Dhruv Rathee CJP Protest Statement –दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के कुछ ही घंटों बाद प्रसिद्ध YouTuber Dhruv Rathee ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए साफ किया है कि उनका Cockroach Janata Party (CJP) से कोई संगठित या राजनीतिक संबंध नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग की तटस्थता और ‘वोट चोरी’ के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान अपनी गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा दी गई ‘अनौपचारिक धमकी’ का भी विस्तार से जिक्र किया है।
जब कोई जन-आंदोलन होता है और उसमें कोई चर्चित शख्सियत शामिल हो जाती है, तो चर्चाओं का बाजार गर्म होना लाजिमी है। लेकिन Dhruv Rathee के मामले में ये चर्चा थोड़ी अलग है। दरअसल, पिछले दिनों नई दिल्ली के पार्लियमेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में CJP के तहत एक प्रदर्शन हुआ था, जिसमें Dhruv Rathee भी शामिल हुए थे। प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया और अब जब वो बाहर आए हैं, तो उनकी पहली प्रतिक्रिया काफी चर्चा में है।
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प्रदर्शन में शामिल होने का क्या था मकसद?
Dhruv Rathee ने अपनी हिरासत के बाद साफ किया कि वो इस प्रदर्शन में किसी पार्टी के नेता या प्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि एक ‘आम नागरिक’ (Common Citizen) के रूप में गए थे। उनका कहना है कि चुनाव आयोग (Election Commission) की तटस्थता और चुनावों में हो रही ‘वोट चोरी’ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें वो YouTube पर वीडियो बनाकर तो उठाते ही रहे हैं, लेकिन इस बार लगा कि सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित रहना काफी नहीं है।
देखा जाए तो, उन्होंने अपने बयान में ये भी कहा कि अगर वोट इस तरह से चुराए जा रहे हैं जैसा कि पिछले कुछ चुनावों में हुआ है, तो यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही (Dictatorship) की ओर बढ़ रहा है। उनका ये भी मानना है कि देश में अब ‘अनघोषित आपातकाल’ (Undeclared Emergency) जैसे हालात हैं, जहां संविधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
CJP से क्यों और कैसे किया किनारा?
सबसे अहम सवाल यही था कि क्या Dhui Rathee अब राजनीति में आ रहे हैं? इस पर उन्होंने साफ तौर पर कहा, “मैं CJP का कोई Affiliate नहीं हूं और ना ही मैं राजनीति में शामिल हो रहा हूं।” उनके अनुसार, वो उस प्रदर्शन में ‘Individual Capacity’ में गए थे, ठीक वैसे ही जैसे देश में लाखों लोग अपनी मर्जी से प्रदर्शनों में शामिल होते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि, उन्होंने ये भी बताया कि CJP के नेताओं जैसे Abhijit Mishra, Saurav Das और Ashutosh से उनकी बातचीत हुई थी, लेकिन वो सिर्फ ‘जनरल’ बातचीत थी। उन्होंने स्पष्ट किया, “मैंने Ratna से बात की थी, बस यही पूछा था कि ‘आप कैसे हो?’ ये सब ठीक है? अब कैसा चल रहा है?” यानी कोई राजनीतियों भरी बातचीत नहीं हुई थी।
हिरासत के दौरान क्या हुआ? ‘धमकी’ का आरोप
Dhruv Rathee ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि प्रदर्शन के दौरान उनके घर के बाहर करीब 50 लोगों को तैनात कर दिया गया था, जो 24 घंटे उनकी फोटो खींच रहे थे और यह ट्रैक कर रहे थे कि वो घर से कहाँ जा रहे हैं, कौन आ रहा है।
अगर गौर करें, तो उनके शब्दों में ये भय काफी साफ झलकता है। उन्होंने कहा, “इन्होंने अनऑफिशियली मुझे धमकी दी है कि अगर मैं थोड़ा सा भी प्रोटेस्ट में जाऊंगा, उसी वक्त मुझे डिटेन कर लेंगे।” यहां ये समझना जरूरी है कि वो अगले दिन होने वाले प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे, लेकिन इस ‘थ्रेट’ के चलते वो सोच-समझकर ही कदम उठाएंगे।
हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों की हालत देखकर उन्हें काफी बुरा लगा। उनका कहना है कि पुलिस वालों पर इतना दबाव होता है कि वो ओवरवर्क हैं और उन्हें उसके हिसाब में पर्याप्त सैलरी भी नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “मुझे उन लोगों के लिए बुरा लगा… ये पूरी लाइफ वो कैदी की तरह जी रहे हैं।”
‘विदेशी फंडिंग’ के आरोपों पर पलटवार
प्रदर्शन और गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर ये अफवाह उड़ रही थी कि Dhruv Rathee विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं। जब उनसे यही सवाल किया गया, तो उन्होंने एक-एक करके सभी नामों का जिक्र करते हुए उन्हें खारिज कर दिया।
- Elon Musk: उनका कहना है कि Musk भी एक Oligarch हैं, जैसे Gautam Adani भारत में कर रहे हैं, वैसे ही Musk अमेरिका में कर रहे हैं। वो इन सभी Oligarchs के खिलाफ हैं।
- George Soros: उनका Soros से कोई कनेक्शन नहीं है।
- America Funded: इस पर उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “अमेरिका मुझे क्यों फंड करेगा? अमेरिका को जो करवाना है, वो Narendra Modi ही कर रहे हैं अमेरिका के लिए।”
उन्होंने UPI पर Tax लगाने, Sugarcan Import और Petrol-Diesel के मुद्दों का जिक्र करते हुए ये साबित करने की कोशिश की कि असल में कौन किसके दबाव में काम कर रहा है। उनका कहना था, “मैं खुद इतने पैसे कमा लेता हूं कि खुद के पैसे पर आ पाऊं और जो Passion मैं Follow करता हूं, वो मैं अपनी जिंदगी में कर पाऊं।”
पत्रकारों पर दबाव और मीडिया की आजादी
इस बयान में Dhruv Rathee ने एक और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि Alternative Media के पत्रकारों को PIV Cards मांई जा रही हैं और जो लोग 15 साल का Experience रखते हैं, उन्हें भी धमकी दी जा रही है। उन्होंने Indian Express के तीन पत्रकारों को उठाए जाने और Pragna Mishra को गिरफ्तार किए जाने का जिक्र किया।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उन्होंने इसे ‘Indira Gandhi’ जमाने की Emergency से तुलना करते हुए कहा कि उस समय तो Emergency घोषित की गई थी, लेकिन अब ‘Undeclared Emergency’ चल रही है, जहां कुछ भी आधिकारिक तौर पर नहीं कहा जा रहा, लेकिन माहौल वैसा ही बन दिया गया है।
जानें पूरा मामला
दरअसल, चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्लान किए गए विरोध मार्च (Protest March) से पहले ही दिल्ली में Security काफी बढ़ा दी गई थी। इसी बीच CJP ने पार्लियमेंट स्ट्रीट थाने में जाकर प्रदर्शन की तारीख और समय मांगा। Saurav Das (CJP प्रवक्ता) ने कहा था कि अगर 24 घंटे में तारीख नहीं मिली, तो अगली कारवाई पर फैसला किया जाएगा। इसी बीच Dhruv Rathee वहां पहुंचे और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अब जब वो रिहा हो चुके हैं, तो उन्होंने साफ कर दिया है कि वो राजनीति में नहीं आ रहे और ना ही CJP का कोई हिस्सा हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- साफ इनकार: Dhruv Rathee ने CJP से किसी भी तरह के संगठित या राजनीतिक संबंध से इनकार कर दिया है।
- हिरासत का अनुभव: उन्होंने बताया कि उनके घर के बाहर 50 लोग तैनात कर दिए गए थे और उन्हें ‘अनौपचारिक धमकी’ दी गई थी कि प्रदर्शन में शामिल हुए तो फिर से गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- विदेशी फंडिंग खारिज: Elon Musk, George Soros और America से फंडिंग के सभी आरोपों को उन्होंने गलत बताते हुए खारिज कर दिया।
- मीडिया पर चिंता: उन्होंने Alternative Media के पत्रकारों पर बढ़ते दबाव और Indian Express के पत्रकारों की गिरफ्तारी पर चिंता जताई।













