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The News Air - Breaking News - Earbuds Side Effects: रात को इयरबड्स लगाकर सोते हैं? हो सकता है बहरापन!

Earbuds Side Effects: रात को इयरबड्स लगाकर सोते हैं? हो सकता है बहरापन!

लंबे समय तक इयरबड्स लगाकर सोने से कानों में संक्रमण, दर्द और सुनने की क्षमता कमजोर होने का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
शुक्रवार, 19 जून 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, काम की बातें
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Earbuds Side Effects
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Earbuds Side Effects: रात को गाने सुनते-सुनते सो जाना आजकल लाखों लोगों की आदत बन चुका है। कई लोग मानते हैं कि इयरबड्स लगाकर सोने से जल्दी नींद आती है और बाहरी शोर से भी राहत मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही आदत धीरे-धीरे आपके कानों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है? ENT विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लंबे समय तक यह आदत जारी रही, तो संक्रमण, दर्द और सुनने की क्षमता कमजोर होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। देखा जाए तो यह छोटी सी आदत आपके कानों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

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कानों में बढ़ती है गर्माहट और नमी

ईएनटी विशेषज्ञों के मुताबिक कई घंटों तक लगातार इयरबड्स कानों में लगाए रखने से कानों के अंदर गर्माहट और नमी बढ़ने लगती है। यह स्थिति बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है।

जब कानों के अंदर लंबे समय तक हवा का प्रवाह नहीं हो पाता, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। समझने वाली बात है कि कान को भी सांस लेने की जरूरत होती है।

इसके कारण कानों में खुजली, जलन, दर्द और सूजन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कई बार संक्रमण इतना बढ़ जाता है कि व्यक्ति को डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि यह समस्या खासकर उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जो वायरलेस इयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि वे कान में पूरी तरह फिट हो जाते हैं।

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कान खुद को साफ नहीं कर पाते

डॉक्टरों का कहना है कि हमारे कान खुद को साफ रखने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया अपनाते हैं। कान के अंदर बनने वाला ईयर वैक्स धीरे-धीरे बाहर निकलने लगता है और गंदगी को भी बाहर ले आता है।

लेकिन जब लंबे समय तक इयरबड्स कानों के अंदर रहते हैं, तो यह प्रक्रिया प्रभावित होने लगती है। इससे वैक्स जमा होने लगता है और कानों में ब्लॉकेज की समस्या पैदा हो सकती है।

यही वजह है कि विशेषज्ञ रात भर कानों में किसी भी तरह का उपकरण लगाए रखने की सलाह नहीं देते। यहां ध्यान देने वाली बात है कि अगर वैक्स ज्यादा जम जाए तो सुनाई देना कम हो सकता है और कान में भारीपन महसूस हो सकता है।

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नींद में करवट से कानों पर दबाव

सोते समय शरीर लगातार करवट बदलता रहता है। ऐसे में इयरबड्स कानों पर दबाव बनाते हैं। यह दबाव कई बार कान की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।

कुछ लोगों को सुबह उठने पर कानों में दर्द, भारीपन या असहजता महसूस होती है। इसका एक बड़ा कारण रात भर कानों पर बना रहने वाला यही दबाव होता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर समस्या और गंभीर हो सकती है।

अगर गौर करें तो कुछ लोगों के कानों में घाव या खरोंच भी हो जाती है, जो संक्रमण का कारण बन सकती है।

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सुनने की क्षमता पर असर

विशेषज्ञों की चिंता सिर्फ संक्रमण तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि तेज आवाज में संगीत सुनते हुए सोना सुनने की क्षमता पर भी असर डाल सकता है।

जब कान लगातार कई घंटों तक ध्वनि के संपर्क में रहता है, तो उनकी संवेदनशील कोशिकाओं पर दबाव बढ़ता है। धीरे-धीरे Hearing Loss यानी सुनने की क्षमता कमजोर होने लगती है।

शुरुआत में इसका असर मामूली दिखाई देता है। लेकिन लंबे समय बाद यह गंभीर समस्या का रूप ले सकता है। डॉक्टर बताते हैं कि कई लोग सोचते हैं कि कम वॉल्यूम पर संगीत सुनना पूरी तरह सुरक्षित है।

