LIVE | ...
सोमवार, 29 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - NEWS-TICKER - श्री अकाल तख्त साहिब में AAP सरकार की खुली पोल: मंत्रियों ने माना बिना पढ़े किए बिल पर हस्ताक्षर, लाइव प्रसारण बंद कराने पर विवाद

श्री अकाल तख्त साहिब में AAP सरकार की खुली पोल: मंत्रियों ने माना बिना पढ़े किए बिल पर हस्ताक्षर, लाइव प्रसारण बंद कराने पर विवाद

शिरोमणि अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का बड़ा हमला - कहा गुरु दोखी भगवंत मान ने अपनी करतूत छुपाने के लिए न्यूज चैनलों पर लाइव बंद करवाया, मंत्री बलजीत कौर और विधायकों ने स्वीकारा कि बिल की जानकारी नहीं थी

Ajay Kumar by Ajay Kumar
सोमवार, 29 जून 2026
in NEWS-TICKER, पंजाब
A A
0
Bikram Singh Majithia
104
SHARES
693
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Akal Takht AAP Ministers Hearing : पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। श्री अकाल तख्त साहिब की पेशी के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्रियों और विधायकों ने ऐसे खुलासे किए हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को बड़े संकट में डाल दिया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों और विधायकों से अपना पर्दाफाश होता देख सच पर पर्दा डालने के लिए न्यूज चैनलों पर लाइव प्रसारण ही बंद करवा दिया।

देखा जाए तो यह केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं है। यह सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था की मर्यादा, श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ लाए गए बिल की पारदर्शिता और मीडिया की स्वतंत्रता का बड़ा सवाल है।

श्री अकाल तख्त साहिब की पेशी – क्या हुआ?

समझने वाली बात यह है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने AAP सरकार के मंत्रियों और विधायकों को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ लाए गए बिल को लेकर तलब किया था। यह बिल पंजाब विधानसभा में पारित किया गया था, लेकिन जत्थेदार साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से बिना परामर्श के।

पेशी के दौरान चौंकाने वाले खुलासे:

मंत्री बलजीत कौर का स्वीकार:

  • “बिना पढ़े बिल पर हस्ताक्षर करके गलती हो गई”
  • यह स्वीकारोक्ति सीधे तौर पर दर्शाती है कि मंत्रियों को बिल की जानकारी नहीं थी

विधायक जगरूप सिंह और कुलवंत सिंह का बयान:

  • “कानून बिना पढ़े ही हस्ताक्षर कर दिए”
  • यह दर्शाता है कि यह एक व्यक्तिगत गलती नहीं, बल्कि व्यवस्थागत समस्या है

दिलचस्प बात यह है कि जब जत्थेदार साहिब ने “Custodian” (संरक्षक) की परिभाषा के बारे में पूछा, तो कोई भी मंत्री या विधायक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। यह बिल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू था, जिसके बारे में खुद कानून बनाने वालों को जानकारी नहीं थी!

लाइव प्रसारण बंद कराना – मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जैसे ही AAP मंत्रियों और विधायकों के झूठ का पर्दाफाश होने लगा, अचानक न्यूज चैनलों पर लाइव प्रसारण बंद हो गया। मजीठिया ने आरोप लगाया:

“गुरु दोखी भगवंत और उसके चेले श्री अकाल तख्त साहिब की हाज़िरी में अपने पापों का घड़ा फूटा देख, सच को दबाने के लिए लाइव बंद करवाकर गुनाह में भागीदार बन गए।”

जत्थेदार साहिब ने की निंदा:

  • मौके पर ही जत्थेदार साहिब ने इसे “सेंसरशिप” करार दिया
  • सरकार के मंत्रियों से कहा गया कि चैनलों को फोन करके लाइव प्रसारण शुरू करवाया जाए
  • लेकिन किसी मंत्री ने हिम्मत नहीं की (मुख्यमंत्री के डर से)

समझने की जरूरत यह है कि यह सिर्फ मीडिया की आजादी का गला घोंटना नहीं, बल्कि सिख कौम की सर्वोच्च संस्था की मर्यादा को सीधी चुनौती है।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी बिल – क्या था विवाद?

अगर गौर करें तो यह पूरा मामला “श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी” के खिलाफ लाए गए बिल से शुरू हुआ। मजीठिया ने आरोप लगाया:

बिल की खामियां:

  1. अधूरा बिल था – पूरी तरह से तैयार नहीं किया गया
  2. दिल्ली के इशारे पर – AAP नेतृत्व के दबाव में लाया गया
  3. सियासी लाभ के लिए – चुनावी फायदे के लिए जल्दबाजी में पेश किया
  4. श्री अकाल तख्त साहिब से परामर्श नहीं – सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था से बातचीत नहीं की
  5. SGPC से विचार-विमर्श नहीं – गुरुद्वारा प्रबंधन से सहमति नहीं ली
  6. अपने मंत्रियों से भी छुपाया – खुद सरकार के सदस्यों को जानकारी नहीं दी

