Bhakra Dam Water Level: भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के डैमों में मानसून से पहले पानी के बढ़े स्तर ने चिंता बढ़ा दी है। आज भाखड़ा बोर्ड ने तकनीकी समिति की मीटिंग में हिस्सेदार सूबों को अधिक से अधिक पानी की इस्तेमाल के लिए हिदायत दी है।
हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस बार आम से कम बारिश पड़ने की पेशीनगोई की है पर भाखड़ा बोर्ड डैमों के पानी के स्तर को घटाने की जल्दी में है। भाखड़ा डैम और पोंग डैम में इस बार पानी का स्तर पिछले सालों और औसत से अधिक है।
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भाखड़ा डैम में 21 फीट अधिक पानी
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने आज तकनीकी समिति की मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग में पंजाब की ओर से मुख्य इंजीनियर शेर सिंह और हरदीप सिंह महींद्रता हाजिर थे।
अगर गौर करें तो भाखड़ा बोर्ड के चेयरमैन ने भाखड़ा डैम की डिफ्लेक्शन के हवाले से डैमों से पानी घटाए जाने का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले-पहले डैमों में पानी का स्तर घटा लिया जाए।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले साल बाढ़ों की मार पंजाब को झेलनी पड़ी थी।
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तीनों डैमों में पानी का मौजूदा स्तर
विवरण के अनुसार भाखड़ा डैम में इस समय पानी का स्तर 1578.07 फीट है जबकि पिछले साल यही स्तर 1556.60 फीट था। यानी पिछले साल के मुकाबले 21.47 फीट पानी का स्तर ऊंचा है।
इसी तरह पोंग डैम में अभी पानी का स्तर 1328.24 फीट है जो कि पिछले साल 1292.78 फीट था। पिछले साल से पोंग डैम में 35.46 फीट पानी का स्तर ऊंचा है।
दिलचस्प बात यह है कि रणजीत सागर डैम की बात करें तो इस समय डैम का स्तर 1676.05 फीट है जबकि पिछले साल 1663.55 फीट था।
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पंजाब ने 36 हजार क्यूसिक की मांग की
मीटिंग में पंजाब के मुख्य इंजीनियरों ने कहा कि वे धान के सीजन में नहरों को पूरी क्षमता पर चलाएंगे और अधिक से अधिक पानी की इस्तेमाल की जाएगी। पंजाब ने 30 जून तक 36 हजार क्यूसिक पानी की मांग दी है।
वहीं हरियाणा और राजस्थान ने भी भाखड़ा बोर्ड को अपनी पानी की मांग दे दी है। समझने वाली बात यह है कि पिछले साल हरियाणा ने पंजाब से 8400 क्यूसिक अतिरिक्त पानी की मांग की थी जिससे दोनों सूबों में काफी तनाव भी रहा था।
हालांकि अभी स्थिति में काफी सुधार नजर आ रहा है।
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किसानों को दी जा रही नहरी पानी की सुविधा
पंजाब सरकार ने पिछले समय के दौरान सूबे में किसानों को बड़े स्तर पर अस्थायी नलकूप दिए हैं। इस बार भी मई महीने से ही किसानों को नहरी पानी देना शुरू कर दिया था।
धान के सीजन के दौरान किसानों को अधिक से अधिक नहरी पानी की इस्तेमाल का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। करीब आधे पंजाब में धान की रोपाई का काम शुरू हो चुका है।
मुख्य बातें (Key Points)
- भाखड़ा डैम में पानी 1578.07 फीट, पिछले साल से 21.47 फीट अधिक
- पोंग डैम में 35.46 फीट अधिक पानी
- पंजाब ने 36 हजार क्यूसिक पानी की मांग की
- मानसून से पहले पानी का स्तर घटाने की कोशिश
- किसानों को अधिक नहरी पानी देने की सलाह













