चंडीगढ़, 21 जून (The News Air) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सलाह दी कि वे मुख्यमंत्री की सेहत की चिंता करने के बजाय अपने साले की सेहत पर ध्यान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे स्वस्थ रखने के लिए पंजाब के लोगों का प्यार और स्नेह ही काफी है। इसलिए मजीठिया को सुखबीर बादल की चिंता करनी चाहिए, जिसे हर दिन कोई न कोई चोट लगती रहती है।”
मजीठिया पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मंत्री मेरी सेहत को लेकर बहुत चिंतित दिखते हैं, लेकिन उनके जीजा बार-बार क्यों घायल होते रहते हैं, इस बारे में वे चुप हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि मजीठिया को यह बताना चाहिए कि सुखबीर रोजाना क्या खाता है, जिसके कारण उसे हर दिन चोटें लगती रहती हैं। भगवंत सिंह मान ने बादल-मजीठिया परिवार पर खून से सने होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पंजाब और इसके लोगों को बर्बाद किया है।
मुख्यमंत्री ने मजीठिया को याद दिलाया कि 1919 में जलियांवाला बाग के भयानक नरसंहार के बाद जनरल डायर के लिए रात्रिभोज की मेजबानी करके उनके पूर्वजों ने कौम के साथ धोखा किया था। उन्होंने बिक्रम मजीठिया पर अपने राजनीतिक शिखर के दौरान लोगों को लूटने और पंजाब में नशे के कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि मजीठिया ने खतरनाक नशा ‘चिट्टा’ फैलाने में मदद की, जिसने अनगिनत पंजाबी नौजवानों को बर्बाद कर दिया।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि बादल-मजीठिया परिवार में सब कुछ ठीक नहीं है, अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच आपस में बोलचाल नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दरार उनके कार्यकाल के दौरान कथित भ्रष्टाचार के माध्यम से इकट्ठी की गई दौलत के बंटवारे के कारण हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं को राज्य या यहां के लोगों की भलाई की कोई चिंता नहीं है, बल्कि उनका ध्यान विभिन्न तरीकों से जनता को गुमराह करके फिर से सत्ता हासिल करने पर केंद्रित है।







