LIVE | ...
बुधवार, 10 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - 40 के बाद आपको देना चाहिए अपने एस्ट्रोजन लेवल पर ध्यान, जानिए इसे कैसे बैलेंस रखना है

40 के बाद आपको देना चाहिए अपने एस्ट्रोजन लेवल पर ध्यान, जानिए इसे कैसे बैलेंस रखना है

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 8 अगस्त 2023
in Breaking News, NEWS-TICKER, हेल्थ
A A
0
40 के बाद आपको देना चाहिए अपने एस्ट्रोजन लेवल पर ध्यान, जानिए इसे कैसे बैलेंस रखना है
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

आजकल ज्यादातर महिलाओं को हार्मोनल इमबैलेंस की शिकायत रहती है। इन्हीं हॉर्मोन्स में से एक है एस्ट्रोजेन। यह महिलाओं के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स से संबंधित होता है। साथ ही यह फीमेल सेक्सुअल एक्टिविटीज को भी रेगुलेट करता है। आमतौर पर महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजेन इमबैलेंस का सामना करना पड़ता है। परंतु कई ऐसी स्थितियां भी हैं, जैसे लो बॉडी वेट और न्यूट्रिशन की कमी जब मेनोपॉज के अलावा भी महिलाओं को एस्ट्रोजेन असंतुलन का सामना करना पड़ सकता है। खासताैर से 30 और 40 की उम्र के बाद। यहां हम एस्ट्रोजन की आवश्यकता और उसे संतुलित रखने के उपायों के बारे में बता रहे हैं।

इस दौरान कई शारीरिक लक्षण नजर आते हैं, जिन्हें पहचानना और समय रहते इस स्थिति के प्रति सचेत होने बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस स्थिति पर आप स्वयं नियंत्रण पा सकती हैं। इसके लिए केवल आपको अपनी डाइट और नियमित गतिविधियों में कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है।

यह भी पढे़ं 👇

Mahabhoj Novel Analysis

महाभोज: वह उपन्यास जिसने Indian Democracy की असलियत उजागर की

बुधवार, 10 जून 2026
ATM

ATM में Cash खत्म? SBI पर ₹100 करोड़ का गंभीर आरोप

बुधवार, 10 जून 2026
Balirajgarh Archaeological Excavation

बलिराजगढ़: रामायण काल का सबसे बड़ा सबूत?

बुधवार, 10 जून 2026
Financial Union Territor

क्या Mumbai बनेगा India का पहला Financial Union Territory?

बुधवार, 10 जून 2026

हेल्थ शॉट्स ने इस विषय पर मैत्री वुमन की संस्थापक, सीनियर कंसलटेंट गायनोकोलॉजिस्ट और ऑब्सटेट्रिशियन डॉक्टर अंजली कुमार से सलाह ली। उन्होंने एस्ट्रोजेन को संतुलित करने के कुछ प्रभावी टिप्स दिए हैं। तो चलिए जानते हैं इसे किस तरह रखना है संतुलित (how to balance estrogen)।

yoni par pdta hai asar
योनि स्वास्थ्य पर पड़ता है असर. चित्र : एडॉबीस्टॉक

पहले समझें एस्ट्रोजेन इम्बैलेंस होने पर नजर आने वाले लक्षण

टेंडर ब्रेस्ट
रात को पसीना आना
इरेगुलर और मिस्ड पीरियड्स
सेक्स के दौरान अधिक दर्द का अनुभव
सेक्सुअल डिजायर की कमी
मूड स्विंग्स और पीएमएस
हॉट फ्लैशेज
वेट गेन
थकान

अब जानें एस्ट्रोजेन को बैलेंस करने के कुछ प्रभावी टिप्स (how to balance estrogen)

1. डाइट में शामिल करें पर्याप्त प्रोटीन

प्रोटीन न केवल आपके शरीर में एमिनो एसिड की मात्रा को बरकरार रखता है बल्कि यह आवश्यक बॉडी हॉर्मोन्स को भी बढ़ावा देता है। प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा पेप्टाइड हॉर्मोन्स को बढ़ावा देती हैं यह हॉर्मोन भूख को नियंत्रित कर आपको ओवर ईटिंग करने से रोकता है जिससे की आप एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं लेती और आपका वजन संतुलित रहता है। एस्ट्रोजेन को संतुलित रखने के लिए एक्सपर्ट वेट मैनेजमेंट पर ध्यान देने की सलाह देती हैं।

2. वेट मैनेजमेंट है सबसे महत्वपूर्ण

असंतुलित वजन हार्मोनल इम्बैलेंस का एक सबसे बड़ा कारण है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन की माने तो ओबेसिटी रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन जैसे की एस्ट्रोजेन और टेस्टेस्टेरोन के गिरते स्तर का कारण होती है। जिसकी वजह से महिलाओं का ओव्यूलेशन नाकारात्मक रूप से प्रभावित होता है और यह इनफर्टिलिटी का एक सबसे बड़ा कारण हो सकता है।

ऐसे में बैलेंस डाइट और नियमित एक्सरसाइज की मदद से आप अपने वजन को संतुलित करते हुए हॉर्मोन्स को बैलेंस रख सकती हैं। नियमित रूप से खुदको कुछ देर तक सक्रीय रखें, कई बार शारीरिक स्थिरता भी आपके सेक्सुअल और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।

jaane kab hoti hai gut health par dhyaan dene ki jarurat.
जानें कब होती है गट हेल्थ पर है ध्यान देने की जरूरत। चित्र : एडॉबीस्टॉक

