Enforcement Directorate (ED) ने पंजाब पुलिस के पूर्व DIG Harcharan Singh Bhullar के कथित साथी और बिचौलिये Krishanu Sharda से पूछताछ करने की तैयारी पूरी कर ली है। ED के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने चंडीगढ़ की स्पेशल जज, PMLA कोर्ट में कृष्णू शारदा के प्रोडक्शन वारंट के लिए अर्जी दाखिल की है।
देखा जाए तो यह मामला काफी संवेदनशील है। कृष्णू शारदा को 16 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता Akash Batta से मांगी गई रिश्वत के रूप में 5 लाख रुपये लेते समय DIG भुल्लर के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
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मामले की पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुआ रिश्वत का खेल
आकाश बत्ता नाम के व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज FIR में गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के मुताबिक, उस समय पंजाब पुलिस में DIG Ropar Range के पद पर तैनात हरचरन सिंह भुल्लर ने थाना सरहिंद में दर्ज एक मामले में अनुकूल कार्रवाई सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ता के कारोबार के खिलाफ कोई जबरन कदम न उठाए जाने के एवज में निजी बिचौलिये कृष्णू शारदा के जरिए गैर-कानूनी रिश्वत की मांग की थी।
समझने वाली बात यह है कि यह मामला सिर्फ रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं है। ED अब इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच कर रही है, जो मामले को और गंभीर बना देता है।
कृष्णू शारदा अभी जेल में न्यायिक हिरासत में
फिलहाल कृष्णू शारदा मॉडल जेल चंडीगढ़ (बुरैल) में न्यायिक हिरासत में है। कोर्ट ने सुपरिंटेंडेंट, मॉडल जेल के माध्यम से आरोपी कृष्णू शारदा को इस अर्जी पर नोटिस जारी किया है।
अदालत ने निर्देश दिया है कि 18 सितंबर 2026 के लिए समन जारी किए जाएं और मॉडल जेल बुरैल (चंडीगढ़) के सुपरिंटेंडेंट को हिदायत दी गई है कि वह आरोपी को निर्धारित तारीख पर अदालत में शारीरिक रूप से पेश करें।
अप्रैल में ED ने की थी छापेमारी
दिलचस्प बात यह है कि इस साल अप्रैल में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच के हिस्से के रूप में पंजाब और चंडीगढ़ में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की थी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ED की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मूल FIR के आधार पर की जा रही है। जब किसी मामले में भ्रष्टाचार से अर्जित धन को वैध बताने की कोशिश होती है, तो PMLA (Prevention of Money Laundering Act) लागू होता है।
पंजाब पुलिस में भ्रष्टाचार पर सवाल
यह मामला पंजाब पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े करता है। एक DIG जैसा वरिष्ठ अधिकारी अगर किसी मामले में अनुकूल कार्रवाई के लिए रिश्वत मांगता है, तो यह व्यवस्था में गहरी खामी को दर्शाता है।
अगर गौर करें तो बिचौलियों का नेटवर्क भी चिंताजनक है। कृष्णू शारदा जैसे लोग अधिकारियों और रिश्वत देने वालों के बीच कड़ी का काम करते हैं, जिससे सीधे पकड़े जाने का खतरा कम हो जाता है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
18 सितंबर की सुनवाई में ED कृष्णू शारदा से विस्तृत पूछताछ करेगी। एजेंसी यह जानना चाहेगी कि:
- रिश्वत की रकम का इस्तेमाल कैसे किया जाना था
- क्या ऐसे और भी मामले हुए हैं
- कितने अधिकारी इस नेटवर्क में शामिल हैं
- पैसे को कैसे वैध बनाया जा रहा था
जनता के लिए क्या मायने रखता है यह मामला
आम नागरिक के लिए यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है। जब पुलिस अधिकारी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हों, तो न्याय की उम्मीद कहां से करें? व्यापारियों और आम लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर रिश्वत वसूली की यह प्रवृत्ति समाज के लिए खतरनाक है।
हालांकि राहत की बात यह है कि ED और अन्य जांच एजेंसियां अब ऐसे मामलों में सक्रियता से कार्रवाई कर रही हैं। PMLA जैसे कड़े कानून भ्रष्ट अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।
मुख्य बातें (Key Points):
- ED ने पूर्व DIG भुल्लर के साथी कृष्णू शारदा से पूछताछ के लिए कोर्ट से मांगा प्रोडक्शन वारंट
- 16 अक्टूबर 2025 को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था शारदा
- थाना सरहिंद के मामले में अनुकूल कार्रवाई के एवज में मांगी गई थी रिश्वत
- 18 सितंबर को कोर्ट में होगी पेशी, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी
- अप्रैल में ED ने पंजाब-चंडीगढ़ में की थी छापेमारी