“Custodian” विवाद:

बिल में “Custodian” (संरक्षक) शब्द का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन जब जत्थेदार साहिब ने इसकी परिभाषा पूछी, तो:

  • कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला
  • मंत्री और विधायक अनभिज्ञ थे
  • यह दर्शाता है कि बिल ठीक से तैयार नहीं किया गया था
बिक्रम सिंह मजीठिया का तीखा हमला

समझने वाली बात यह है कि मजीठिया ने बेहद कड़े शब्दों में मुख्यमंत्री पर हमला बोला। उनकी भाषा धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर थी:

मजीठिया के मुख्य आरोप:

1. “गुरु दोखी” (गुरु के साथ विश्वासघात करने वाला):

  • यह सिख धर्म में सबसे गंभीर आरोप है
  • मजीठिया ने मुख्यमंत्री को “ज़करिया खान का वारिस” कहा (18वीं सदी का मुगल गवर्नर जो सिखों का दमन करता था)

2. “पंथ विरोधी”:

  • सिख पंथ के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप
  • श्री अकाल तख्त साहिब की अवमानना

3. “अहंकार में डूबा हुआ”:

  • “गुरु की ओर तीर चलाने की हिमाकत”
  • “पापों का घड़ा भर चुका है”

4. “दिल्ली वालों का इशारा”:

  • AAP के राष्ट्रीय नेतृत्व के दबाव में काम करने का आरोप
  • पंजाब के हितों की बजाय पार्टी के फायदे को प्राथमिकता
शिरोमणि अकाली दल विधायक गनीव कौर का पक्ष

दिलचस्प बात यह है कि SAD की विधायक बीबा गनीव कौर ने बताया कि उन्होंने बिल पर वोटिंग के समय विधानसभा में जाने से क्यों इनकार किया:

गनीव कौर के तर्क:

1. श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा:

  • बिना श्री अकाल तख्त साहिब और SGPC की मंजूरी के बिल पास किया जा रहा था
  • सर्वोच्च संस्था की मर्यादा बनाए रखने के लिए सदन में नहीं गईं

2. महिलाओं का निरादर:

  • विधानसभा में मुख्यमंत्री और उनके विधायकों द्वारा महिलाओं का निरादर
  • बोलने का मौका तक नहीं दिया जाता
  • गैर-हाज़िर रहकर अपना रोष जताना सही समझा

यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है क्योंकि यह दर्शाता है कि विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सिद्धांत आधारित था।

न्यूज चैनलों का बॉयकॉट – मजीठिया की अपील

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मजीठिया ने एक बड़ी अपील की:

“गुरु दोखी मुख्यमंत्री के इशारे पर श्री अकाल तख्त साहिब से माथा लगाकर बेअदबी बारे हुई चर्चा का लाइव प्रसारण बंद करने वाले चैनलों का सारी नानक नाम लेवा संगत, सिख संगत और अन्य को बॉयकॉट करना चाहिए।”

यह एक गंभीर कदम है क्योंकि:

  • यह मीडिया पर सामाजिक दबाव बनाने का प्रयास है
  • सिख समुदाय से अपील की गई है
  • सरकार के दबाव में आने वाले मीडिया की आलोचना
पंजाब में धार्मिक-राजनीतिक समीकरण

समझने की जरूरत यह है कि पंजाब में धर्म और राजनीति गहराई से जुड़े हुए हैं। श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका केवल धार्मिक नहीं है:

श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता:

पहलूमहत्व
धार्मिकसिख धर्म की सर्वोच्च संस्था
राजनीतिकपंजाब की राजनीति में निर्णायक भूमिका
सामाजिकसिख समुदाय का मार्गदर्शन
न्यायिकधार्मिक मामलों में फैसले देना

जब कोई सरकार श्री अकाल तख्त साहिब की अवमानना करती है या उसे नजरअंदाज करती है, तो यह राजनीतिक आत्मघात हो सकता है।

पिछली सरकारों से तुलना – क्या अलग है?

दिलचस्प बात यह है कि पंजाब के इतिहास में कई सरकारों ने श्री अकाल तख्त साहिब से टकराव की कीमत चुकाई है:

कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार (2017-2021):

  • 2015 की बेअदबी घटनाओं पर कार्रवाई में देरी
  • सिख समुदाय में असंतोष
  • 2022 चुनावों में भारी हार

अकाली दल-BJP गठबंधन (2007-2017):

  • 2015 की बेअदबी घटनाओं में कथित विफलता
  • 2017 में सत्ता से बाहर

वर्तमान AAP सरकार:

  • श्री अकाल तख्त साहिब को नजरअंदाज करने का आरोप
  • मंत्रियों का पर्दाफाश
  • संभावित राजनीतिक नुकसान
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया – क्या कह रही है जनता?

