Punjab Illegal Fertilizer Raid: किसानों के साथ धोखा करने वालों के खिलाफ पंजाब सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। फरीदकोट में एक आवासीय संपत्ति पर छापेमारी में एक अवैध उर्वरक और कीटनाशक पैकेजिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया गया जो बिना किसी लाइसेंस या अनुमति के संचालित हो रही थी। राजिंदर सेठी नामक व्यक्ति के खिलाफ गुरुवार को फरीदकोट के सिटी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक छापेमारी नहीं है। यह उस गंदे खेल का पर्दाफाश है जो किसानों की जेब काटता है और उनकी फसलों को बर्बाद करता है। जब नकली या एक्सपायर्ड खाद और कीटनाशक खेतों में डाले जाते हैं, तो किसान को दोहरा नुकसान होता है – पैसा भी गया और फसल भी खराब हुई।
पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ीयां ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा – “विश्वसनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए, कृषि विभाग की एक टीम ने स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में House No. 87, Street No. 2, Narain Nagar, Faridkot पर छापा मारा।”
18 खाद के सैंपल लिए, दो बैच एक्सपायर्ड, 8 कीटनाशक खराब
और बस यहीं से शुरू होती है एक गंदे कारोबार की पोल खुलने की कहानी। मंत्री ने बताया – “परिसर के मालिक की पहचान राजिंदर सेठी के रूप में हुई है, जो एक अवैध उर्वरक और कीटनाशक पैकेजिंग यूनिट चला रहा था। कथित तौर पर वह M/s Amravati Agro Corp., Nalagarh, Solan, Himachal Pradesh से कृषि इनपुट खरीद रहा था, जो अब विभाग के स्कैनर पर है।”
समझने वाली बात यह है कि यह एक अकेले व्यक्ति का अपराध नहीं है। यह एक पूरी सप्लाई चेन है जो हिमाचल प्रदेश से पंजाब तक फैली हुई है।
आगे की जांच में पता चला कि राजिंदर सेठी का फरीदकोट जिले के लिए रिटेल फर्टिलाइजर लाइसेंस एक्सपायर हो चुका था, फिर भी वह Fertiliser Control Order, 1985 का उल्लंघन करते हुए व्यावसायिक गतिविधि चला रहा था।
दिलचस्प बात यह है कि टीम ने परिसर से 18 उर्वरक सैंपल प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एकत्र किए। इसके अलावा, साइट पर दो बैच एक्सपायर्ड खाद और आठ एक्सपायर्ड कीटनाशक पाए गए।
मंत्री ने कहा – “हालांकि, एक्सपायर्ड स्टॉक के औपचारिक सैंपल नहीं लिए गए क्योंकि उत्पाद स्पष्ट रूप से खराब, अनुपयोगी और शेल्फ-लाइफ मानदंडों के स्पष्ट उल्लंघन में थे।”
आवासीय संपत्ति से अवैध पैकेजिंग: सीवन और सीलिंग उपकरण बरामद
लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि राजिंदर सेठी अपने आवासीय परिसर से ही एक अवैध पैकेजिंग यूनिट चला रहा था, बिना किसी वैधानिक अनुमोदन या लाइसेंस के।
छापेमारी के दौरान, बिना चिह्न वाले और खुले बैग जिनमें संदिग्ध नकली खाद थी, बरामद किए गए। साथ ही सीवन और सीलिंग उपकरण भी मिले जो अवैध रीपैकेजिंग के लिए उपयोग किए जा रहे थे।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह व्यक्ति:
• एक्सपायर्ड लाइसेंस के साथ काम कर रहा था
• आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि चला रहा था
• बिना अनुमति के पैकेजिंग कर रहा था
• एक्सपायर्ड और संभवतः नकली उत्पाद बेच रहा था
यह सब मिलकर किसानों के साथ एक बहुत बड़ा धोखा है।
कई धाराओं के तहत FIR: BNS से लेकर Insecticides Act तक
कृषि विभाग की टीम की शिकायत पर, फरीदकोट पुलिस ने राजिंदर सेठी के खिलाफ FIR दर्ज की है जिसमें कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:
