Nepal Manaslu Flood News Tourists Stranded –नेपाल के गोरखा जिले के मनासलू (Manaslu) ट्रैकिंग क्षेत्र में रविवार (तारीख) की सुबह लगभग 4 बजे बूढ़ी गंडकी नदी (Budi Gandaki River) में अचानक आए भीषण बाढ़ (Devastating Flash Flood) ने भारी तबाही मचा दी है। देखा जाए तो, यह आपदा इतनी तेजी से आई कि लोगों को भागने का भी मौका नहीं मिला। करीब 40 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, 6 पुल बह गए जिससे ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट गया, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि 150 से ज्यादा विदेशी पर्यटक (Foreign Tourists) अभी भी उस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। नेपाली सेना (Nepal Army) और राहत एजेंसियां बचाव अभियान (Rescue Operation) में जुटी हुई हैं और अब तक 49 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
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कैसे आई यह आपदा?
मनासलू क्षेत्र, जो दुनिया का 8वाँ सबसे ऊँचा पहाड़ (8th Highest Mountain) Mount Manaslu (8,163 meters) के आधार शिविर (Base Camp) तक जाने वाला एक चर्चित ट्रैकिंग रूट है। दिलचस्प बात यह है कि, यहाँ का मौसम अक्सर अप्रत्याशित होता है, लेकिन इस बार जो हुआ वो ‘सामान्य’ बारिश नहीं थी। रविवार की सुबह अचानक ऊपरी इलाकों (Upper Catchment Areas) में भारी बारिश या फिर ग्लेशियर बहाव (Glacial Lake Outburst) हुआ, जिससे Budi Gandaki में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि उसने सब कुछ अपने साथ बहा लिया।
समझने वाली बात यह है कि यह नदी मनासलू सर्किट का हृदय (Heart) है। ट्रैकर्स और पर्यटक इसी नदी के किनारे-किनारे चलते हैं। जब यह नदी उफनी, तो जो रास्ते (Trails) और पुल (Suspension Bridges) थे, वो सब तबाह हो गए। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर है, जिससे सहायता मांगने में देरी हुई और पूरी स्थिति साफ नहीं हो पा रही है।
पर्यटकों की स्थिति: 150+ फंसे, 10 लापता
अक्टूबर का महीना मनासलू में ‘ट्रैकिंग सीजन’ (Trekking Season) का पीक होता है। दुनिया भर से पर्यटक यहाँ आते हैं। अगर गौर करें, तो इस बार भी काफी भीड़ थी। बाढ़ आने के समय Samagaon, Lho, और Sama Gompa जैसे गांवों और हेलीपैड (Heliports) के पास काफी पर्यटक मौजूद थे।
यह दर्शाता है कि:
- 150+ विदेशी पर्यटक अभी भी वहां फंसे हुए हैं। इनमें अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशियाई देशों के नागरिक शामिल हैं।
- 10 लोग लापता (Missing) बताए जा रहे हैं, जिनमें 5 Unglung नदी के पास रहने वाले स्थानीय निवासी (2 महिलाएं और 3 पुरुष) और 4-5 चरवाहे (Shepherds) शामिल हैं।
- 49 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं।
देखा जाए तो, SMS Alert सिस्टम ने कई लोगों की जान बचाई। जिन लोगों को चेतावनी मिली, वो ऊंचाई वाले स्थानों (Higher Grounds) पर चले गए। लेकिन जो नदी के करीब थे या सो रहे थे, उन्हें नुकसान झेलना पड़ा।
बुनियादी ढांचे का नुकसान: पुल, स्कूल और हाइड्रो प्रोजेक्ट
इस बाढ़ ने सिर्फ मकानों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को भी तहस-नहस कर दिया है:
| नुकसान का प्रकार | विवरण | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| आवासीय नुकसान | ~40 घर पूरी तरह नष्ट, 20-22 घर खतरे में | लोग अस्थायी शेल्टर में |
| पुल | 6 पुल (Suspension Bridges) बहे | ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क कटा |
| शिक्षा | 1 Primary School नष्ट | बच्चों की पढ़ाई प्रभावित |
| ऊर्जा | 341 MW Budi Gandaki Hydroelectric Project का Construction Camp और Equipment तबाह | परियोजना में देरी होगी |
