Delhi H1N1 Swine Flu Cases में इन दिनों तेज उछाल दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली-एन.सी.आर. और देश के हरियाणा समेत कई हिस्सों में बरसात और नमी वाले मौसम के चलते H1N1 (स्वाइन फ्लू) और सांस की अन्य इनफैक्शनों के मामले बढ़ रहे हैं।
मेडिकल माहिरों के अनुसार मानसून का मौसम मौसमी इनफैक्शनों के फैलने के लिए अनुकूल होता है। इसी वजह से संवेदनशील समूहों को बचाव के उपाय करने की सख्त जरूरत है।
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‘लक्षण एक जैसे, इसलिए भ्रम भी’
एम्स दिल्ली के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने बताया कि इस मौसम में आम जुकाम, इनफ्लूएंजा (जिसे स्वाइन फ्लू भी कहा जाता है) और वायरल बुखार के मामले आम देखने को मिलते हैं।
उन्होंने बताया कि इनके लक्षण काफी हद तक एक जैसे होते हैं : नाक बहना, खांसी, तेज बुखार, थकावट और शरीर में असहनीय दर्द।
बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों और अस्थमा/सी.ओ.पी.डी. के मरीजों के लिए यह इनफैक्शन खतरनाक हो सकती है। उन्होंने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए टीकाकरण की सलाह दी है।
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‘ओपीडी से आईपीडी तक: अस्पतालों में बढ़ी भीड़’
दिल्ली के साथ-साथ अन्य शहरों के अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की गिनती बढ़ी है। अस्पतालों की ओ.पी.डी. में रोजाना फ्लू के कई मरीज पहुंच रहे हैं।
इनमें से कुछ गंभीर मरीजों को दाखिल (IPD) भी करना पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार जिन मरीजों को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होती है, उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है, जबकि हल्के लक्षणों वाले मरीजों को घर में एकांतवास (Self-isolation) और दवाइयों की सलाह दी जा रही है।
‘तीन खतरे एक साथ’
| खतरा | वजह/असर |
|---|---|
| H1N1 (स्वाइन फ्लू) | नमी वाला मौसम, सांस की इनफैक्शन तेजी से फैलती है |
| डेंगू | खड़ा पानी मच्छरों के पैदा होने का कारण |
| H3N2 वायरस | दिल्ली में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं |
आकाश हैल्थकेयर की डॉ. हरप्रीत कौर और एशियन अस्पताल के डॉ. सुनील राणा के अनुसार दिल्ली में H1N1 के साथ-साथ डेंगू और H3N2 वायरस के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
खड़ा पानी मच्छरों के पैदा होने का कारण बन रहा है, जबकि सलाब वाला मौसम सांस की बीमारियों को फैलाता है।
‘राहत की बात: लोग अब जल्दी अस्पताल पहुंच रहे’
डॉक्टरों ने बताया कि राहत की बात यह है कि लोगों में जागरूकता बढ़ी है। और यह बदलाव छोटा नहीं है।
पहले लोग इसे ‘मौसमी बुखार’ समझकर नजरअंदाज कर देते थे, पर अब लक्षण दिखाई देते ही शुरुआती दिनों में ही जांच के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
‘डॉक्टरों की तीन साफ सलाह’
माहिरों ने आम जनता को भीड़-भड़क्के वाली जगहों पर मास्क पहनने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और बिना डॉक्टरी सलाह के खुद दवाइयां (Self-medication) न लेने की अपील की है।
समझने वाली बात है कि खुद दवा लेने से लक्षण दब सकते हैं, मगर बीमारी की पहचान देर से होती है : और यही देरी गंभीर मरीजों के लिए खतरा बन जाती है।
‘आम परिवारों के लिए इसका मतलब’
देखा जाए तो इस मौसम में सबसे बड़ा जोखिम घर के दो सदस्यों पर होता है : बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग। इनके लिए बुखार को ‘दो दिन देख लेंगे’ कहना भारी पड़ सकता है।
इससे साफ होता है कि सतर्कता ही सबसे सस्ता इलाज है। कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर से सलाह जरूरी है, खासकर सांस की तकलीफ होने पर।
‘जानें पूरा मामला’
दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा समेत कई हिस्सों में बरसात और नमी वाले मौसम के कारण H1N1 स्वाइन फ्लू और सांस की इनफैक्शनों के मामले तेजी से बढ़े हैं। एम्स दिल्ली के डॉ. नीरज निश्चल के मुताबिक लक्षण आम जुकाम, इनफ्लूएंजा और वायरल बुखार में एक जैसे होते हैं, इसलिए भ्रम रहता है। इसके साथ ही डेंगू और H3N2 वायरस के मामले भी बढ़ रहे हैं, जिससे अस्पतालों की ओपीडी में भीड़ बढ़ गई है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में H1N1 स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़े।
- बुजुर्ग, गंभीर बीमारी वाले और अस्थमा/सीओपीडी मरीजों को ज्यादा खतरा, टीकाकरण की सलाह।
- H1N1 के साथ डेंगू और H3N2 के मामले भी बढ़ रहे हैं।
- डॉक्टरों की अपील : मास्क पहनें, सफाई रखें और खुद दवा न लें।










