Bhagwant Mann Speech के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार 17 मार्च 2026 को धूरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह देश के पहले प्रधानमंत्री होते, तो आज देश का नक्शा और भाग्य बिल्कुल अलग होता। उन्होंने सवाल उठाया कि आज़ादी के दशकों बाद भी देश पुराने सिस्टम के जाल में क्यों फंसा हुआ है, जबकि इसी सिस्टम से मुक्ति के लिए भगत सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे क्रांतिकारियों ने जान दी थी।
भगत सिंह 1952 में होते 45 साल के, होने चाहिए थे पहले PM: भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भगत सिंह की शहादत को याद करते हुए बेहद भावुक और तार्किक बात रखी। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था और 23 मार्च 1931 को मात्र साढ़े 23 साल की उम्र में उन्हें फांसी दे दी गई। उन्होंने देश की आज़ादी के लिए अंग्रेजों से लोहा लिया, उनका तरीका अलग था क्योंकि वे युवा और जोशीले थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी जैसे अन्य नेताओं के अपने तरीके थे।
मान ने कहा कि भगत सिंह की शहादत के 16 साल बाद देश आज़ाद हुआ। 1952 में जब पहली बार चुनाव हुए, तब भगत सिंह की उम्र करीब 45 साल होती। उन्हें देश का पहला प्रधानमंत्री होना चाहिए था। अगर भगत सिंह ने भारत का नेतृत्व किया होता, तो आज देश की पूरी तस्वीर अलग होती। उन्होंने बहुत कुछ लिखा था, उनके जेल के पत्र और लेखन एक घोषणापत्र की तरह थे। भगत सिंह ने पहले ही कह दिया था कि आज़ादी के बाद सत्ता गलत हाथों में नहीं जानी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा ही हुआ।
80 साल बाद भी पुराने सिस्टम की गुलामी: उसी पटवारी-तहसील ढांचे में फंसा देश
मुख्यमंत्री ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि 80 साल बीत गए लेकिन हम आज भी उसी पटवारी-तहसील ढांचे में फंसे हुए हैं। लोग आज भी नौकरियों और बुनियादी सेवाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। क्या भगत सिंह और करतार सिंह सराभा इसी सिस्टम के लिए शहीद हुए थे? यह सवाल हर उस इंसान को सोचने पर मजबूर करता है जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक चुका है।
यह भगवंत मान की भाषण शैली की खासियत है कि वे इतिहास को वर्तमान से जोड़कर ऐसे सवाल खड़े करते हैं जो आम आदमी के दिल की बात कहते हैं। भगत सिंह को सिर्फ 23 मार्च तक सीमित कर देने की बात पर उन्होंने कहा कि हमने उनकी विरासत को साल में एक बार श्रद्धांजलि देने तक सीमित कर दिया, जबकि उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
चार साल में सभी वादे पूरे, विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा: भगवंत मान
धूरी में नए सब-डिवीजनल अस्पताल को समर्पित करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दीवार पर लिखी बात पढ़ लेनी चाहिए कि 2027 में भी आम आदमी पार्टी ही सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि चार वर्षों में सभी गारंटियां पूरी कर दी गई हैं और विरोधियों के पास जनता के सामने जाने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा।
मान ने कहा कि हमने चार साल में सभी वादे पूरे कर राजनीति में एक नई परंपरा शुरू की है, जबकि अन्य पार्टियां पांच साल में भी ऐसा करने में सक्षम नहीं रहीं। पहले दिन से ही उनकी सरकार पिछली सरकारों के खराब सिस्टम को सुधार रही है और आम आदमी की भलाई के लिए साहसिक फैसले लेने से कभी नहीं हिचकी। 2022 में शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां से सत्ता संभालने के बाद सरकार ने कई जनहितकारी फैसले लिए और आने वाले एक वर्ष में राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
अकाली-कांग्रेस पर जमकर बरसे मान: बारी-बारी से पंजाब को लूटा
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि अकाली दल और कांग्रेस ने बारी-बारी से पंजाब को लूटा और अब फिर सत्ता में आने के लिए आपस में लड़ रहे हैं। इन राजनीतिक पार्टियों के बीच एक नापाक गठजोड़ बना हुआ था, जब ये सत्ता में होते थे तो एक-दूसरे के अपराधों पर आंखें मूंद लेते थे।
उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा, कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुखबीर सिंह बादल और अन्य नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि ये सब मिलकर मुझे निशाना बना रहे हैं। पहले ये नेता मुझे एक मनोरंजन करने वाला बताकर मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब डर के मारे दिन-रात मेरा नाम लेते हैं। 2017 में जब आप विपक्ष बनी तो कहा कुछ नहीं होगा, 2022 में भी यही कहा, अब फिर 2027 के लिए यही कह रहे हैं, लेकिन आप भारी बहुमत से दोबारा सरकार बनाएगी।
