शुक्रवार, 6 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

SC के आदेश पर Delhi High Court ने लगाई फटकार, शादी रजिस्ट्रेशन को लेकर केंद्र सरकार को दी चेतावनी!

Marriage Registration पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, सरकार को 3 महीने में नियम लागू करने का आदेश!

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 5 मार्च 2025
A A
0
PM Modi on RSS
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Marriage Registration – दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के 2006 के आदेश का पालन न करने पर कड़ी फटकार लगाई है। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि शादी पंजीकरण (Marriage Registration) को अनिवार्य करने के निर्देश के बावजूद इसे लागू क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने मोदी सरकार को आदेश दिया कि वे तीन महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करें।

SC के आदेश का पालन न करने पर हाई कोर्ट की नाराजगी

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय (Chief Justice Devendra Kumar Upadhyaya) और जस्टिस तुषार राव गेडेला (Justice Tushar Rao Gedela) की बेंच ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाली और दयनीय स्थिति है कि सुप्रीम कोर्ट के 2006 के आदेश को अब तक लागू नहीं किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में फैसला सुनाया था कि सभी धर्मों की शादियों को अनिवार्य रूप से पंजीकृत किया जाए। लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

Marriage Registration को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2006 में आदेश दिया था कि देश में होने वाली सभी शादियां, चाहे वे किसी भी धर्म से जुड़ी हों, अनिवार्य रूप से पंजीकृत होनी चाहिए। कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों को तीन महीने के भीतर Marriage Registration के लिए नियम बनाने और उन्हें अधिसूचित करने का निर्देश दिया था।

यह भी पढे़ं 👇

Why Life in India is Frustrating1

Why Life in India is Frustrating: अमीर होते भारत में जिंदगी इतनी थकाऊ क्यों?

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Sanjeev Arora

Punjab Electricity Rate Cut 2026-27: घरेलू उपभोक्ताओं को ₹1.55/यूनिट की राहत, EV Charging देश में सबसे सस्ती ₹5/यूनिट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
punjab-cabinet-congress-governor-address-boycott-response

Congress ने राज्यपाल अभिभाषण का बहिष्कार कर लोकतंत्र का अपमान किया: Punjab Cabinet Ministers का पलटवार

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Punjab Budget 2026-27 Cabinet Approval

Punjab Cabinet की बड़ी बैठक: CM Bhagwant Mann की अध्यक्षता में Budget 2026-27 को मिली मंजूरी, 8 मार्च को Finance Minister Harpal Cheema पेश करेंगे बजट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026

इस आदेश के अनुपालन में, दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने 21 अप्रैल 2014 को एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया, जिसे दिल्ली (शादी का अनिवार्य पंजीकरण) आदेश, 2014 के रूप में जाना जाता है। हालांकि, याचिकाकर्ता ने इस आदेश में कई खामियां गिनाईं और सरकार को सूचित किया कि इसमें जरूरी सुधार की आवश्यकता है।

हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने को कहा कि अब तक Marriage Registration के लिए केंद्रीय डेटाबेस (Centralized Database) क्यों नहीं बनाया गया। कोर्ट ने सरकार को इस मुद्दे पर उचित कदम उठाने और 9 जुलाई को अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

याचिकाकर्ता आकाश गोयल (Akash Goyal) ने दलील दी कि 2006 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का सही क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। इसके कारण शादी पंजीकरण प्रणाली न केवल अव्यवस्थित और अपूर्ण है, बल्कि इसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति दिल्ली में शादी कर पंजीकरण करा सकता है, जबकि वह पहले से ही किसी अन्य राज्य में शादीशुदा हो सकता है।

सरकार को Marriage Registration के लिए ठोस कानून बनाने का निर्देश

जब दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि शीर्ष अदालत के निर्देशों के अनुसार नियम बनाए गए हैं, तो हाई कोर्ट ने इसे अपर्याप्त बताया। कोर्ट ने कहा कि यह नियम केवल कार्यकारी आदेश (Executive Order) हैं, जबकि Marriage Registration के लिए ठोस कानून (Legislation) बनाना जरूरी है।

हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी:

  • “यह चौंकाने वाला है कि आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू नहीं कर रहे हैं।”
  • “Marriage Registration से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए स्पष्ट और प्रभावी नियम बनने चाहिए।”
  • “ये ऐसे मामले नहीं हैं, जो बार-बार कोर्ट में आएं। सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।”
Marriage Registration के लिए नियम क्यों जरूरी?

अलग-अलग राज्यों में Marriage Registration के नियम अलग-अलग होने के कारण, कई कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतें आती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में Marriage Registration को अनिवार्य करने के निर्देश दिए थे ताकि –

  1. शादी से जुड़े विवादों और धोखाधड़ी को रोका जा सके।
  2. महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा हो।
  3. दूसरी शादी और अवैध विवाह पर रोक लगाई जा सके।
  4. सरकार के पास सभी विवाहों का आधिकारिक रिकॉर्ड हो।

अब हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि तीन महीने के अंदर Marriage Registration के लिए स्पष्ट कानून बनाएं और इसे पूरे देश में लागू करें।

Previous Post

पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ अभियान की जबरदस्त सफलता, लोगों का भी मिल रहा भरपूर सहयोग

Next Post

CM भगवंत मान की चेतावनी के बाद तहसीलदारों ने लिया U-Turn

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Why Life in India is Frustrating1

Why Life in India is Frustrating: अमीर होते भारत में जिंदगी इतनी थकाऊ क्यों?

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Sanjeev Arora

Punjab Electricity Rate Cut 2026-27: घरेलू उपभोक्ताओं को ₹1.55/यूनिट की राहत, EV Charging देश में सबसे सस्ती ₹5/यूनिट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
punjab-cabinet-congress-governor-address-boycott-response

Congress ने राज्यपाल अभिभाषण का बहिष्कार कर लोकतंत्र का अपमान किया: Punjab Cabinet Ministers का पलटवार

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Punjab Budget 2026-27 Cabinet Approval

Punjab Cabinet की बड़ी बैठक: CM Bhagwant Mann की अध्यक्षता में Budget 2026-27 को मिली मंजूरी, 8 मार्च को Finance Minister Harpal Cheema पेश करेंगे बजट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Bikram Singh Majithia

Majithia का AAP पर बड़ा हमला: “पंजाब में जंगल राज, मोगा सरपंच हत्या की CBI जांच हो!”

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Amritsar Arms

अमृतसर में सीमा‑पार हथियार तस्करी का पर्दाफाश! नाबालिग समेत 6 गिरफ्तार, 5 पिस्तौल बरामद

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Next Post
CM Mann

CM भगवंत मान की चेतावनी के बाद तहसीलदारों ने लिया U-Turn

south korea army dropped bomb in civilian area many injured

सेना के फाइटर जेट से बड़ी गलती! आबादी पर गिराए 8 बम, कई नागरिक जख्मी

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।