Amarjit Singh Sandoa Immoral Trafficking Case: रोपड़ से पूर्व ‘आप’ विधायक अमरजीत सिंह संदोआ को इमोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट, 1956 के तहत दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस ने तलब किया है। पंजाब की सियासत में यह खबर बड़ा हलचल मचा रही है।
DSP रोपड़ के दफ्तर से जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, DSP की अगुवाई वाली एक विशेष जांच टीम (SIT) ने 17 फरवरी, 2026 को इमोरल ट्रैफिक एक्ट की धारा 3, 4 और 5 के तहत दर्ज FIR की जांच अपने हाथ में ले ली है।
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‘आनंदपुर साहिब के होटल से जुड़ा है मामला’
देखा जाए तो यह कोई आम केस नहीं है। FIR उस घटना से जुड़ी है जिसमें आनंदपुर साहिब के एक होटल से अनैतिक तस्करी का रैकेट पकड़ा गया था।
17 जून की शाम को जारी आदेश में पुलिस स्टेशन सदर रोपड़ के SHO को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोपड़ ज़िले के गांव संदोआ निवासी अमरजीत सिंह संदोआ को सूचित करें। उन्हें 22 जून को सुबह 11 बजे रोपड़ स्थित DSP के दफ्तर में पेश होना है।
‘पूरी केस फाइल मांगी गई’
इसी आदेश में पुलिस स्टेशन आनंदपुर साहिब के SHO को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उसी दिन जांच अधिकारी और SIT के सामने पूरी केस फाइल पेश करें।
दिलचस्प बात यह है कि पुलिस अधिकारी अब तक संदोआ की भूमिका को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मामला फिलहाल SIT के पास जांच के तहत है। सूत्रों के मुताबिक केस से जुड़े सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
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‘संदोआ का जवाब : ‘यह सियासी बदले की कार्रवाई’’
जब अमरजीत सिंह संदोआ से संपर्क किया गया, तो उन्होंने केस में किसी भी तरह की संलिप्तता से सख्ती से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नोटिस उनकी छवि खराब करने की एक सियासी साजिश का हिस्सा है।
संदोआ ने कहा : “यह सियासी बदले की कार्रवाई के सिवा कुछ नहीं है। मैं रोपड़ विधानसभा क्षेत्र में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहा हूं। इलाके में मेरी बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें घबराहट में डाल दिया है।”
‘मनगढ़ंत केस का आरोप’
पूर्व विधायक का दावा है कि उन्हें एक मनगढ़ंत केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा : “इस केस से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। सरकार सियासी विरोधियों को परेशान करने और सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने के लिए पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।”
समझने वाली बात यह है कि संदोआ ने यह भी कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग देंगे और निर्देशानुसार SIT के सामने पेश होंगे।
‘राजनीतिक मायने क्या हैं’
यह घटनाक्रम सियासी तौर पर बेहद अहम है। संदोआ ‘आप’ से अलग होने के बावजूद स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। वे अक्सर रोपड़ विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लेते रहे हैं।
अगर गौर करें तो यह दर्शाता है कि पंजाब की मौजूदा सियासत में सत्ताधारी पार्टी और बागी नेताओं के बीच रिश्ते कितने तनावपूर्ण हो चुके हैं।
‘आम जनता पर असर’
चिंता का विषय यह है कि जब चुने हुए नेताओं पर ऐसे गंभीर आरोप लगते हैं, तो आम जनता का राजनीति पर भरोसा कमजोर होता है। उम्मीद की किरण बस यह है कि SIT जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।
‘जानें पूरा मामला’
अमरजीत सिंह संदोआ रोपड़ से ‘आप’ के विधायक रह चुके हैं। बाद में वे पार्टी से अलग हो गए, लेकिन स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे। आनंदपुर साहिब के एक होटल में अनैतिक तस्करी का रैकेट पकड़े जाने के बाद इमोरल ट्रैफिक एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। अब उसी जांच में SIT ने उन्हें तलब किया है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पूर्व ‘आप’ विधायक अमरजीत सिंह संदोआ को इमोरल ट्रैफिक एक्ट केस में 22 जून को पेश होने का नोटिस।
- DSP की अगुवाई वाली SIT धारा 3, 4 और 5 के तहत जांच कर रही है।
- आनंदपुर साहिब के होटल से अनैतिक तस्करी का रैकेट पकड़ा गया था।
- संदोआ ने आरोपों को सिरे से नकारा, सियासी बदले की कार्रवाई बताया।
- संदोआ ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।