| निगरानी | Water Monitoring Station बह गया | जलस्तर का सटीक आंकड़ा नहीं मिल रहा |
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि Salleri में बन रही 341 मेगावाट की Budi Gandaki जलविद्युत परियोजना (Hydropower Project) के निर्माण शिविर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। यह परियोजना नेपाल के लिए ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिए अहम थी। अब जब उपकरण (Heavy Machinery) बह गए हैं और साइट डैमेज हो गई है, तो परियोजना की समय सीमा (Timeline) बढ़ेगी और लागत (Cost) भी बढ़ेगी।
Arughat में जलस्तर खतरनक स्तर पर
समझने वाली बात यह है कि Budi Gandaki नदी का जलस्तर Arughat घाटी में ‘खतरे के निशान’ (Danger Mark) को काफी पार कर गया है। असल में, 5 मीटर का जो खतरे का स्तर था, वहां पानी 8.4 मीटर तक पहुंच गया। यानी लगभग 3.4 मीटर अतिरिक्त पानी।
जब पानी इतना बढ़ जाता है, तो नदी के किनारे के निचले इलाके (Low-lying Areas) पूरी तरह डूब जाते हैं। देखा जाए तो, Arughat उस इलाके का मुख्य व्यापारिक केंद्र (Commercial Hub) है जहां से सामान आता-जाता है। अब जब वहां का Monitoring Station ही बह गया, तो अधिकारियों को रियल-टाइम डेटा नहीं मिल रहा है, जिससे राहत कार्य में थोड़ी बाधा आ रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और चेतावनी
नेपाल सरकार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी है। यह उम्मीद की किरण है कि SMS Alert ने कई जानें बचाईं। अभी:
- Dhading, Tanahun, Chitwan, और Nawalparasi (East & West) जिलों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई है।
- Trishuli और Narayani नदियों के किनारे रहने वालों को भी नदी तट से दूर रहने की सलाह दी गई है।
- Nepal Army के Helicopters को Rescue Operation के लिए तैनात किया गया है, लेकिन खराब मौसम (Bad Weather) के कारण उड़ान में बाधा आ रही है।
अगर गौर करें, तो इस क्षेत्र में ‘सड़क संपर्क’ (Road Connectivity) पहले से ही कमजोर है। अधिकतर आपूर्ति (Supplies) हवाई मार्ग (Air Route) से होती है। जब बादल छाए रहते हैं, तो हेलीकॉप्टर नहीं उड़ सकते, जिससे राहत कार्य धीमा पड़ जाता है। यही वजह है कि अभी भी 150+ पर्यटक वहां फंसे हुए हैं और उन्हें हवाई मार्ग से ही निकाला जा सकता है।
जानें पूरा मामला
मनासलू क्षेत्र नेपाल के गोरखा जिले में पड़ता है, जो चीन की सीमा के पास है। यहाँ का भू-भाग (Terrain) पहाड़ी है और नदियाँ तेज हैं। Budi Gandaki नदी यहाँ की मुख्य नदी है जो अंत में Gandaki (या Narayani) नदी में मिल जाती है। यह क्षेत्र ‘Seismic Zone’ में आता है, यानी भूकंप का खतरा भी रहता है, लेकिन इस बार ‘जल प्रलय’ (Flood) ने तबाही मचाई।
वैज्ञानिकों (Scientists) का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण हिमालय की ग्लेशियर (Glaciers) पिघल रही हैं, जिससे ‘Glacial Lake Outburst Floods’ (GLOFs) का खतरा बढ़ रहा है। हो सकता है कि यह बाढ़ भी ऐसे ही किसी ग्लेशियल झील के फटने का नतीजा हो। हालांकि, अभी आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्य बातें (Key Points)
- जगह: नेपाल के गोरखा जिले का मनासलू ट्रैकिंग क्षेत्र (Budi Gandaki River)।
- नुकसान: 40 घर, 1 स्कूल, 6 पुल नष्ट; 20-22 घर खतरे में।
- मानवीय प्रभाव: 150+ विदेशी पर्यटक फंसे, 10 लोग लापता, 49 लोग बचाए गए।
- बुनियादी ढांचा: 341 MW Hydropower Project का Construction Camp तबाह, Monitoring Station बहा।
- वर्तमान स्थिति: Nepal Army Rescue Operation जारी, Weather खराब होने के कारण Helicopter Operation में बाधा।












