ED Raids Punjab: पंजाब में राजनीतिक तूफान तब मचा जब तीन दिनों के भीतर दो आम आदमी पार्टी नेताओं के घरों पर इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के छापे पड़े। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसे भाजपा का चुनावी हथकंडा करार देते हुए कहा कि जो पार्टी 117 उम्मीदवार नहीं ढूंढ पाती, वह डर और दबाव से सत्ता हथियाना चाहती है।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री के गुस्से का साक्षी बनी। उनके शब्दों में तल्खी थी, आंखों में दृढ़ता। देखा जाए तो यह केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि पंजाब की उस लड़ाई की आवाज थी जो केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ लड़ी जा रही है।
ई.डी. का निशाना, आप नेताओं पर शिकंजा
पिछले तीन दिनों में जो कुछ हुआ, वह पंजाब की राजनीति में नया मोड़ साबित हो सकता है। पहले राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के घर छापा पड़ा, फिर मंत्री संजीव अरोड़ा के घर। दोनों ही मामलों में आरोप वही पुराने, सबूत वही ढूंढे जा रहे। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि पिछले छापों में क्या मिला था? कुछ नहीं। तो अब क्यों यह नाटक दोहराया जा रहा है?
अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी चलाते हैं, जहां चार हजार से अधिक छात्र पढ़ते हैं और 35 से अधिक देशों के युवा शिक्षा हासिल करते हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी से जुड़ाव ने उन्हें रातोंरात ‘दागी’ बना दिया। संजीव अरोड़ा ने लुधियाना उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त दी थी। शायद यही उनका ‘अपराध’ था।
लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर आरोप लगाया कि देश के सबसे बड़े लोकतंत्र का गला धीरे-धीरे घोंटा जा रहा है। गैर-भाजपा सरकारों को या तो केंद्रीय फंड रोककर परेशान किया जा रहा है या राज्यपालों के माध्यम से। यह सिर्फ पंजाब की कहानी नहीं, बल्कि बंगाल, केरल, तमिलनाडु और दिल्ली की भी है।
“आप को खास तौर पर निशाना बनाया गया है क्योंकि यह पार्टी बहुत तेजी से बढ़ रही है,” मान ने कहा। “सिर्फ दस सालों में राष्ट्रीय पार्टी बन गई। भाजपा नहीं चाहती कि कोई तीसरी ताकत उभरे।”
दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली के शराब घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को जेल भेजा गया, लेकिन अदालत ने माना कि केस चलाने लायक नहीं है। फिर भी पहले जेल में डालो, चुनाव होने दो, फिर देखेंगे—यही फॉर्मूला अपनाया गया।
वॉशिंग मशीन की राजनीति
मान ने भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ राजनीति पर जमकर प्रहार किया। उनका कहना था कि अगर कोई भाजपा में शामिल होता है तो उसके सारे दाग गायब हो जाते हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का उदाहरण देते हुए कहा कि सात हत्याओं के मामलों वाले व्यक्ति को नेता बना दिया गया। “ये वे लोग हैं जो ‘जंगल राज’ की बातें करते थे, अब खुद क्या कर रहे हैं?”
समझने वाली बात यह है कि भाजपा के पास पंजाब में जमीनी संगठन नहीं है। 117 उम्मीदवार नहीं मिल रहे, इसलिए ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग का सहारा लेकर विपक्षी नेताओं को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बदले की राजनीति की बजाय बेरोजगारी, महंगाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए था। “मोदी का ध्यान किसी की सुरक्षा घटाने, किसी की सुरक्षा बढ़ाने, ई.डी. और सी.बी.आई. को इधर-उधर भेजने पर है।”
उन्होंने कहा कि सरकार कहीं और से चल रही है। “आदेश वाशिंगटन और व्हाइट हाउस से आते हैं। वे विश्व गुरु बनना चाहते थे लेकिन हम विश्व चेला बन गए हैं।”
शहीदों की विरासत का सवाल
भावुक होते हुए मुख्यमंत्री ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय का जिक्र किया। “शहीदों ने अपना खून देकर हमें यह देश दिया। क्या आज के हालात देखकर इन देशभक्तों की आत्मा को शांति मिलेगी?”
अगर गौर करें तो मान ने ‘हम दो, हमारे दो’ के नारे को नया अर्थ दिया। “पहले यह परिवार भलाई के लिए था लेकिन अब यह शासन का मॉडल बन गया है। अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उनके आगे उनके दो—अंबानी और अडानी।”
राज्यपालों का दुरुपयोग और न्यायपालिका पर हमले
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्यपालों को राजनीति तक सीमित कर दिया गया है। वे सालों से बिल रोककर बैठे हैं। राज्यों को अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ रहा है। “जजों का तबादला किया जाता है, उनकी फाइलें बाहर निकाली जाती हैं।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के माध्यम से वोटों की कथित हेराफेरी का भी आरोप लगाया। “एस.आई.आर. के माध्यम से असली वोटों को काटा जा रहा है। एक ही वोटर कई राज्यों में वोट डाल रहा है।”
पंजाबियों की हिम्मत का दावा
अपनी बात समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि पंजाबी डरने वाले नहीं हैं। “पंजाबी अपनी गर्दन कटा सकते हैं लेकिन डर के आगे कभी नहीं झुकेंगे। अरविंद केजरीवाल हमारे जनरल हैं। हम डरने या घबराने वाले नहीं हैं।”
उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि 2027 की तैयारी करनी है तो ई.डी. और सी.बी.आई. का सहारा लेने की बजाय लोगों के बीच जाकर काम करें। “भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन राजनीति’ आखिरकार ढह जाएगी। अगर आप बार-बार मशीन में मैले कपड़े डालते रहोगे तो एक दिन इसका फिल्टर भी जाम हो जाएगा।”
मीडिया की भूमिका पर सवाल
मुख्यमंत्री ने मीडिया के एक हिस्से की भी आलोचना की जो हमेशा मोदी का गुणगान करता है। “हर चीज एक मास्टर स्ट्रोक बन जाती है। मनरेगा हटाओ, मास्टर स्ट्रोक। मनरेगा लाओ, मास्टर स्ट्रोक।”
उन्होंने हंगरी की मिसाल देते हुए कहा कि वहां न्यायपालिका, मीडिया और हर स्रोत को खरीद लिया गया था, फिर भी जब लोग इकट्ठे होकर टूट पड़े तो तानाशाही की बुरी हार हुई।
मुख्य बातें (Key Points):
- पिछले तीन दिनों में दो आप नेताओं (अशोक मित्तल और संजीव अरोड़ा) के घर ई.डी. के छापे
- मुख्यमंत्री ने इसे भाजपा का चुनावी हथकंडा बताया, कहा—117 उम्मीदवार नहीं मिल रहे इसलिए डराकर नेता तोड़ने की कोशिश
- भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ राजनीति पर हमला—विपक्षी नेता दागी, भाजपा में आते ही साफ
- राज्यपालों, ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग के माध्यम से गैर-भाजपा राज्यों को परेशान करने का आरोप
- शहीदों की विरासत और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान, पंजाबियों को डरने से इनकार













