नई दिल्ली, 06 अगस्त (The News Air): बांग्लादेश के हालात को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई संसद भवन परिसर में सर्वदलीय बैठक शुरू हो गई है। इस सर्वदलीय बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और जेपी नड्डा मौजूद हैं। वहीं अन्य राजनीतिक दलों की बात करें तो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, डीएमके से टी आर बालू, सपा से रामगोपाल यादव, टीएमसी से सुदीप बंदोपाध्याय, बीजेडी से सस्मित पात्रा सहित लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स बैठक में शामिल है।
- बांग्लादेश के हालात पर सर्वदलीय बैठक संसद भवन में शुरू हो गई
- इस सर्वदलीय बैठक में सरकार की तरफ से कई बड़े नेता मौजूद हैं
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दी जानकारी
बताया जा रहा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बैठक में शामिल सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को बांग्लादेश के हालात और भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। आपको बता दें कि बांग्लादेश के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने आधिकारिक आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की उच्चस्तरीय महत्वपूर्ण बैठक भी की थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी को बांग्लादेश के पूरे हालात की जानकारी दी गई थी।
कैबिनेट की बैठक में ये नेता रहे शामिल
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की उस उच्चस्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा कई अन्य उच्च अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत आईं शेख हसीना के साथ अपनी बैठक, बांग्लादेश के ताजा राजनीतिक हालात और वहां पर जारी लगातार हिंसा की स्थिति से जुड़े तथ्यों से अवगत कराया था। पिछले दो दिनों में हसीना सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं। देश में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके तहत 1971 के मुक्ति संग्राम में लड़ने वालों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित हैं। देश भर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने सेना और पुलिस दोनों से गोली न चलाने को कहा है। सेना ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और हिंसा बंद करने का आग्रह किया। उन्होंने सभी लोगों के लिए “न्याय” का संकल्प व्यक्त किया। सेना प्रमुख की घोषणा के तुरंत बाद, सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और हसीना के निष्कासन का जश्न मनाने लगे। इससे पहले, सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के सरकारी आवास ‘गणभवन’ में घुस गए। फुटेज में प्रदर्शनकारियों को हसीना के सरकारी आवास में लूटपाट करते दिखाया गया और उनमें से कुछ को ‘गणभवन’ आवास से कुर्सियां और सोफा ले जाते हुए देखा गया।
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