3. गट हेल्थ का ध्यान रखें

आपके गट में हजारो प्रकार के अच्छे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जो कई प्रकार के मेटाबोलाइट प्रोड्यूस करते हैं वहीं यह आपके हॉर्मोन्स को नकारात्मक तथा सकारत्मक दोनों ही रूप से प्रभावित कर सकते हैं। पब मेड सेंट्रल के अनुसार गट माइक्रोबायोम इंसुलित रेजिस्टेंस और आपको संतुष्टि प्रदान करते हुए हॉर्मोन्स को रेगुलेट करते हैं।

असंतुलित पाचन क्रिया मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है साथ ही साथ यह आपके वेट गेन का भी कारण बन सकती है। इतना ही नहीं यह इंसुलित रेजिस्टेंस और इन्फ्लेमेशन को भी बढ़ावा देती है। यह सभी फैक्टर रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन एस्ट्रोजेन को असंतुलित कर सकते हैं।

ऐसे में पर्याप्त मात्रा में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें, साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पियें ताकि बॉडी टॉक्सिन्स बाहर निकल आये। इसके अलावा अनहेल्दी खाद्य पदार्थ जैसे की फ्राइड और स्पाइसी फूड्स से पूरी तरह से परहेज करने की कोशिश करें।

4. नियंत्रित रखें शुगर इंटेक

सिमित मात्रा में चीनी का सेवन तमाम रूपों में आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। शुगर अवॉयड करने से डायबिटीज, ओबेसिटी और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है जिससे की हॉर्मोन्स को संतुलित रखना आसान हो जाता है।

इस स्थिति में एडेड शुगर युक्त ड्रिंक या खाद्य पदार्थ दोनों से दुरी बनाये रखें। वहीं आर्टिफीसियल स्वीटनर्स भी परेशानी का कारण बन सकते हैं। एनर्जी ड्रिंक के नाम पर एडेड शुगर युक्त ड्रिंक्स की जगह फ्रेश फ्रूट जूस पियें। हालांकि, फलों के जूस की मात्रा का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।


stress door karne ke upaay
मेंटल और फिजिकल हेल्थ की देखभाल करने के लिए तनाव दूर करना सबसे जरूरी होता है। चित्र : शटरस्टॉक
5. स्ट्रेस मैनेजमेंट और हेल्दी स्लीप है जरुरी

तनाव हार्मोनल असंतुलन का एक बड़ा कारण है, वहीं नींद और तनाव भी एक दूसरे से जुड़े हुए है। यदि आप तनाव में हैं तो आपको नींद की कमी हो सकती है, वहीं यदि आप रात को देर से सोती हैं या उचित नींद नहीं ले रही तो यह तनाव को बढ़ावा दे सकता है। तनाव की स्थिति में स्ट्रेस हॉर्मोन्स का बढ़ता स्तर एस्ट्रोजेन के स्तर को प्रभावित कर सकता है, जिसकी वजह से आपको सेक्स ड्राइव की कमी या वेजिनल ड्राइनेस जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे में स्ट्रेस मैनेजमेंट के तरीकों पर काम करने की आवश्यकता होती है, इसके लिए आप मैडिटेशन कर सकती हैं या चाहें तो खुले वातावरण में कुछ समय बिताएं। इसके अलावा समय से सोने का प्रयास करें। असमय नैप न लें और खुदको शारीरिक रूप से सक्रीय रखें जिससे की नींद प्राप्त करने में आसानी होगी।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

पीएम मोदी ने विपक्षी सांसदों का क्यों किया धन्यवाद, जानिए

Next Post

पंजाब में 25-50% बारिश के आसार: 19 जिलों में आज बादल बरसने का अनुमान

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Mahabhoj Novel Analysis

महाभोज: वह उपन्यास जिसने Indian Democracy की असलियत उजागर की

बुधवार, 10 जून 2026
ATM

ATM में Cash खत्म? SBI पर ₹100 करोड़ का गंभीर आरोप

बुधवार, 10 जून 2026
Balirajgarh Archaeological Excavation

बलिराजगढ़: रामायण काल का सबसे बड़ा सबूत?

बुधवार, 10 जून 2026
Financial Union Territor

क्या Mumbai बनेगा India का पहला Financial Union Territory?

बुधवार, 10 जून 2026
UP Exports 2 Lakh Crore

UP ने तोड़े सारे रिकॉर्ड: Export ₹2 Lakh Crore पार

बुधवार, 10 जून 2026
Oil Tanker

अमेरिकी वारप्लेन ने Oil Tanker पर किया हमला, 24 भारतीयों की जान खतरे में

बुधवार, 10 जून 2026
Next Post
बारिश

पंजाब में 25-50% बारिश के आसार: 19 जिलों में आज बादल बरसने का अनुमान

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया छह पैसे गिरकर 82.81 पर

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया छह पैसे गिरकर 82.81 पर

Credit Score: How to Check Your credit score on Google Pay for free, just follow these steps

Credit Score: Google Pay पर अपना क्रेडिट स्कोर मुफ़्त में कैसे जांचें, बस इन चरणों का पालन करें

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।