• BNS 2023 की धारा 318(4) और 61(2)
• Fertiliser Control Order (FCO), 1985 की धारा 7 और 8
• Essential Commodities (EC) Act, 1955 की धारा 3(2)(d) और 7
• Insecticides Act, 1968 की धारा 13, 17, 18, 23, 29 और 33
• Insecticides Rules, 1971 के नियम 10, 12, 15 और 36
इतनी सारी धाराओं का मतलब है कि यह एक बहुत गंभीर अपराध है और सजा भी कठोर हो सकती है।
मंत्री खुड़ीयां का सख्त संदेश: “पूरी सप्लाई चेन की जांच होगी”
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ीयां ने बहुत सख्त शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा – “यह आपराधिक लापरवाही और किसानों के साथ जानबूझकर धोखाधड़ी का स्पष्ट मामला है। आवासीय क्षेत्र से अवैध पैकेजिंग यूनिट चलाना, एक्सपायर्ड कीटनाशक रखना और बिना वैध लाइसेंस के व्यवसाय चलाना अक्षम्य है।”
और यहां सबसे महत्वपूर्ण बयान आता है – “हम इस छापेमारी पर नहीं रुकेंगे। भगवंत मान सरकार पूरी सप्लाई चेन की जांच करेगी, जिसमें हिमाचल प्रदेश आधारित फर्म भी शामिल है। पंजाब के किसानों को नकली या एक्सपायर्ड कृषि इनपुट बेचने में शामिल कोई भी व्यक्ति नहीं बख्शा जाएगा।”
यह बयान दर्शाता है कि:
• सरकार इसे अलग-थलग घटना नहीं मान रही
• पूरे नेटवर्क को उजागर किया जाएगा
• राज्य की सीमाओं के पार भी जांच होगी
• किसानों के हित में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
किसानों से अपील: संदिग्ध दुकानों की रिपोर्ट करें
मंत्री ने पूरे राज्य के किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी संदिग्ध खाद या कीटनाशक दुकान की जानकारी विभाग को दें।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि:
• विभाग हर जगह नहीं पहुंच सकता
• स्थानीय किसान बेहतर जानते हैं कि कहां गड़बड़ है
• जन-भागीदारी से ही यह समस्या पूरी तरह खत्म हो सकती है
चिंता का विषय यह है कि नकली खाद और कीटनाशकों का धंधा पंजाब में कोई नई बात नहीं है। यह लंबे समय से चल रहा है और किसानों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
Himachal Pradesh कनेक्शन: Amravati Agro Corp भी स्कैनर पर
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि मंत्री ने कहा कि M/s Amravati Agro Corp., Nalagarh, Solan, Himachal Pradesh अब विभाग के स्कैनर पर है।
यह दर्शाता है कि:
• नकली खाद का स्रोत हिमाचल में हो सकता है
• अंतर-राज्य समन्वय की जरूरत है
• एक राज्य में कार्रवाई दूसरे राज्य में भी असर दिखाएगी
समझने वाली बात यह है कि अगर सप्लायर ही नकली या घटिया सामान भेज रहा है, तो सिर्फ रिटेलर को पकड़ने से काम नहीं चलेगा। पूरी चेन को तोड़ना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• फरीदकोट में राजिंदर सेठी के आवासीय परिसर में अवैध खाद-कीटनाशक पैकेजिंग यूनिट का भंडाफोड़
• 18 खाद के सैंपल लिए, दो बैच एक्सपायर्ड खाद, 8 एक्सपायर्ड कीटनाशक बरामद
• राजिंदर सेठी का फर्टिलाइजर लाइसेंस एक्सपायर, फिर भी अवैध व्यापार जारी
• Himachal Pradesh की कंपनी Amravati Agro Corp भी स्कैनर पर
• BNS, Fertiliser Control Order, Essential Commodities Act, Insecticides Act के तहत FIR
• मंत्री खुड़ीयां ने कहा – पूरी सप्लाई चेन की जांच होगी, कोई नहीं बख्शा जाएगा
• किसानों से अपील – संदिग्ध दुकानों की जानकारी दें
• आवासीय क्षेत्र में अवैध पैकेजिंग, सीवन-सीलिंग उपकरण बरामद
• “किसानों के साथ जानबूझकर धोखाधड़ी अक्षम्य” – खुड़ीयां
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