Archana Puran Singh की शोहरत आज उनकी सबसे बड़ी मुसीबत बन गई है। The Kapil Sharma Show की जज के तौर पर मिली पहचान ने उनके एक्टिंग करियर पर ब्रेक लगा दिया है। एक हालिया इंटरव्यू में अर्चना ने अपना दिल खोलते हुए बताया कि कैसे कपिल के शो की व्यस्तता ने उनसे फिल्में छीन लीं और अब इंडस्ट्री उन्हें सिर्फ ‘हंसने वाली जज’ के तौर पर देखती है।
देखा जाए तो यह किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ी विडंबना होती है जब उनकी सफलता ही उनके सपनों की राह में रोड़ा बन जाए। अर्चना पूरन सिंह के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है।
स्कॉटलैंड की शूटिंग और छूटा मौका
अर्चना ने शोशा को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि कुछ साल पहले उन्हें एक फिल्म के लिए स्कॉटलैंड में 25 दिनों की शूटिंग का ऑफर मिला था। उस समय द कपिल शर्मा शो टेलीविजन पर प्रसारित होता था और साल भर में करीब 100 एपिसोड की शूटिंग होती थी।
शो की टाइट शेड्यूल और डेट्स के चलते उनके पास किसी दूसरे प्रोजेक्ट के लिए वक्त ही नहीं बचता था। अर्चना ने कहा, “मैंने इतनी बार फिल्मों को मना किया कि अब फिल्म मेकर्स ने मुझे एक्टिंग के लिए बुलाना ही बंद कर दिया।” यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एक सफल शो का हिस्सा होना उनके लिए वरदान की जगह अभिशाप बन गया।
‘लोगों को लगता है मैं सिर्फ हंसती हूं’
अर्चना को सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि इंडस्ट्री अब उन्हें केवल एक जज के रूप में देखती है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “मैं कितनी भी कोशिश कर लूं, फिल्म मेकर्स को यकीन नहीं दिला पा रही हूं कि मैं एक एक्टर हूं। उन्हें अब भी लगता है कि मैं कोई ऐसी इंसान हूं जो बस कुर्सी पर बैठकर हंसती रहती है।”
दिलचस्प बात यह है कि अर्चना ने अपने 42 साल के करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। लेकिन टीवी पर बनी यह कॉमिक इमेज अब उनकी पहचान का एकमात्र पहलू बन गई है। इसी छवि की वजह से उन्हें अब संजीदा या अलग तरह के रोल ऑफर नहीं हो रहे हैं और उन्हें अपनी एक्टिंग स्किल्स दोबारा साबित करनी पड़ रही हैं।
42 साल का शानदार सफर और 100 से ज्यादा फिल्में
अर्चना पूरन सिंह के करियर की शुरुआत 1982 में महज 20 साल की उम्र में फिल्म ‘निकाह’ से हुई थी। 1987 में वह नसीरुद्दीन शाह के साथ फिल्म ‘जलवा’ में लीड रोल में नजर आईं।
90 के दशक में उन्होंने कई आइटम नंबर किए और फिर ‘कुछ कुछ होता है’, ‘इंसान’, ‘दे दना दन’ और ‘बोल बच्चन’ जैसी फिल्मों में अपनी कॉमेडी टाइमिंग से खास पहचान बनाई। अगर गौर करें तो 90 के दशक में अर्चना की कॉमेडी भूमिकाएं काफी पॉपुलर थीं। लेकिन टेलीविजन पर आने के बाद उनकी यही छवि इतनी मजबूत हो गई कि फिल्म निर्माता अब उन्हें गंभीर भूमिकाओं के लिए नहीं सोच पाते।
OTT ने दी करियर को नई उम्मीद
समझने वाली बात यह है कि अब स्थितियां बदल रही हैं। अर्चना अब राजकुमार राव के साथ फिल्म ‘टोस्टर’ में नजर आने वाली हैं। उनका कहना है कि चूंकि अब कपिल शर्मा का शो नेटफ्लिक्स पर सीजन के आधार पर शूट होता है, इसलिए उनके पास अब दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए वक्त निकालना आसान हो गया है।
राजकुमार राव के साथ यह उनका दूसरा काम है। इससे पहले वे ‘विकी विद्या का वो वाला वीडियो’ में साथ नजर आए थे। आगे वे वेब सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ में के के मेनन के साथ भी काम करेंगी।
फिल्म इंडस्ट्री का यह चेहरा
यह सवाल उठता है कि क्या बॉलीवुड में टाइपकास्टिंग की समस्या आज भी उतनी ही गंभीर है? अर्चना का अनुभव इसी ओर इशारा करता है। एक अनुभवी और प्रतिभाशाली एक्ट्रेस को सिर्फ इसलिए काम नहीं मिल रहा क्योंकि उन्होंने एक सफल टीवी शो का हिस्सा बनना चुना।
इससे साफ होता है कि फिल्म मेकर्स अभी भी टीवी और सिनेमा को अलग-अलग खानों में बांटकर देखते हैं। हालांकि, OTT के आने से अब ऐसी दीवारें टूटने लगी हैं और कलाकारों को अलग-अलग तरह के रोल्स मिल रहे हैं।
क्या यही है नई शुरुआत?
अर्चना की आने वाली फिल्में और वेब सीरीज उनके लिए एक नया अध्याय साबित हो सकती हैं। राहत की बात यह है कि अब नेटफ्लिक्स पर कपिल का शो सीजन फॉर्मेट में आता है जिससे उन्हें अपने अभिनय के सपने फिर से संजोने का मौका मिल रहा है।
और बस यहीं से शुरू हुई है अर्चना की दूसरी पारी। उम्मीद की किरण यह है कि वेब प्लेटफॉर्म और नए युग के निर्देशक शायद उन्हें वह मौका दें जो मुख्यधारा सिनेमा नहीं दे पाया।
मुख्य बातें (Key Points):
- अर्चना पूरन सिंह ने द कपिल शर्मा शो की व्यस्तता के चलते स्कॉटलैंड में 25 दिन की फिल्म शूटिंग छोड़ी
- बार-बार मना करने से फिल्म मेकर्स ने उन्हें काम देना बंद कर दिया
- इंडस्ट्री अब उन्हें सिर्फ ‘हंसने वाली जज’ के रूप में देखती है, एक्टर के रूप में नहीं
- 42 साल के करियर में 100 से ज्यादा फिल्में की हैं
- अब राजकुमार राव की फिल्म ‘टोस्टर’ और वेब सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ में नजर आएंगी













