CM Mann Viral Video Controversy: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिकरम सिंह मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की विवादित वीडियो की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मजीठिया ने आज सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों पर गुरुग्राम की लेबोरेटरी को कथित तौर पर लाखों रुपये देकर फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
*ਵੀਡਿੳ ਲੰਬੀ ਹੈ ❗️
ਪਰ ਗੰਭੀਰ ਹੈ ❗️
ਸਾਰੇ ਤੱਥ ਸੁਣਨਾ ਜ਼ਰੂਰ ❗️
ਫੈਸਲਾ ਸੰਗਤ ਦਾ ❗️
🙏@AAPPunjab @BhagwantMann@ArvindKejriwal @ptcnews @abpsanjha @News18Punjab @ZeePunjabHH @dailyajitnews @JagbaniOnline@RozanaSpokesman@PTribuneOnline @punjabkesari@RepublicTV @ndtv@IndiaToday… pic.twitter.com/YYn5knOIQ1— Bikram Singh Majithia (@bsmajithia) June 23, 2026
होटल में हुई थी मीटिंग, फिर दिए गए पैसे: मजीठिया
मजीठिया ने दावा किया कि पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने फोरेंसिक लेबोरेटरी के अधिकारियों के साथ होटल में मीटिंग की, जिसके बाद रुपये दिए गए। देखा जाए तो यह बेहद गंभीर आरोप है, जो पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
अगर गौर करें तो फोरेंसिक जांच एक वैज्ञानिक और निष्पक्ष प्रक्रिया मानी जाती है। लेकिन अगर इसमें पैसों का लेनदेन हुआ है, तो यह पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता को ध्वस्त कर देता है।
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केंद्र और हरियाणा सरकार से गवाह की सुरक्षा की अपील
इसके साथ ही बिकरम सिंह मजीठिया ने केंद्र और हरियाणा सरकार को इस मामले के मुख्य गवाह की जान-माल की रक्षा करने की अपील की है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गवाह की सुरक्षा की मांग इस बात का संकेत है कि मामला काफी संवेदनशील और खतरनाक हो सकता है।
अकाल तख्त साहिब के खिलाफ झूठा प्रचार: आरोप
मजीठिया ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब और जत्थेदार साहिब के खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है, जिसे कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने वालों को लोग कभी माफ नहीं करेंगे।” समझने वाली बात यह है कि यह मामला अब सिर्फ राजनीतिक नहीं रहा, बल्कि धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ गया है।
विवादित वीडियो मामला: क्या है पूरा प्रकरण?
दरअसल, कुछ समय पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। विपक्षी दलों ने इस वीडियो को लेकर सीएम पर कई तरह के आरोप लगाए थे।
इसके बाद पंजाब पुलिस ने इस वीडियो की फोरेंसिक जांच करवाई और रिपोर्ट में वीडियो को फर्जी बताया गया। लेकिन अब शिरोमणि अकाली दल इस फोरेंसिक रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर ही सवाल उठा रहा है।
क्या कहती है पंजाब सरकार?
फिलहाल, आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने पहले कहा था कि फोरेंसिक रिपोर्ट पूरी तरह से वैज्ञानिक और निष्पक्ष है।
दिलचस्प बात यह है कि जब तक मजीठिया के आरोपों की स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
राजनीतिक गरमाहट बढ़ी
यह मामला पंजाब की राजनीति में नई गरमाहट ला सकता है। शिरोमणि अकाली दल ने पहले से ही आम आदमी पार्टी सरकार पर कई मोर्चों पर हमले तेज कर रखे हैं। अब यह विवादित वीडियो मामला एक नया मुद्दा बन सकता है।
अगर अकाली दल के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पंजाब सरकार के लिए बड़ा झटका होगा। वहीं, अगर ये आरोप निराधार निकलते हैं, तो अकाली दल की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- बिकरम मजीठिया ने CM मान की विवादित वीडियो की फोरेंसिक रिपोर्ट पर सवाल उठाए
- पंजाब पुलिस पर गुरुग्राम लैब को पैसे देकर रिपोर्ट बनवाने का आरोप
- केंद्र और हरियाणा सरकार से मुख्य गवाह की सुरक्षा की अपील
- अकाल तख्त साहिब के खिलाफ झूठे प्रचार का आरोप
- मामला राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर संवेदनशील