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है:

Twitter/X पर:

  • #AkalTakht ट्रेंड कर रहा है
  • #GuruDrohi हैशटैग वायरल
  • AAP समर्थक और विरोधी दोनों सक्रिय

Facebook पर:

  • सिख समुदाय के ग्रुप्स में गरमागरम बहस
  • वीडियो क्लिप्स वायरल
  • लाइव बंद होने के वीडियो शेयर हो रहे हैं

पंजाब की जमीन पर:

  • गुरुद्वारों में चर्चा
  • समुदाय में असंतोष के संकेत
आगे क्या होगा? राजनीतिक भविष्य

समझने वाली बात यह है कि इस विवाद के कई संभावित परिणाम हो सकते हैं:

परिदृश्य 1: सरकार झुकती है

  • मुख्यमंत्री माफी मांगते हैं
  • बिल वापस लिया जाता है
  • श्री अकाल तख्त साहिब से नया परामर्श शुरू होता है

परिदृश्य 2: टकराव जारी रहता है

  • सरकार अपने रुख पर अड़ी रहती है
  • सिख समुदाय में असंतोष बढ़ता है
  • राजनीतिक संकट गहराता है

परिदृश्य 3: मीडिया भूमिका

यह भी पढे़ं 👇

Ram Mandir

Ram Mandir चढ़ावा चोरी: Supreme Court ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, 12-17 जुलाई में होगी सुनवाई

सोमवार, 29 जून 2026
Sonam Wangchuk hunger strike

NEET Paper Leak: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन कुचलने की तैयारी? किसान नेता House Arrest

सोमवार, 29 जून 2026
petrol

Petrol ₹120 लीटर की ओर? Commercial Cylinder ₹3000 पार, जानिए कैसे महंगा होगा आपका बजट

सोमवार, 29 जून 2026
Sensex

Stock Market Crash: Sensex 370 अंक टूटा, Iran-US तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

सोमवार, 29 जून 2026
  • जो चैनल लाइव बंद किए, उनका बॉयकॉट
  • स्वतंत्र मीडिया पर दबाव का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठता है

परिदृश्य 4: चुनावी प्रभाव

  • 2027 विधानसभा चुनावों में यह मुद्दा
  • सिख वोट बैंक का रुख बदल सकता है
धर्म, राजनीति और मीडिया – तिकोना संघर्ष

दिलचस्प बात यह है कि यह मामला तीन शक्तियों के बीच संघर्ष दिखाता है:

1. धार्मिक सत्ता (श्री अकाल तख्त साहिब):

  • नैतिक और धार्मिक अधिकार
  • सिख समुदाय पर प्रभाव
  • सरकारों को जवाबदेह ठहराने की शक्ति

2. राजनीतिक सत्ता (AAP सरकार):

  • संवैधानिक अधिकार
  • कानून बनाने की शक्ति
  • प्रशासनिक नियंत्रण

3. मीडिया (चौथा स्तंभ):

  • सूचना का अधिकार
  • सच दिखाने की जिम्मेदारी
  • सरकारी दबाव का शिकार?

जब ये तीनों टकराते हैं, तो लोकतंत्र की असली परीक्षा होती है।


मुख्य बातें (Key Points)

  • श्री अकाल तख्त साहिब की पेशी में AAP मंत्रियों ने माना कि बिना पढ़े बिल पर हस्ताक्षर किए
  • मंत्री बलजीत कौर, विधायक जगरूप सिंह और कुलवंत सिंह का स्वीकार
  • “Custodian” की परिभाषा पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं
  • लाइव प्रसारण अचानक बंद, जत्थेदार साहिब ने की निंदा
  • बिक्रम मजीठिया ने मुख्यमंत्री को “गुरु दोखी” कहा, बॉयकॉट की अपील
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Ram Mandir चढ़ावा चोरी: Supreme Court ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, 12-17 जुलाई में होगी सुनवाई

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Ram Mandir

Ram Mandir चढ़ावा चोरी: Supreme Court ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, 12-17 जुलाई में होगी सुनवाई

सोमवार, 29 जून 2026
Sonam Wangchuk hunger strike

NEET Paper Leak: जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन कुचलने की तैयारी? किसान नेता House Arrest

सोमवार, 29 जून 2026
petrol

Petrol ₹120 लीटर की ओर? Commercial Cylinder ₹3000 पार, जानिए कैसे महंगा होगा आपका बजट

सोमवार, 29 जून 2026
Sensex

Stock Market Crash: Sensex 370 अंक टूटा, Iran-US तनाव और तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

सोमवार, 29 जून 2026
vijayinder singla

Punjab Congress में बड़ा फेरबदल 2-3 दिन में: विजे इंदर सिंगला का संकेत, क्या बदलेगी राजा वड़िंग की कुर्सी?

सोमवार, 29 जून 2026
UK Grooming Gangs

ब्रिटेन का सबसे बड़ा स्कैंडल: ढाई लाख बच्चियों के साथ यौन शोषण, पाकिस्तानी गैंग का खुलासा

सोमवार, 29 जून 2026

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।