Gurmeet Ram Rahim Furlough को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। दो साध्वियों के साथ बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम को मंगलवार सुबह रोहतक की सुनारिया जेल से 21 दिन की फरलो पर रिहा कर दिया गया है। देखा जाए तो यह अगस्त 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद 17वां मौका है जब उन्हें जेल से बाहर आने की इजाजत मिली है।
दिलचस्प बात यह है कि इसी साल यह तीसरी बार है जब डेरा सच्चा सौदा मुखी को फरलो दी गई है। जनवरी में 40 दिन, मई में 30 दिन और अब अगस्त में 21 दिन। सवाल उठता है – क्या एक दोषी को इतनी बार-बार रिहाई देना न्यायसंगत है?
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सुबह 6:05 बजे SUV में निकला दोषी, सख्त सुरक्षा का घेरा
मंगलवार सुबह करीब 6:05 बजे राम रहीम पुलिस के सख्त सुरक्षा घेरे के बीच एक SUV गाड़ी में जेल परिसर से बाहर निकला। सुरक्षा कारणों से जेल के आस-पास पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे। जानकारी के अनुसार, फरलो के दौरान वह सिरसा स्थित अपने मुख्य डेरे में रहेगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एक दोषी को इतनी सुरक्षा क्यों दी जा रही है? और बस यहीं से शुरू होता है पूरा विवाद। आलोचकों का कहना है कि राम रहीम को VIP ट्रीटमेंट मिल रहा है।
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2017 से अब तक: 17 बार की रिहाई का पूरा हिसाब
| साल | फरलो/पैरोल की संख्या | कुल दिन |
|---|---|---|
| 2017 (सजा के बाद) | – | – |
| 2018-2021 | कई बार | विवरण उपलब्ध नहीं |
| 2022 | कई बार | विवरण उपलब्ध नहीं |
| 2023 | कई बार | विवरण उपलब्ध नहीं |
| 2024 | कई बार | विवरण उपलब्ध नहीं |
| 2025 (अब तक) | 3 बार | 40 + 30 + 21 = 91 दिन |
| कुल | 17 बार | सैकड़ों दिन |
हैरान करने वाली बात यह है कि एक दोषी जो 20 साल की सजा काट रहा है, वह साल में 3 महीने से ज्यादा समय जेल के बाहर रह रहा है। इससे साफ होता है कि कुछ तो खास व्यवस्था है।
क्या है पूरा कानूनी मामला?
अगस्त 2017 में पंचकूला की विशेष CBI कोर्ट ने राम रहीम को दो शिष्याओं (साध्वियों) के साथ बलात्कार का दोषी करार दिया था। उन्हें 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई थी। तब से वे रोहतक के पिंड सुनारिया स्थित जिला जेल में बंद हैं।
समझने वाली बात है कि यह कोई साधारण मामला नहीं था। CBI ने जांच की थी और अदालत ने पूरे सबूतों के बाद सजा सुनाई थी। लेकिन सजा के बावजूद, राम रहीम को बार-बार फरलो मिलती रहती है।
फरलो और पैरोल में क्या फर्क है?
बहुत से लोग फरलो और पैरोल को एक ही समझते हैं, लेकिन दोनों में फर्क है:
- फरलो (Furlough): यह कैदी का कानूनी अधिकार है। अच्छे आचरण वाले कैदी को साल में कुछ दिन घर जाने की अनुमति। इसमें विशेष कारण बताने की जरूरत नहीं।
- पैरोल (Parole): यह अस्थायी रिहाई है जो किसी खास कारण (पारिवारिक आपात स्थिति, बीमारी आदि) के लिए दी जाती है।
राम रहीम को ज्यादातर फरलो पर ही रिहा किया जाता है।
डेरा सच्चा सौदा: कितना बड़ा है प्रभाव?
डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय सिरसा, हरियाणा में है। इसके करोड़ों अनुयायी भारत और विदेशों में हैं। राम रहीम के समर्थक उन्हें “गुरु जी” मानते हैं और उनकी रिहाई की मांग करते रहते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि जब 2017 में राम रहीम को सजा सुनाई गई थी, तब हरियाणा और पंजाब में हिंसा भड़क गई थी। उनके समर्थकों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था, कई लोग मारे गए थे।
हर बार फरलो पर राजनीतिक सवाल क्यों?
जब भी राम रहीम को फरलो मिलती है, राजनीतिक विवाद खड़ा हो जाता है। विपक्षी दल आरोप लगाते हैं कि:
- सरकार डेरे के वोट बैंक को साधने के लिए फरलो दे रही है
- चुनावों से पहले रणनीतिक रूप से फरलो दी जाती है
- न्यायिक प्रक्रिया में राजनीतिक दखल हो रहा है
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और 2027 में फिर होंगे। ऐसे में डेरे का वोट बैंक महत्वपूर्ण हो जाता है।
पीड़ितों और महिला संगठनों का विरोध
हर बार जब राम रहीम को फरलो मिलती है, महिला संगठन और मानवाधिकार कार्यकर्ता विरोध जताते हैं। उनका कहना है कि:
- बलात्कार जैसे जघन्य अपराध के दोषी को बार-बार रिहाई देना पीड़ितों के साथ अन्याय है
- यह गलत संदेश देता है कि प्रभावशाली लोग कानून से ऊपर हैं
- न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है
सवाल उठता है – क्या एक बलात्कार के दोषी को इतनी सहूलियत मिलनी चाहिए?
2025 में तीसरी बार: साल का हिसाब
| महीना | फरलो की अवधि | कारण |
|---|---|---|
| जनवरी 2025 | 40 दिन | सामान्य फरलो |
| मई 2025 | 30 दिन | सामान्य फरलो |
| अगस्त 2025 | 21 दिन | सामान्य फरलो |
| कुल | 91 दिन | साल का एक-चौथाई से ज्यादा |
हैरान करने वाली बात यह है कि राम रहीम 2025 में अब तक 91 दिन यानी लगभग 3 महीने जेल के बाहर रह चुके हैं। यह साल का एक-चौथाई से भी ज्यादा समय है।
जेल नियमों के मुताबिक फरलो का अधिकार
हरियाणा जेल नियमों के अनुसार:
- अच्छे आचरण वाले कैदी को साल में निश्चित दिनों की फरलो मिल सकती है
- फरलो देने का फैसला जेल प्रशासन और सरकार करती है
- गंभीर अपराधों के दोषियों के मामले में विशेष विचार किया जाता है
लेकिन समझने वाली बात है कि नियम तो सभी के लिए एक हैं, फिर राम रहीम को इतनी बार फरलो क्यों मिलती है?
डेरे में क्या करेंगे राम रहीम?
फरलो के दौरान राम रहीम सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्य आश्रम में रहेंगे। वहां उनके हजारों अनुयायी उनसे मिलने आएंगे। डेरे में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि फरलो के दौरान कैदी को क्या करना है और क्या नहीं, इसके नियम होते हैं। लेकिन राम रहीम के मामले में ऐसा लगता है कि वे खुलेआम धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां करते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुरमीत राम रहीम को रोहतक जेल से 21 दिन की फरलो मिली, सुबह 6:05 बजे सख्त सुरक्षा में रिहा हुए
- 2017 में सजा के बाद यह 17वीं बार जेल से बाहर आए, 2025 में तीसरी बार फरलो मिली
- इस साल अब तक 91 दिन (40+30+21) जेल के बाहर रहे, यानी साल के एक-चौथाई से ज्यादा
- महिला संगठनों और विपक्ष ने बार-बार फरलो देने पर सवाल उठाए













