Chandigarh Sector 11 Shooting केस में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सेक्टर 11 के मेडिकल स्टोर पर गोलियां बरसा कर कैशियर की हत्या करने वाले दो आरोपी आज तड़के पुलिस मुकाबले में घायल हो गए। आर्यन और सनी महरा नाम के इन दोनों मुलज़िमों को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार करके बुधवार देर शाम चंडीगढ़ लाया गया था।
देखा जाए तो यह केस पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी।
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‘धनास जंगल में भागने की कोशिश’
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को पुलिस गाड़ियों में बैठाकर क्राइम ब्रांच के दफ्तर ले जाया जा रहा था। रास्ते में धनास जंगल क्षेत्र के पास दोनों ने भागने की कोशिश की।
हालांकि पुलिस टीम ने वक्त रहते कार्रवाई की। आरोपियों पर गोलियां चलाई गईं। दोनों ज़ख्मी हो गए। फिर उन्हें सरकारी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, सेक्टर 16 में भर्ती कराया गया है।
‘कैसे हुआ था कत्ल : 13 जून का खौफनाक मंज़र’
13 जून का दिन था। दिनदहाड़े मोटरसाइकिल पर सवार तीन नौजवान सेक्टर 11 के मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। कुछ सेकंड के अंदर कैशियर जानकी दास पर 13 गोलियां दागीं और फरार हो गए।
हैरान करने वाली बात यह है कि गोलियां इतनी तेज़ी से चलीं कि स्टोर में मौजूद बाकी लोग कुछ समझ ही न पाए। जानकी दास की मौके पर ही मौत हो गई।
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‘राजौरी तक पहुंची पुलिस की पकड़’
समझने वाली बात यह है कि चंडीगढ़ पुलिस ने करीब तीन दिन के लगातार संघर्ष के बाद आरोपियों की पहचान की। फिर उनकी लोकेशन राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में ट्रेस की गई।
इस विशाल तलाशी अभियान में कई राज्यों की पुलिस शामिल थी। आखिरकार राजौरी ज़िले के एक गांव में आरोपी पकड़े गए।
‘तीसरा शूटर अभी भी फरार’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि वारदात तीन आरोपियों ने मिलकर अंजाम दी थी। दो पकड़े जा चुके हैं, लेकिन तीसरा शूटर अब भी फरार है।
सूत्रों के मुताबिक, सनी ही वह शूटर था जिसने एक आधुनिक हथियार से 13 गोलियां चलाई थीं। हालांकि पुलिस ने अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है। वारदात में इस्तेमाल हुए हथियार अभी बरामद किए जाने बाकी हैं।
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‘जांच नाज़ुक मोड़ पर’
मामले की जांच अब एक नाज़ुक पड़ाव पर पहुंच गई है। चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच और ऑपरेशन सेल दोनों इस केस पर लगातार काम कर रही हैं।
सवाल उठता है : जब इतनी आसानी से दिनदहाड़े 13 गोलियां चल सकती हैं, तो शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल नहीं उठेंगे क्या? यह दर्शाता है कि क्राइम का स्वरूप अब बदल रहा है।
‘आम लोगों पर असर’
चिंता का विषय यह है कि सेक्टर 11 जैसी पॉश और भीड़भाड़ वाली जगह पर वारदात ने व्यापारियों में दहशत फैला दी है। मेडिकल स्टोर मालिकों ने इलाके में बेहतर पुलिस गश्त की मांग की है।
‘जानें पूरा मामला’
13 जून को दिन के समय चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर पर बाइक सवार तीन हमलावरों ने कैशियर जानकी दास पर 13 गोलियां चलाईं। हमले में जानकी दास की मौत हो गई थी। तब से पुलिस की कई टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थीं। आखिरकार दो आरोपी जम्मू-कश्मीर के राजौरी से पकड़े गए और अब एनकाउंटर में घायल हो गए।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- सेक्टर 11 शूटिंग केस के दो आरोपी आर्यन और सनी महरा पुलिस मुकाबले में घायल।
- आरोपियों ने धनास जंगल के पास भागने की कोशिश की थी।
- दोनों को राजौरी (J&K) से गिरफ्तार करके लाया गया था।
- तीसरा शूटर अभी भी फरार, हथियार बरामद होने बाकी।
- वारदात में 13 जून को 13 गोलियां चलाई गई थीं, कैशियर जानकी दास की मौत हुई थी।