नशे के कारोबार को संरक्षण देने वाले सलाखों के पीछे: मुख्यमंत्री
भगवंत मान ने नशे के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिन नेताओं ने नशे के कारोबार को संरक्षण दिया था, उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया है। इन नेताओं ने न सिर्फ राज्य में नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि अपनी सरकारी गाड़ियों में नशे बेचे और सप्लाई भी किए। पहले किसी ने इन प्रभावशाली नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं दिखाई, लेकिन आप सरकार ने यह काम किया और अब वे अपने कर्मों की सजा भुगत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने युवाओं की नसों में नशा भरकर पंजाब की पीढ़ियों को बर्बाद किया। पंजाब की युवा पीढ़ी को तबाह करने वाले अब लोगों को गुमराह करने के लिए खोखले दावे कर रहे हैं, लेकिन पंजाबी उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।
750 शहीद किसानों को पंजाब नहीं भूला: मोदी सरकार के कृषि कानूनों पर निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान शहीद हुए 750 किसानों को पंजाब अभी तक नहीं भूला है। यह बयान सीधे तौर पर 2020-21 के किसान आंदोलन की याद दिलाता है, जब लाखों किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर महीनों डटकर विरोध किया था।
यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में आज भी गहरा असर रखता है और भगवंत मान इसे उठाकर यह संदेश दे रहे हैं कि उनकी सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
AI फेक वीडियो पर अकाली दल को लताड़ा
मुख्यमंत्री ने अकाली दल पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए बेताब यह पार्टी लोगों को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर AI के माध्यम से बनाए गए फेक वीडियो पोस्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि मेरे खिलाफ किसी भी असली मुद्दे की कमी के कारण वे हताश हैं और निराश होकर हर तरह के घटिया हथकंडे अपना रहे हैं।
यह आज के दौर की राजनीति की एक नई और खतरनाक सच्चाई है। जब किसी पार्टी के पास जनता को देने के लिए कोई ठोस विकल्प नहीं होता, तो वह तकनीक का सहारा लेकर झूठ फैलाने की कोशिश करती है। भगवंत मान का यह मुद्दा उठाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि AI-जनित फेक कंटेंट लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
आप सरकार की उपलब्धियां गिनाईं: बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सब पर काम
Bhagwant Mann Speech में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां विस्तार से गिनाईं। उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत सामान्य वर्ग की 18 वर्ष से अधिक की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
बुनियादी ढांचे पर उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में बिजली दरें कम की गईं, करीब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को धान सीजन में आठ घंटे से ज्यादा निर्बाध दिन की बिजली दी जा रही है। नहर के पानी का उपयोग 21 प्रतिशत से बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और 1365 गांवों को पहली बार नहर का पानी मिल रहा है। 49,000 किलोमीटर से ज्यादा ग्रामीण सड़कों पर 16,209 करोड़ रुपये की लागत से काम चल रहा है।
शिक्षा में स्मार्ट कक्षाओं वाले उत्कृष्ट स्कूल स्थापित किए गए, शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है और पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे में केरल को पीछे छोड़ कर पहला स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को 10 लाख तक कैशलेस इलाज, 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना सेवा दे रहे हैं।
जानें पूरा मामला
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धूरी में एक नए सब-डिवीजनल अस्पताल के उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर गोयल भी मौजूद थे। भगवंत मान ने 2022 में भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से वे लगातार भगत सिंह की विरासत और विचारों को अपनी राजनीति का आधार बनाते रहे हैं। आप पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी उपलब्धियों के दम पर पूरी तरह तैयार दिख रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भगत सिंह देश के पहले PM होते तो भारत का नक्शा और भाग्य अलग होता।
- चार साल में सभी वादे पूरे करने का दावा करते हुए कहा कि 2027 में आप भारी बहुमत से सरकार बनाएगी।
- अकाली दल-कांग्रेस पर बारी-बारी से पंजाब लूटने और नशे को संरक्षण देने के आरोप लगाए।
- 750 शहीद किसानों को याद करते हुए मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों पर निशाना साधा।








