डा. एस.पी. ओबरॉय ने किया स्पष्ट, मैं किसी भी राजनैतिक पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा बनने के इच्छुक नहीं

चंडीगढ़, 26 अगस्त (The News Air)
पूरी दुनिया में एक फ़रिश्ते के तौर पर पहचान रखने वाले दुबई के नामवर कारोबारी और सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख डा. एस.पी. सिंह ओबरॉय ने स्पष्ट करते कहा कि वह न तो राजनीति में आने के इच्छुक हैं और न ही किसी राजनैतिक पार्टी के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा बनेंगे।
कुछ मीडिया प्लेटफार्म पर चल रही ऐसी ख़बरों का खंडन करते ओबरॉय ने कहा कि मैंने अपने मन की शांति और लोगों की सेवा के लिए ही समाज सेवा का रास्ता चुना है और इसी तरह यह काम जारी रखूंगा।
डा. ओबरॉय जिन्होंने आम लोगों की सुविधा के लिए पिछले समय के दौरान सेहत सुविधाओं में सुधार लाने के मक़सद से प्रशंसनीय कार्य किए हैं।
जिनमें डायलिसिस यूनिट स्थापित करना, डायग्नोस्टिक लेबोरेटरियों की व्यवस्था, सरकारी मेडिकल कालेजों और अस्पतालों को वेंटिलेटर,आक्सीजन कंसनट्रेटर, अल्ट्रासाउंड, ई.सी.जी. और डिजिटल एक्सरे मशीनों, सैल्ल काउन्टर, आटो ऐनालाईज़र, मृतक शरीर संभालने के लिए बड़ी संख्या में फ्रीजर बक्से, एंबुलेंस गाड़ीयां और बड़ी संख्या में मृतक शरीर संभालने के लिए फ्रीजर बक्से, पल्स आकसीमीटर, इन्फ्रा रैड्ड थर्मामीटर, सैनिटाइज़र, एन-95 मास्क, पी.पी.ई.किट्टें समेत अन्य ज़रूरी सामान मुहैया करवाने के इलावा प्रदेश के मेडिकल कालेजों के अस्पतालों में पांच करोड़ रुपए की लागत से अति आधुनिक विदेशी आक्सीजन प्लांट स्थापित कर आक्सीजन की कमी को दूर किया गया है।
डा. ओबरॉय का कहना है कि वह आने वाले समय में भी सेहत सुविधाओं के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए अपने यत्न ओर भी तेज़ करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से जो छोटे सिविल अस्पताल नहीं चल रहे, उनका सरबत दा भला ट्रस्ट ऐसे अस्पतालों को चलाने के लिए भी काम कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सूबे में बेरोज़गारी की समस्या के साथ निपटने के लिए वह नौजवानों को रोज़गार से संबंधित प्रशिक्षण देने का काम भी अपने हाथों में लेना चाहते हैं, जिस के अंतर्गत वह सूबे की बंद पड़ीं सभी आई.टी. आईज़ और ऐसे सिखलाई कालेजों को भी इस मंतव्य के लिए प्रयोग में लाने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि बंद पड़े ऐसे अदारों को चलाने का सारा खर्चा उनके ट्रस्ट की तरफ़ से उठाया जायेगा, जिस का सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
डा. ओबरॉय ने अंत में फिर से स्पष्ट किया कि उनका राजनीति में सरगरम होने का कोई विचार नहीं है।

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