साज़िश की ख़बरों पर वायुसेना की अपील, इस रिपोर्ट का इंतज़ार करें, सच सबके सामने होगा


The News Air (नई दिल्ली)- कुन्नूर हेलिकॉप्टर हादसे में साज़िश की आशंका ज़ाहिर कर रहे लोगों से भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपील की है। IAF ने कहा है कि हमने इस हादसे की ट्राई सर्विस इन्क्वायरी शुरू कर दी है। जांच तेज़ी से चल रही है और उसके बाद फैक्ट सामने आ जाएंगे। IAF ने कहा कि तब तक शहीदों की ख़ातिर बेवजह के अंदाज़ों से बचना चाहिए।

IAF का इशारा उन रिपोर्ट्स की तरफ़ था, जिनमें आशंका ज़ाहिर की गई है कि चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर हादसे नहीं, बल्कि किसी साज़िश का शिकार हुआ है। अब ज़रा सवाल-जवाब में समझिए IAF को ऐसी अपील क्यों करनी पड़ी…

हेलिकॉप्टर हादसे की जांच किसे सौंपी गई, रिपोर्ट कब तक आएगी?

ट्राई सर्विस इन्क्वायरी एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अगुआई में की जाएगी। सिंह इंडियन एयर फोर्स की ट्रेनिंग कमांड के कमांडर हैं और वे ख़ुद भी हेलिकॉप्टर पायलट हैं। इस जांच दल में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही टेक्निकल टीम भी शामिल होंगी। जांच हादसे के दिन यानी 8 दिसंबर को ही शुरू हो गई थी। IAF ने तारीख़ नहीं बताई, लेकिन यह कहा है कि जांच के नतीजे जल्द ही सामने आएंगे।

IAF को ऐसी अपील आख़िर क्यों करनी पड़ी?

पहली वजह: कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि जनरल रावत का हेलिकॉप्टर हादसे का नहीं, बल्कि साज़िश का शिकार हुआ है। सेना के कई रिटायर्ड अफ़सरों और ख़ुद भाजपा के सांसदों ने हादसे पर सवाल उठाया है।

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि सेना के बड़े अफ़सर की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत की घटना अपने ही देश में हुई है। उस हेलिकॉप्टर को चलाने वाला स्टाफ़ मिलिट्री का ही था। इसलिए मेरा कहना है कि मिलिट्री पर कोई दबाव नहीं आना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि जो तथ्य हैं उन्हें दबा दिया जाए या जो आधार हैं, उन पर अंकुश लगा दिया जाए। इस जांच के लिए ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो सेना से नहीं हो और सरकार के अधीन भी न हो, वह केवल सुप्रीम कोर्ट का जज ही हो सकता है।

दूसरी वजह: जनरल रावत की तरह ही एक साल पहले ताइवान के मिलिट्री चीफ़ भी विमान हादसे में मारे गए थे। सोशल मीडिया पर कई एक्सपर्ट ने दोनों घटनाओं को जोड़ते हुए कहा कि रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश के पीछे चीन का हाथ हो सकता है, क्योंकि रावत चीन को हर मोर्चे पर मुँहतोड़ जवाब देते थे। ताइवान के मिलिट्री चीफ़ ऑफ़ जनरल स्टाफ़ जनरल शेन यी मिंग भी चीन के ख़िलाफ़ सख़्त रूख अख्तियार कर रहे थे।

कॉन्स्पिरेसी थ्योरी में कितना दम?

भारतीय सेना में 35 साल सर्विस देने वाले रिटायर्ड ब्रिगेडियर सुधीर सावंत ने भास्कर से बातचीत में दावा किया था कि जिस इलाक़े में हादसा हुआ, वहाँ के लोगों का भी LTTE को भरपूर समर्थन रहा है। ऐसे में पूरी आशंका है कि CDS का हेलिकॉप्टर क्रैश एक साज़िश के तहत किया गया हमला हो, जिसमें LTTE के स्लीपर सेल शामिल हों। अगर ये हमला हुआ तो इसमें ISI का भी LTTE को समर्थन और सहयोग हो सकता है।

अब तक की जांच में क्या मिला?

  1. एयर चीफ़ मार्शल वीआर चौधरी ने हादसे वाली जगह का निरीक्षण किया।
  2. हादसे के अगले दिन दुर्घटना वाली जगह से हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स बरामद किया गया।
  3. हेलिकॉप्टर में लगा कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर भी हासिल किया जा चुका है।

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