही इसके लिए अपना दिल तोड़ना पड़े। यह मामला पूरे देश को यह सोचने पर मजबूर करता है कि जिंदगी का असली मतलब सिर्फ सांसें चलते रहना नहीं, बल्कि सम्मान और चेतना के साथ जीना है।

पूरे देश में चर्चा का विषय बना यह मामला

Harish Rana Passive Euthanasia को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ गई है। एक तरफ कुछ लोग इसे मानवता का सबसे संवेदनशील कदम मान रहे हैं, तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जब तक सांस चल रही है तब तक उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। लेकिन मेडिकल साइंस की नजर से देखें तो 13 साल तक कोमा में रहने के बाद रिकवरी की संभावना लगभग शून्य हो जाती है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बहुत सावधानी बरती है। एम्स जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही यह फैसला लिया गया है, ताकि किसी भी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही की गुंजाइश न रहे। अंतिम प्रक्रिया भी एम्स में ही सम्मानजनक तरीके से पूरी किए जाने का निर्देश दिया गया, जो दर्शाता है कि अदालत ने हरीश राणा की गरिमा का पूरा ध्यान रखा है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • हरीश राणा गाजियाबाद के रहने वाले थे और लगभग 13 सालों से कोमा में बिस्तर पर बेसुध पड़े थे, डॉक्टरों ने ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं जताई थी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS दिल्ली की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पैसिव यूथेनेसिया की याचिका पर फैसला सुनाया और लाइफ सपोर्ट हटाने का आदेश दिया।
  • सोशल मीडिया पर वायरल 22 सेकंड के भावुक वीडियो में एक महिला हरीश के माथे पर तिलक लगाते हुए कहती हैं: “सारों को माफ करते हुए… अब जाओ”, जिसने लाखों लोगों को रुला दिया।
  • पैसिव यूथेनेसिया में मरीज की लाइफ सपोर्ट धीरे-धीरे हटाकर उसे कुदरती तरीके से विदा होने दिया जाता है, भारत में इसे सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ कानूनी मान्यता दी है।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: हरीश राणा कौन हैं और वे कितने साल से कोमा में थे?

हरीश राणा गाजियाबाद के रहने वाले हैं जो लगभग 13 सालों से कोमा में बिस्तर पर बेसुध अवस्था में पड़े थे। डॉक्टरों ने उनके ठीक होने की कोई संभावना नहीं जताई थी।

Q2: भारत में पैसिव यूथेनेसिया क्या कानूनी है?

हां, भारत में सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में पैसिव यूथेनेसिया को कुछ सख्त शर्तों के साथ कानूनी मान्यता दी है। इसमें मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और अदालत की मंजूरी जरूरी होती है।

Q3: हरीश राणा की लाइफ सपोर्ट कहां हटाई गई?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हरीश राणा को उनके गाजियाबाद स्थित घर से दिल्ली AIIMS में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा सम्मानजनक ढंग से लाइफ सपोर्ट हटाई गई।

Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Assembly Elections 2026: पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान, 4 मई को नतीजे

Next Post

Progressive Punjab Investors Summit: CM भगवंत मान का निवेशकों को बड़ा भरोसा

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates 27 April 2026: Big Alerts, हर खबर सबसे पहले

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
April 27 History

April 27 History: जब लिखा गया ‘Für Elise’, बना पहला Labor Government

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
IMD Weather Alert

IMD Weather Alert: देश में 3 दिन तक भीषण लू, बांदा में पारा छूआ 47.4°C

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
Rashifal 27 April 2026

Rashifal 27 April 2026: इन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, जानें पूरा राशिफल

सोमवार, 27 अप्रैल 2026
Modern Mangalsutra Designs

Modern Mangalsutra Designs: मिनिमलिज्म का क्रेज, यंग ब्राइड्स को भा रहे ये मॉडर्न डिजाइन

रविवार, 26 अप्रैल 2026
Next Post
Progressive Punjab Investors Summit

Progressive Punjab Investors Summit: CM भगवंत मान का निवेशकों को बड़ा भरोसा

Top News India

Top News India 15 March 2026: ईरान की नेतन्याहू को मारने की धमकी से लेकर 5 राज्यों में चुनाव तक

Aaj Ka Rashifal 16 March 2026

Aaj Ka Rashifal 16 March 2026: मेष से मीन तक सभी राशियों का भाग्यफल

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।