Bihar Ration Card e-KYC: बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। जो लोग 28 फरवरी तक e-KYC पूरी नहीं कर पाए, उनका नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इसके बाद किसी भी तरह का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।
सस्ता अनाज तो बंद होगा ही, लेकिन राशन कार्ड रद्द होने का असर इससे कहीं ज्यादा गहरा है। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को एक साथ कई सरकारी योजनाओं से बाहर कर सकती है।
‘क्यों जरूरी है e-KYC: सरकार का मकसद क्या है’
सरकार का साफ कहना है कि इस अभियान का मकसद फर्जी और डुप्लीकेट लाभुकों को बाहर करना है ताकि असली जरूरतमंदों तक योजना का पूरा फायदा पहुंचे। विभाग को आशंका है कि कई कार्ड धारक दूसरे राज्यों में जा बसे हैं, कुछ लोगों की मृत्यु हो चुकी है और कई मामलों में एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगह दर्ज है।
यही वजह है कि बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए पूरे रिकॉर्ड को अपडेट किया जा रहा है।
‘सिवान का हाल: 5 लाख से ज्यादा e-KYC अभी बाकी’
अकेले सिवान जिले के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वहां लाखों लाभुकों में से 5 लाख से अधिक लोगों की e-KYC अभी तक पूरी नहीं हुई है। अगर पूरे बिहार का हिसाब लगाएं, तो यह संख्या और भी बड़ी होगी।
डेडलाइन के बाद लंबित मामलों की पहचान की जाएगी और बिना सत्यापन वाले नाम सूची से हटा दिए जाएंगे।
‘सिर्फ राशन नहीं, ये 8 योजनाएं भी होंगी बंद’
यह सोचना गलत होगा कि e-KYC न कराने से केवल सस्ता राशन बंद होगा। बिहार में राशन कार्ड कई सरकारी योजनाओं का आधार दस्तावेज है। अगर कार्ड रद्द हुआ तो इन योजनाओं का लाभ भी एक साथ बंद हो सकता है:
- प्रधानमंत्री आवास योजना
- आयुष्मान भारत योजना
- उज्ज्वला योजना
- किसान सम्मान निधि
- श्रमिक कल्याण योजना
- फसल बीमा योजना
- प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना
यानी एक कागज की अनदेखी से पूरे परिवार की कई सुविधाएं एक झटके में बंद हो सकती हैं।
‘e-KYC कैसे कराएं: बेहद आसान है प्रक्रिया’
e-KYC की प्रक्रिया बेहद सरल है। इसके लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं। बस नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान या निर्धारित केंद्र पर जाएं। साथ में आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर जाएं और बायोमेट्रिक सत्यापन करा लें। बस इतना काफी है।
प्रशासन की अपील है कि इस काम को आखिरी दिन तक न टालें। डेडलाइन के बाद कोई मौका नहीं मिलेगा।
‘एक चूक, सैकड़ों नुकसान’
यह सिर्फ एक सरकारी औपचारिकता नहीं है। यह उन लाखों गरीब परिवारों के हक की बात है जो सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं। अगर किसी ने लापरवाही की तो न सिर्फ उसका राशन बंद होगा, बल्कि बच्चों का इलाज, घर का सपना और किसान की मदद: सब एक साथ रुक जाएगा। इसलिए यह छोटा सा काम आज ही पूरा करें।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
बिहार सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन कार्ड धारकों की e-KYC अनिवार्य की है। इसका मकसद फर्जी लाभुकों को हटाकर योजना को पारदर्शी बनाना है। 28 फरवरी की डेडलाइन तय की गई थी। इसके बाद जिनका सत्यापन नहीं होगा उनका नाम सूची से काट दिया जाएगा और तमाम सरकारी लाभ भी रुक जाएंगे।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- बिहार में राशन कार्ड e-KYC की डेडलाइन 28 फरवरी थी, इसके बाद नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- अकेले सिवान जिले में 5 लाख से ज्यादा लोगों की e-KYC अभी बाकी है।
- राशन कार्ड रद्द होने पर PM आवास, आयुष्मान, उज्ज्वला समेत 7 से अधिक योजनाओं का लाभ बंद हो सकता है।
- e-KYC के लिए नजदीकी PDS दुकान पर आधार और राशन कार्ड लेकर जाएं।
- सरकार ने साफ कहा: डेडलाइन के बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा।








