CJP Delhi Protest Detention: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार की सुबह एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक ड्रामे की गवाह बनी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन शुरू कर दिया। मुंबई से दिल्ली पहुंचे पार्टी के शीर्ष नेताओं को हवाई जहाज के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया।
देखा जाए तो राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई है कि चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और बैरिकेड्स नजर आ रहे हैं।
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‘फ्लाइट लैंड होते ही पुलिस का एक्शन: विमान के अंदर से हिरासत’
हैरान करने वाली बात यह रही कि CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका जैसे ही मुंबई से फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचे, पुलिस सीधे प्लेन के भीतर दाखिल हो गई। दीपके ने फ्लाइट के अंदर से ही एक मोबाइल वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया।
इस वीडियो में उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई तानाशाही जैसी है और ऐसा तो आपातकाल के दौर में भी नहीं हुआ था। उन्होंने पुलिसकर्मियों को चुनौती देते हुए कहा: “हम यहां गिरफ्तारी से डरने नहीं आए हैं, हम गिरफ्तारी का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार होकर आए हैं।” इसके बाद जब दीपके को बाहर लाया जा रहा था, तब मीडिया के भारी जमावड़े के बीच अचानक एक रिपोर्टर का माइक उनके चेहरे पर जा लगा।
‘यूट्यूबर ध्रुव राठी और सैकड़ों प्रदर्शनकारी भी पुलिस हिरासत में’
अगर गौर करें तो पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे जाने-माने यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके आवास से हिरासत में ले लिया गया।
वहीं दूसरी ओर, जंतर मंतर की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे लगभग 150 कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग जगहों से रोककर हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ड्रोन कैमरों की मदद से मध्य दिल्ली के हर कोने पर कड़ी नजर रख रही है।
‘राजधानी में सुरक्षा घेरा: आंकड़े और पाबंदियों की स्थिति’
नई दिल्ली इलाके को सुरक्षा के लिहाज से 20 ऑपरेशनल जोन में बांट दिया गया है, जहां हर जोन के लिए अलग डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। दिल्ली की मौजूदा स्थिति को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:
| सुरक्षा व प्रशासनिक कदम | विवरण एवं आंकड़े |
|---|---|
| कुल हिरासत (प्रारंभिक दौर) | विभिन्न समूहों से लगभग 500 लोग |
| एहतियातन हिरासत | 15 जिलों से 50 से 600 आपराधिक रिकॉर्ड वाले संदिग्ध |
| मेट्रो पाबंदियां | 57 प्रमुख दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद |
| इंटरनेट सेवाएं | मध्य दिल्ली में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट निलंबित |
| ट्रैफिक डायवर्जन | कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक समेत 15+ चौराहे प्रभावित |
‘सोनम वांगचुक इस बार प्रदर्शन से क्यों रहे दूर?’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जुलाई में CJP के ऐतिहासिक आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस बार प्रदर्शन से दूरी बनाई है। उन्होंने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर इसकी सीधी वजह स्पष्ट की।
वांगचुक ने बताया कि वे सर्दियों की तैयारियों में जुटे हैं, जहां हिमालय में 200 से अधिक ‘टिक-टिक कर रहे पानी के बमों’ यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के खतरे से निपटने और कृत्रिम ग्लेशियर बनाने के राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन पर काम कर रहे हैं। शायर फैज अहमद फैज की पंक्तियों का हवाला देते हुए उन्होंने लिखा: “और भी ग़म हैं ज़माने में सियासत के सिवा…” साथ ही, उन्होंने युवाओं से बापू के शांतिपूर्ण रास्ते पर टिके रहने की पुरजोर अपील की।
‘आम जनता की दिनचर्या पर पड़ा भारी असर’
इस कड़े सुरक्षा चक्र का सीधा असर दिल्ली की सड़कों और आम मुसाफिरों पर पड़ा है। शुक्रवार रात 10 बजे से मध्य दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट बंद होने और शनिवार सुबह से 57 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट सीमित होने के कारण दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
अशोक रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, संसद मार्ग, बाराखंभा रोड और जनपथ जैसे व्यस्त चौराहों पर भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहा। पुलिस ने आम नागरिकों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी है।
‘छात्र संगठनों का रुख और राजनीतिक हलचल’
चिंता का विषय यह है कि आंदोलन को दबाने के प्रयासों के बीच छात्र संगठनों ने अपने तेवर और सख्त कर लिए हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने इन पाबंदियों की कड़ी निंदा की।
उन्होंने अपील की कि अगर शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार भी कर लिया जाए, तब भी कार्यकर्ताओं को आंदोलन जारी रखना चाहिए। विपक्ष और विभिन्न नागरिक समूहों का आरोप है कि प्रशासन लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को सीमित करने का प्रयास कर रहा है।
‘जानें क्या है पूरा मामला’
समझने वाली बात यह है कि यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) के मुद्दे से जुड़ा है। कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया में भारी विसंगतियां हैं, जिसके विरोध में वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सीधे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले जुलाई 2026 में हुए प्रदर्शनों के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। उस समय वांगचुक 26 दिनों के अनशन पर बैठे थे और सरकार से लिखित बातचीत के बाद ही 36 दिनों का देशव्यापी आंदोलन स्थगित हुआ था। अब चुनावी सुधारों को लेकर CJP ने एक बार फिर दिल्ली में मोर्चा खोलने का ऐलान किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- विमान से हिरासत: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली उतरते ही फ्लाइट के अंदर से पुलिस ने हिरासत में लिया।
- प्रमुख गिरफ्तारियां: यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि शहर भर से 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया।
- कड़े प्रतिबंध: मध्य दिल्ली में 24 घंटे का इंटरनेट बैन, 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद और नई दिल्ली को 20 सुरक्षा जोन में बांटा गया।
- वांगचुक की गैरमौजूदगी: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लद्दाख में ग्लेशियर सुरक्षा मिशन के चलते प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए और शांति बनाए रखने की अपील की।