हालांकि कम आवाज नुकसान को कुछ हद तक कम कर सकती है, लेकिन पूरी रात कानों में इयरबड्स लगाए रखना फिर भी सही नहीं माना जाता।

वायरलेस इयरबड्स का अतिरिक्त खतरा

वायरलेस इयरबड्स इस्तेमाल करने वालों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। नींद के दौरान यह इयरबड्स कान के अंदर दब सकते हैं या अपनी जगह से खिसक सकते हैं।

कुछ मामलों में वे कान के अंदर गहराई तक चले जाते हैं, जिससे चोट लगने का खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे हालात में चिकित्सीय मदद की आवश्यकता पड़ सकती है।

समझने वाली बात है कि कई बार छोटे वायरलेस इयरबड्स कान के अंदर फंस जाते हैं और उन्हें निकालना मुश्किल हो जाता है।

डॉक्टरों की सलाह: क्या करें, क्या न करें

क्या न करें:

  • रात भर इयरबड्स लगाकर न सोएं
  • बहुत तेज वॉल्यूम पर संगीत न सुनें
  • गंदे इयरबड्स इस्तेमाल न करें
  • लगातार कई घंटों तक इयरबड्स न पहनें

क्या करें:

  • अगर संगीत सुनना जरूरी है तो टाइमर लगाएं (30-45 मिनट)
  • कम वॉल्यूम पर सुनें (60% से कम)
  • इयरबड्स को नियमित रूप से साफ करें
  • ओवर-ईयर हेडफोन्स का इस्तेमाल करें जो कान के अंदर नहीं जाते
  • कानों को आराम दें, हर दिन कुछ घंटे बिना इयरबड्स के रहें
बेहतर विकल्प क्या हैं?

अगर आपको सोते समय बाहरी शोर से परेशानी होती है, तो इयरबड्स की जगह व्हाइट नोइज मशीन या स्पीकर का इस्तेमाल करें। यह कानों के लिए ज्यादा सुरक्षित हैं।

कुछ लोगों के लिए स्लीप बैंड्स (विशेष हेडबैंड जिनमें पतले स्पीकर होते हैं) भी अच्छा विकल्प हो सकते हैं।

राहत की बात यह है कि अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इयरबड्स से नुकसान से बचा जा सकता है। लेकिन रात भर लगाकर सोना किसी भी स्थिति में सुरक्षित नहीं है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • रात भर इयरबड्स लगाने से कानों में नमी और गर्माहट बढ़ती है, संक्रमण का खतरा
  • ईयर वैक्स जमा होने और कान के प्राकृतिक सफाई प्रोसेस में रुकावट
  • लंबे समय तक इस्तेमाल से सुनने की क्षमता कमजोर हो सकती है
  • वायरलेस इयरबड्स कान के अंदर फंस या चोट लगा सकते हैं
  • कम वॉल्यूम, टाइमर और नियमित सफाई से नुकसान कम किया जा सकता है

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या कम वॉल्यूम पर इयरबड्स लगाकर सोना सुरक्षित है?

उत्तर: कम वॉल्यूम थोड़ा बेहतर है लेकिन फिर भी रात भर लगाए रखना सुरक्षित नहीं है। कानों को आराम की जरूरत होती है और लंबे समय तक कुछ भी अंदर रखना नुकसानदायक है।

प्रश्न 2: इयरबड्स का सुरक्षित इस्तेमाल कितने समय तक है?

उत्तर: विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एक बार में 60 मिनट से ज्यादा न पहनें और 60% से कम वॉल्यूम पर सुनें। इसे “60-60 Rule” कहते हैं। बीच-बीच में ब्रेक लें।

प्रश्न 3: अगर कान में दर्द या संक्रमण हो जाए तो क्या करें?

उत्तर: तुरंत ENT विशेषज्ञ से संपर्क करें। इयरबड्स का इस्तेमाल बंद कर दें। खुद से कान साफ करने की कोशिश न करें। डॉक्टर की सलाह पर दवाई लें।

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अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

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